बारिश के मौसम में जौनपुर के अस्पतालों में आंखों की समस्या लेकर पहुंचने वाले मरीजों की संख्या बढ़ने लगी है। ज्यादातर मरीजों में आई फ्लू यानी आंखों के संक्रमण से जुड़े लक्षण देखे जा रहे हैं। आंखें लाल होना, पानी बहना, चुभन और हल्की सूजन जैसी शिकायतें आम हो गई हैं। कई लोग शुरुआत में इसे छोटी-मोटी परेशानी मानकर टाल देते हैं, लेकिन समय पर ध्यान न देने पर यह संक्रमण बढ़ सकता है। नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. आकांक्षा यादव ने आई फ्लू की पहचान, इसके गंभीर संकेतों और बचाव के तरीकों पर विस्तार से बताया है।
आई फ्लू में सबसे पहले कौन से लक्षण दिखते हैं
डॉ. आकांक्षा यादव के मुताबिक, आई फ्लू का सबसे शुरुआती और सबसे आम संकेत आंखों का लाल पड़ना है। इसके साथ ही आंखों से लगातार पानी बहना और गड़न-चुभन जैसा एहसास होना भी बेहद सामान्य लक्षण हैं। कुछ मरीजों में आंखों के आसपास हल्की सूजन भी नजर आती है। ये लक्षण अक्सर हल्के होते हैं और कुछ दिनों में अपने आप कम भी हो सकते हैं, इसलिए लोग इन्हें नजरअंदाज कर देते हैं।
ये संकेत मिलें तो सतर्क हो जाएं
डॉ. आकांक्षा यादव ने चेताया कि आई फ्लू के कुछ लक्षण गंभीर रूप भी ले सकते हैं। अगर आंखों में तेज दर्द होने लगे, आंखों से गाढ़ा पदार्थ निकलने लगे या नजर धुंधली महसूस होने लगे, तो इसे मामूली संक्रमण समझकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। ऐसे लक्षण बताते हैं कि संक्रमण बढ़ रहा है और इसके लिए तुरंत चिकित्सकीय जांच जरूरी हो जाती है।
7-8 दिन से ज्यादा लक्षण रहें तो डॉक्टर को दिखाना जरूरी
डॉ. आकांक्षा यादव के अनुसार अगर शुरुआती लक्षण हल्के हों, जैसे थोड़ी चुभन, हल्का पानी आना या मामूली लालपन, तो कुछ दिनों तक सावधानी के साथ स्थिति पर नजर रखी जा सकती है। लेकिन अगर यही लक्षण 7-8 दिन से ज्यादा समय तक बने रहते हैं, तो बिना देर किए डॉक्टर से जांच कराना जरूरी हो जाता है, क्योंकि लंबे समय तक बना रहने वाला संक्रमण आंखों को ज्यादा नुकसान पहुंचा सकता है।
हाथों की सफाई ही सबसे बड़ा बचाव
डॉ. आकांक्षा यादव ने बताया कि आई फ्लू से बचने का सबसे कारगर तरीका हाथों और आंखों की सफाई का ध्यान रखना है। बार-बार गंदे हाथों से आंखों को छूना या रगड़ना संक्रमण को और तेजी से फैला सकता है। इसलिए हाथों को हमेशा साफ रखना चाहिए और आंखों में लालपन या जलन महसूस होने पर उन्हें रगड़ने से बचना चाहिए। आंखों को साफ करने के लिए भी हमेशा साफ कपड़े का ही इस्तेमाल करना चाहिए।
संक्रमित व्यक्ति का तौलिया-रुमाल भूलकर भी न इस्तेमाल करें
घर में अगर किसी सदस्य को आई फ्लू हो जाए, तो उसके संपर्क में आते समय अतिरिक्त सावधानी बरतनी चाहिए। डॉ. आकांक्षा यादव ने साफ कर दिया कि संक्रमित व्यक्ति का तौलिया, रुमाल या आंखों के संपर्क में आने वाली कोई भी दूसरी चीज इस्तेमाल नहीं करनी चाहिए, क्योंकि आई फ्लू एक संक्रामक समस्या है और यह इन्हीं चीजों के जरिए तेजी से एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति तक फैलता है।
डॉक्टर की सीधी सलाह, गंदे हाथों से आंखों को न छुएं
बरसात के मौसम में नमी बढ़ने से संक्रमण फैलने का खतरा भी बढ़ जाता है, इसलिए आंखों की स्वच्छता पर खास ध्यान देने की जरूरत है। डॉ. आकांक्षा यादव ने कहा, "आपको अपने गंदे हाथों से आंखों को बार-बार टच नहीं करना है. हाथों को साफ रखना है, आंखों को साफ करने के लिए साफ कपड़े का इस्तेमाल करना है और आंखों को रगड़ना नहीं है." उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि अगर घर में किसी की आंखें लाल हैं या आई फ्लू के लक्षण दिख रहे हैं, तो उससे थोड़ी दूरी बनाए रखना और उसकी निजी चीजें साझा न करना बेहतर रहता है।
तेज दर्द या धुंधलापन दिखे तो खुद इलाज करने से बचें
डॉ. आकांक्षा यादव ने सलाह दी कि अगर आंखों में तेज दर्द, गाढ़ा पदार्थ निकलना, धुंधला दिखाई देना या ज्यादा सूजन जैसे लक्षण नजर आएं, तो खुद से कोई इलाज करने के बजाय सीधे नेत्र रोग विशेषज्ञ से संपर्क करना चाहिए। समय पर सही जांच और सही सलाह मिलने से समस्या को गंभीर होने से रोका जा सकता है।
बचाव के लिए अपनाएं ये तीन आसान आदतें
डॉ. आकांक्षा यादव ने आई फ्लू से बचाव के लिए तीन आसान आदतें अपनाने की सलाह दी है, हाथों को हमेशा साफ रखें, आंखों को बार-बार न रगड़ें और संक्रमण होने पर अपना तौलिया, रुमाल या अन्य निजी सामान किसी के साथ साझा न करें। इन छोटी-छोटी सावधानियों से बरसात के मौसम में आई फ्लू से खुद को और परिवार को सुरक्षित रखा जा सकता है।


















