पूर्णिया के आयुर्वेदाचार्य नंद कुमार मंडल ने बताए गर्मी में पेट को ठंडा और स्वस्थ रखने के आयुर्वेदिक तरीकेस्वास्थ्य
2 घंटे पहले· 3

पूर्णिया के आयुर्वेदाचार्य नंद कुमार मंडल ने बताए गर्मी में पेट को ठंडा और स्वस्थ रखने के आयुर्वेदिक तरीके

भीषण गर्मी के मौसम में पेट दर्द, गैस और अपच जैसी समस्याओं से बचने के लिए विशेषज्ञों ने घरेलू और प्राकृतिक उपायों को अपनाने की सलाह दी है।

गर्मी का मौसम शुरू होते ही लोगों के सामने पेट से जुड़ी कई तरह की दिक्कतें खड़ी होने लगती हैं। बदलते मौसम और बढ़ते तापमान का सबसे पहला और गहरा असर हमारे पाचन तंत्र पर पड़ता है। इस दौरान बड़ी संख्या में लोग पेट दर्द, सीने में जलन, अपच, गैस बनना और पेट खराब होने जैसी समस्याओं की शिकायत करते हैं। डॉक्टरों का मानना है कि दैनिक जीवन में थोड़ी सी सतर्कता और संतुलित खान-पान की मदद से इन सभी परेशानियों से आसानी से बचा जा सकता है। आज की इस तेज रफ्तार जिंदगी में लोग अपने काम को तो प्राथमिकता देते हैं लेकिन स्वास्थ्य को नजरअंदाज कर देते हैं। समय की कमी के कारण बाहर का खाना, तला-भुना और अत्यधिक मसालेदार भोजन लोगों की दिनचर्या का हिस्सा बन चुका है, जो गर्मी में पेट की खराबी का एक बड़ा कारण बनकर उभरता है।

पूर्णिया जिला औषधालय केंद्र के आयुर्वेदाचार्य डॉ. नंद कुमार मंडल के अनुसार, गर्मियों के दिनों में हमारे शरीर और पेट की अंदरूनी तासीर गर्म हो जाती है। ऐसे नाजुक समय में जब कोई व्यक्ति अधिक तेल, तीखे मसाले, मिर्च और बाहर के गरिष्ठ भोजन का सेवन करता है, तो पेट की समस्याएं तेजी से बढ़ने लगती हैं। इसके परिणामस्वरूप लोगों को लगातार पेट दर्द, खट्टी डकारें, सीने में जलन और अपच का सामना करना पड़ता है। डॉ. मंडल ने स्पष्ट किया कि यदि लोग इस मौसम में अपने खान-पान को लेकर थोड़ा गंभीर रहें, तो वे अपने पेट को पूरी तरह स्वस्थ रख सकते हैं। उनका कहना है कि इंसानी शरीर की अधिकांश बीमारियों का मुख्य केंद्र बिंदु हमारा पेट ही होता है। अगर पाचन क्रिया सही नहीं रहेगी, तो शरीर धीरे-धीरे अन्य गंभीर बीमारियों की गिरफ्त में भी आ सकता है। इसलिए पेट के स्वास्थ्य पर ध्यान देना बेहद आवश्यक है।

ये भी पढ़ें

पेट की तासीर को ठंडा रखने के प्राकृतिक उपाय

डॉ. नंद कुमार मंडल ने बताया कि ग्रीष्म ऋतु में शरीर को भीतर से ठंडा बनाए रखने के लिए ठंडी तासीर वाली प्राकृतिक चीजों का नियमित सेवन करना चाहिए। इससे न केवल शरीर का तापमान नियंत्रित रहता है, बल्कि पेट की कार्यप्रणाली भी दुरुस्त रहती है। उन्होंने सुझाव दिया कि यदि कोई व्यक्ति अपनी दैनिक दिनचर्या में गिलोय का रस, एलोवेरा का जूस, पुदीने का रस, पुदीने की ताजी चटनी, नारियल पानी और दही जैसी चीजों को शामिल करता है, तो उसके पेट की तासीर हमेशा संतुलित बनी रहेगी। ये सभी प्राकृतिक विकल्प पाचन तंत्र को मजबूती प्रदान करते हैं, जिससे एसिडिटी, गैस, अपच और जलन का खतरा काफी हद तक कम हो जाता है। इसके साथ ही, इन प्राकृतिक चीजों के सेवन से शरीर को कई प्रकार के आवश्यक पोषक तत्व भी प्राप्त होते हैं जो गर्मी से लड़ने में मदद करते हैं।

गर्मी में सेहतमंद रहने के लिए जरूरी सलाह

आयुर्वेदाचार्य डॉ. मंडल ने लोगों से विशेष अपील की है कि वे गर्मी के मौसम में शरीर को हाइड्रेटेड रखने के लिए प्रचुर मात्रा में पानी पिएं। इसके अलावा, हमेशा ताजा और सुपाच्य भोजन ही ग्रहण करें। इस मौसम में गरिष्ठ, तेल-मसाले से भरपूर और तले-भुने खाद्य पदार्थों से पूरी तरह दूरी बना लेना ही समझदारी है। इन साधारण और असरदार घरेलू नुस्खों को अपनी जीवनशैली में उतारकर कोई भी व्यक्ति गर्मियों के दौरान पेट की हर समस्या से सुरक्षित रह सकता है और लंबे समय तक खुद को ऊर्जावान और फिट रख सकता है।

सवाल-जवाब

गर्मी के मौसम में पेट से जुड़ी परेशानियां क्यों बढ़ जाती हैं?
गर्मी के कारण शरीर और पेट की अंदरूनी तासीर गर्म हो जाती है। इस मौसम में तीखा, मसालेदार और बाहर का खाना खाने से पाचन तंत्र पर बुरा असर पड़ता है और पेट की बीमारियां बढ़ती हैं।
डॉ. नंद कुमार मंडल ने पेट को ठंडा रखने के लिए किन चीजों के सेवन की सलाह दी है?
उन्होंने नियमित रूप से गिलोय का रस, एलोवेरा का जूस, पुदीने का रस या चटनी, नारियल पानी और दही जैसी ठंडी तासीर वाली चीजों का सेवन करने की सलाह दी है।
कमजोर पाचन तंत्र का हमारे पूरे शरीर पर क्या प्रभाव पड़ता है?
शरीर की अधिकांश बीमारियों की शुरुआत पेट से ही होती है। अगर हमारी पाचन क्रिया सुस्त या खराब रहेगी, तो शरीर धीरे-धीरे दूसरी बीमारियों की चपेट में भी आने लगता है।
गर्मी के दिनों में किस तरह के भोजन से पूरी तरह बचना चाहिए?
गर्मी के दिनों में बहुत अधिक तेल, तीखे मसाले, मिर्च, तले-भुने भोजन और बाहर के गरिष्ठ खाने से पूरी तरह बचना चाहिए क्योंकि ये पेट में जलन और गैस पैदा करते हैं।

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR