ब्लॉक न होंगी धमनियां: अपनी डाइट में शामिल करें ये 4 बेहतरीन ड्रिंक्स, नेचुरल तरीके से साफ होगा प्लाकस्वास्थ्य
2 घंटे पहले· 2

ब्लॉक न होंगी धमनियां: अपनी डाइट में शामिल करें ये 4 बेहतरीन ड्रिंक्स, नेचुरल तरीके से साफ होगा प्लाक

धमनियों में जमा होने वाले प्लाक और खराब कोलेस्ट्रॉल को कम करने के लिए इन 4 नेचुरल ड्रिंक्स को अपनी जीवनशैली का हिस्सा बनाएं।

हमारे शरीर की धमनियां यानी आर्टरीज ऑक्सीजन युक्त खून को पूरे शरीर में पहुंचाने का बेहद महत्वपूर्ण काम करती हैं। हालांकि, समय बीतने के साथ-साथ इनमें वसा, कोलेस्ट्रॉल और कैल्शियम जैसे हानिकारक तत्व जमा होने लगते हैं। इस जमाव को 'प्लाक' कहा जाता है और चिकित्सा विज्ञान में इस स्थिति को 'एथेरोस्क्लेरोसिस' के नाम से जाना जाता है। धमनियों में प्लाक जमा होने से वे धीरे-धीरे संकरी हो जाती हैं, जिससे रक्त का प्रवाह बुरी तरह प्रभावित होता है। इससे आगे चलकर हार्ट अटैक और स्ट्रोक जैसी गंभीर और जानलेवा बीमारियों का खतरा काफी बढ़ जाता है। अपने दिल को सुरक्षित रखने के लिए हम अपनी डाइट में कुछ खास ड्रिंक्स शामिल कर सकते हैं जो धमनियों को स्वस्थ रखने में काफी मददगार साबित होते हैं।

कोलेस्ट्रॉल कम करने में मददगार है ग्रीन टी

ग्रीन टी सेहत के लिए बेहद फायदेमंद मानी जाती है क्योंकि यह एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर होती है। इसमें विशेष रूप से 'कैटेचिन' नामक तत्व पाया जाता है, जो शरीर में मौजूद खराब कोलेस्ट्रॉल (LDL) के स्तर को कम करने में सक्षम है। यह धमनियों में ऑक्सीडेटिव तनाव को भी कम करता है। रोजाना संतुलित मात्रा में ग्रीन टी का सेवन करने से धमनियों की कार्यक्षमता में सुधार होता है और पूरे शरीर में रक्त का प्रवाह बेहतर बना रहता है।

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धमनियों की दीवारों को सुरक्षा देता है अनार का जूस

अनार का जूस शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट्स का एक बेहतरीन स्रोत है। इसमें मौजूद एक्टिव कंपाउंड्स शरीर की सूजन को कम करने और धमनियों की नाजुक दीवारों को किसी भी तरह के नुकसान से बचाने में मदद करते हैं। दिल की सेहत को दुरुस्त रखने के लिए बिना चीनी वाले ताजे अनार के जूस का सेवन करना एक बेहद स्वास्थ्यवर्धक विकल्प माना जाता है जो धमनियों को ब्लॉक होने से बचाता है।

ब्लड प्रेशर नियंत्रित करने के लिए चुकंदर का जूस

चुकंदर के जूस में प्राकृतिक रूप से नाइट्रेट्स पाए जाते हैं। जब हम इसका सेवन करते हैं, तो हमारा शरीर इन नाइट्रेट्स को 'नाइट्रिक ऑक्साइड' में बदल देता है। यह नाइट्रिक ऑक्साइड रक्त वाहिकाओं को आराम देने और उन्हें फैलाने का काम करता है, जिससे रक्त का प्रवाह सुचारू हो जाता है। इसके नियमित सेवन से ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखने और हमारे परिसंचरण तंत्र यानी सर्कुलेशन सिस्टम को मजबूत बनाने में काफी मदद मिलती है।

सूजन कम करने के लिए हल्दी वाला दूध

हल्दी में 'करक्यूमिन' नाम का एक बेहद शक्तिशाली तत्व पाया जाता है, जो अपने एंटी-इंफ्लेमेटरी यानी सूजनरोधी गुणों के लिए दुनिया भर में मशहूर है। यह धमनियों के अंदरूनी हिस्सों में होने वाली सूजन को कम करता है और वसा के बेहतर मेटाबॉलिज्म में सहायता करता है। यदि आप हल्दी वाले गुनगुने दूध में एक चुटकी काली मिर्च मिलाते हैं, तो इससे शरीर में करक्यूमिन का अवशोषण कई गुना बेहतर हो जाता है। यह ड्रिंक कार्डियोवैस्कुलर हेल्थ के लिए बेहद लाभकारी है।

इन चेतावनी भरे लक्षणों को कभी न करें नजरअंदाज

धमनियों में प्लाक जमने की प्रक्रिया बहुत धीमी होती है, इसलिए इसके लक्षण तुरंत दिखाई नहीं देते। हालांकि, यदि आपको सीने में दर्द या भारीपन, सांस लेने में तकलीफ, लगातार थकान महसूस होना, चक्कर आना, हाथ-पैरों में कमजोरी महसूस होना या फिर चलते समय पैरों में तेज दर्द जैसी समस्याएं हो रही हैं, तो इन्हें बिल्कुल भी नजरअंदाज न करें। ऐसी स्थिति में तुरंत किसी योग्य डॉक्टर या हृदय रोग विशेषज्ञ से संपर्क करना और उचित सलाह लेना आवश्यक है।

सवाल-जवाब

एथेरोस्क्लेरोसिस क्या है और यह क्यों खतरनाक है?
यह एक ऐसी स्थिति है जिसमें धमनियों के अंदर वसा, कोलेस्ट्रॉल और कैल्शियम जमा होकर प्लाक बना लेते हैं। इससे धमनियां संकरी हो जाती हैं और रक्त प्रवाह बाधित होता है, जिससे हार्ट अटैक का खतरा बढ़ जाता है।
ग्रीन टी धमनियों के लिए कैसे फायदेमंद है?
ग्रीन टी में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट कैटेचिन खराब कोलेस्ट्रॉल (LDL) को कम करने और ऑक्सीदेवित तनाव घटाकर रक्त प्रवाह को बेहतर बनाने में मदद करता है।
चुकंदर का जूस ब्लड प्रेशर को कैसे नियंत्रित करता है?
चुकंदर में प्राकृतिक नाइट्रेट्स होते हैं जिन्हें शरीर नाइट्रिक ऑक्साइड में बदलता है। यह तत्व रक्त वाहिकाओं को चौड़ा और शिथिल कर रक्त प्रवाह को आसान बनाता है जिससे ब्लड प्रेशर नियंत्रित रहता है।
हल्दी वाले दूध में काली मिर्च मिलाना क्यों जरूरी है?
हल्दी में मौजूद सक्रिय तत्व करक्यूमिन को शरीर आसानी से अवशोषित नहीं कर पाता है। काली मिर्च मिलाने से शरीर में करक्यूमिन का अवशोषण कई गुना बढ़ जाता है।
धमनियों में रुकावट आने के मुख्य लक्षण क्या हैं?
मुख्य लक्षणों में सीने में दर्द या दबाव, सांस फूलना, असामान्य थकान, चक्कर आना, हाथ-पैरों में कमजोरी और चलते समय पैरों में होने वाला तेज दर्द शामिल हैं।

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