गर्मी में स्किन इंफेक्शन से बचना है? पूर्णिया के आयुर्वेद डॉक्टर ने कपड़े धोने और पानी पीने की ये दो आदतें बताईंस्वास्थ्य
2 घंटे पहले· 2

गर्मी में स्किन इंफेक्शन से बचना है? पूर्णिया के आयुर्वेद डॉक्टर ने कपड़े धोने और पानी पीने की ये दो आदतें बताईं

पूर्णिया के जिला औषधालय केंद्र के वरिष्ठ डॉ. नंदकुमार मंडल के मुताबिक कपड़े धोने की जल्दबाजी और गर्म शरीर पर ठंडा पानी पीने जैसी छोटी गलतियां त्वचा रोगों की वजह बन सकती हैं।

त्वचा को स्वस्थ रखने के लिए सिर्फ दवा और महंगे प्रोडक्ट्स की जरूरत नहीं होती। रोजमर्रा की कुछ आदतें भी इसमें बड़ी भूमिका निभाती हैं। दिक्कत यह है कि हम अक्सर बहुत छोटी-छोटी लापरवाही कर बैठते हैं और यही आगे चलकर खुजली, दाने, एलर्जी, फंगल इन्फेक्शन और दूसरी कई त्वचा संबंधी बीमारियों का कारण बन जाती हैं। ऐसी ही कुछ आम गलतियों और उनसे बचने के तरीके पर पूर्णिया के जिला औषधालय केंद्र के वरिष्ठ डॉक्टर नंदकुमार मंडल ने जरूरी सलाह साझा की है।

पसीना और सूती कपड़ों का कनेक्शन

डॉ. नंदकुमार मंडल बताते हैं कि कई लोगों को जरूरत से ज्यादा पसीना आता है और इसी वजह से शरीर पर लाल और चकत्तेदार धब्बे उभर आते हैं। उनका कहना है कि इससे बचने का सबसे आसान रास्ता है कपड़ों के चुनाव पर ध्यान देना। सूती और आरामदायक कपड़े पहनने से शरीर पर पसीना कम बनता है, और जब पसीना कम होगा तो लाल चकत्ते भी नहीं पड़ेंगे।

आयुर्वेद के जानकार डॉ. मंडल जोर देकर कहते हैं कि त्वचा की ज्यादातर परेशानियां साफ-सफाई और सही दिनचर्या से ही दूर रखी जा सकती हैं। उनके मुताबिक अगर आम लोग बस दो बातों का खास ख्याल रखें तो स्किन से जुड़ी कई बीमारियों से आसानी से बचा जा सकता है।

पहली गलती: कपड़ों से साबुन का झाग पूरी तरह न निकालना

डॉक्टर मंडल के अनुसार ज्यादातर लोग कपड़े धोते तो हैं, लेकिन आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में समय की कमी के चलते अक्सर जल्दबाजी हो जाती है। घर पर काम करने वाले स्टाफ भी कई बार कपड़े को एक-दो बार ही धोकर सीधे ड्रायर मशीन में डाल देते हैं या सुखाकर पहन लेते हैं। असली गड़बड़ यहीं होती है। जब कपड़े को डिटर्जेंट या साबुन से धोने के बाद एक-दो पानी में ही निकाल लिया जाता है, तो उसमें साबुन का झाग पूरी तरह नहीं निकल पाता और यही झाग त्वचा के लिए नुकसानदायक बनता है।

इसका हल बताते हुए वे कहते हैं कि कपड़ों को 4 से 5 बार अच्छी तरह धोना चाहिए। इतनी बार धोने पर साबुन का झाग आसानी से पूरी तरह निकल जाता है। इसके बाद ही कपड़े को सुखाकर पहनना चाहिए, ताकि पसीना आने पर भी स्किन को कोई दिक्कत न हो और शरीर पर किसी तरह की समस्या न बने।

दूसरी गलती: गर्म शरीर पर तुरंत ठंडा पानी पीना

डॉ. नंदकुमार मंडल दूसरी अहम बात पानी पीने की आदत से जोड़ते हैं। वे कहते हैं कि लोग ऑफिस, बाजार या कहीं बाहर से घूमकर आते-जाते हैं तो अक्सर शरीर गर्म रहने पर ही फ्रिज का ठंडा पानी निकालकर पी लेते हैं। यह आदत शरीर के लिए पूरी तरह नुकसानदायक है।

उन्होंने साफ-साफ सलाह दी कि गर्म शरीर होने पर तुरंत ठंडे पानी का इस्तेमाल कभी न करें। कम से कम 10 मिनट इंतजार करने के बाद ही ठंडा पानी पिएं। बेहतर यह है कि सबसे पहले सामान्य पानी पिया जाए, इससे शरीर को कहीं ज्यादा फायदा मिलता है।

सवाल-जवाब

कपड़े कितनी बार धोने की सलाह दी गई है?
डॉ. नंदकुमार मंडल के मुताबिक कपड़ों को 4 से 5 बार अच्छी तरह धोना चाहिए, ताकि साबुन का झाग पूरी तरह निकल जाए।
गर्म शरीर पर ठंडा पानी कब पीना चाहिए?
गर्म शरीर होने पर तुरंत ठंडा पानी नहीं पीना चाहिए, कम से कम 10 मिनट इंतजार करना चाहिए और पहले सामान्य पानी पीना बेहतर है।
पसीने से होने वाले लाल चकत्तों से कैसे बचें?
सूती और आरामदायक कपड़े पहनने से पसीना कम बनता है, जिससे शरीर पर लाल और चकत्तेदार धब्बे नहीं पड़ते।
यह सलाह किसने दी है?
यह सलाह पूर्णिया के जिला औषधालय केंद्र के वरिष्ठ और आयुर्वेद के जानकार डॉ. नंदकुमार मंडल ने दी है।
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