टैटू बनवाने का फैशन पड़ सकता है भारी, संक्रमण और गंभीर बीमारियों का है बड़ा खतरास्वास्थ्य
2 घंटे पहले· 3

टैटू बनवाने का फैशन पड़ सकता है भारी, संक्रमण और गंभीर बीमारियों का है बड़ा खतरा

आजकल के दौर में टैटू बनवाना फैशन बन चुका है, लेकिन यह चलन त्वचा के साथ-साथ शरीर के महत्वपूर्ण अंगों के लिए भी बेहद खतरनाक साबित हो सकता है। डॉक्टर के अनुसार, टैटू के कारण न केवल एलर्जी और सोरायसिस का डर रहता है, बल्कि एचआईवी और हेपेटाइटिस जैसी जानलेवा बीमारियां भी फैल सकती हैं।

आज के आधुनिक युग में खुद को स्टाइलिश और अलग दिखाने की होड़ में टैटू बनवाना एक बड़ा फैशन बन चुका है। युवा पीढ़ी टैटू को अपनी पहचान और सुंदरता का प्रतीक मानती है, लेकिन वे इसके गहरे दुष्प्रभावों से पूरी तरह अनजान हैं। टैटू सिर्फ त्वचा पर एक डिजाइन नहीं है, बल्कि यह शरीर के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करने जैसा है, जो भविष्य में गंभीर शारीरिक जटिलताओं का कारण बनता है।

टैटू का स्वास्थ्य पर गहरा असर

जैसे-जैसे समय बीतता है, शरीर पर गुदवाए गए ये टैटू न केवल पुराने होने लगते हैं बल्कि स्वास्थ्य के लिए घातक भी सिद्ध होते हैं। जितना आकर्षक टैटू बाहर से दिखता है, उतना ही अधिक हानिकारक यह शरीर की आंतरिक संरचना के लिए होता है। टैटू बनवाने की प्रक्रिया के दौरान मांसपेशियों और त्वचा को होने वाली क्षति को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। एक बार टैटू बनवाने के बाद अगर इसे हटाने का प्रयास किया जाए, तो त्वचा की स्थिति और भी खराब हो जाती है, जिससे कई तरह के शारीरिक नुकसान झेलने पड़ सकते हैं।

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विशेषज्ञों की चेतावनी

पुलिस अस्पताल के डॉक्टर रोहतास मीणा के अनुसार, टैटू बनाने की प्रक्रिया में त्वचा को सीधे तौर पर चोट पहुंचाई जाती है, जिससे संक्रमण (इंफेक्शन) का खतरा बहुत बढ़ जाता है। उन्होंने बताया कि टैटू के निर्माण में उपयोग की जाने वाली स्याही में कई प्रकार के खतरनाक केमिकल होते हैं, जो हमारी त्वचा की कोशिकाओं के लिए बेहद नुकसानदेह साबित होते हैं।

डॉक्टर रोहतास मीणा का कहना है कि टैटू के कारण स्किन इन्फेक्शन, त्वचा में एलर्जी, और सोरायसिस जैसी समस्याएं आम हो गई हैं। टैटू वाले स्थान पर त्वचा में लालिमा आना, मवाद बनना, और सूजन होना इसके शुरुआती लक्षण हैं। सबसे गंभीर खतरा तब होता है जब टैटू बनाने वाली सुई का उपयोग एक से ज्यादा लोगों पर किया जाता है। इससे हेपेटाइटिस और एचआईवी जैसी गंभीर बीमारियों के फैलने की आशंका बढ़ जाती है।

सावधानी ही बचाव है

डॉक्टर ने स्पष्ट किया है कि टैटू बनवाते समय इस्तेमाल होने वाली स्याही के अलावा टैटू पूरा होने के बाद उसे चमकाने के लिए जो केमिकल लगाए जाते हैं, वे भी त्वचा के लिए हानिकारक होते हैं। टैटू को साफ और आकर्षक दिखाने के चक्कर में शरीर पर लगातार रसायनों का लेप चढ़ाया जाता है। किसी भी व्यक्ति के लिए टैटू बनवाना कभी भी सुरक्षित नहीं होता है, इसलिए विशेषज्ञों की यही सलाह है कि टैटू बनवाने के चलन से जितना हो सके दूरी बनाकर रखी जाए ताकि शरीर के अंगों को इन बीमारियों से बचाया जा सके।

सवाल-जवाब

टैटू बनवाना शरीर के लिए खतरनाक क्यों है?
टैटू बनवाने में उपयोग होने वाली स्याही में हानिकारक केमिकल होते हैं और सुई का दोबारा इस्तेमाल संक्रमण, एचआईवी और हेपेटाइटिस जैसी गंभीर बीमारियों को फैला सकता है।
टैटू के कारण कौन सी त्वचा संबंधी समस्याएं हो सकती हैं?
टैटू बनवाने से स्किन इन्फेक्शन, त्वचा में एलर्जी और सोरायसिस जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
टैटू वाले स्थान पर सूजन क्यों आती है?
टैटू बनाते समय त्वचा में चोट लगती है, जिससे वहां सूजन, लालिमा और मवाद जैसी समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं।
क्या टैटू हटाने से त्वचा सुरक्षित रहती है?
नहीं, टैटू हटवाने के दौरान भी त्वचा बुरी तरह खराब हो सकती है और कई तरह के नुकसान झेलने पड़ सकते हैं।

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