तनाव यानी स्ट्रेस अब सिर्फ मानसिक दबाव तक सीमित नहीं रहता। कई लोगों को तनाव के बाद बेचैनी, घबराहट, दिल की धड़कन तेज होना और एंजायटी जैसी दिक्कतें भी घेर लेती हैं। चिकित्सक डॉ. सलीम जैदी के मुताबिक ऐसे मौकों पर सबसे पहले शरीर और दिमाग को शांत करना जरूरी होता है, और सही समय पर अपनाए गए कुछ छोटे-छोटे कदम इस घबराहट को काफी हद तक कम कर सकते हैं।
शरीर की सांस पर रखें ध्यान
जैसे ही बेचैनी महसूस होने लगे, धीरे-धीरे लंबी सांस लेने और छोड़ने की कोशिश करें। इस आदत से नर्वस सिस्टम शांत होता है और मन को राहत मिलती है। यह सबसे तुरंत असर दिखाने वाला तरीका माना जाता है।
चाय-कॉफी पर लगाम, शरीर को रखें एक्टिव
चाय, कॉफी और एनर्जी ड्रिंक में मौजूद कैफीन कुछ लोगों में एंजायटी को और बढ़ा देता है, इसलिए तनाव के दौर में इनकी मात्रा सीमित रखनी चाहिए। साथ ही हल्की वॉक, योग या स्ट्रेचिंग जैसी गतिविधियां तनाव कम करने वाले हार्मोन रिलीज करती हैं, जिससे मूड अपने आप बेहतर होने लगता है।
पानी और नींद का रखें पूरा ख्याल
शरीर में पानी की कमी यानी डिहाइड्रेशन भी बेचैनी और थकान को बढ़ा सकती है, इसलिए दिनभर पर्याप्त पानी पीना जरूरी है। इसी तरह नींद की कमी भी तनाव और एंजायटी को बढ़ाने का बड़ा कारण बनती है, इसलिए रोजाना 7 से 8 घंटे की अच्छी नींद लेने की कोशिश करनी चाहिए।
मन की बात किसी अपने से करें साझा
अगर किसी बात को लेकर तनाव ज्यादा महसूस हो रहा हो, तो उसे दबाकर रखने के बजाय किसी भरोसेमंद दोस्त, परिवार के सदस्य या मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ से बात करनी चाहिए। खुलकर बात करने से मन का बोझ हल्का होता है और स्थिति को समझना आसान हो जाता है।
कब जरूरी है डॉक्टर से मिलना
अगर एंजायटी के लक्षण बार-बार सामने आ रहे हैं, लंबे समय तक बने रहते हैं या रोजमर्रा की जिंदगी को प्रभावित करने लगे हैं, तो डॉक्टर या मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ से सलाह लेना जरूरी हो जाता है। सही मार्गदर्शन और समय पर मिली मदद से इस स्थिति को बेहतर तरीके से संभाला जा सकता है।











