हॉरर फिल्म 'द रिंग' में डरावने भूत 'समारा मोर्गन' और डिज्नी की एनिमेटेड फिल्म 'लिलो एंड स्टिच' में 'लिलो' की आवाज से घर-घर में पहचानी गईं एक्ट्रेस डेवी चेस अब इस दुनिया में नहीं रहीं. 16 जून को महज 35 साल की उम्र में उनका निधन हो गया था. मौत के करीब 15 दिन बाद अब उनकी मौत की असली वजह सामने आई है, जिसने उनके फैंस को गहरा झटका दिया है.
मेडिकल एग्जामिनर की रिपोर्ट में हुआ बड़ा खुलासा
लॉस एंजिल्स काउंटी मेडिकल एग्जामिनर की आधिकारिक रिपोर्ट के मुताबिक, डेवी चेस की मौत की सबसे बड़ी वजह एड्स था. रिपोर्ट में उनकी मौत को नेचुरल यानी प्राकृतिक करार दिया गया है. इसके साथ ही रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि उनकी सेहत बिगड़ने में 'क्रॉनिक पॉलीसब्स्टेंस यूज', यानी एक साथ कई तरह की नशीली दवाओं के लंबे समय तक अत्यधिक सेवन ने भी बड़ी भूमिका निभाई थी. हालांकि अस्पताल में हुई इस मौत को आधिकारिक तौर पर नेचुरल ही घोषित किया गया है.
मैनेजर ने पहले बताई थी मेनिन्जाइटिस और सेप्सिस की बात
डेवी चेस का निधन 16 जून को लॉस एंजिल्स के एक अस्पताल में हुआ था. उस वक्त उनके मैनेजर जॉन रयान जूनियर ने बताया था कि एक्ट्रेस को मेनिन्जाइटिस हुआ था, जिसके बाद उन्हें सेप्सिस हो गया और इलाज के दौरान ही उनकी जान चली गई थी. मेडिकल एग्जामिनर की आधिकारिक रिपोर्ट सामने आने तक लोगों के पास यही जानकारी मौजूद थी.
पिता ने बताया, बेघर होकर गुजार रही थीं आखिरी दिन
डेवी चेस के पिता जॉन डेविड श्वालियर ने 'न्यूयॉर्क टाइम्स' को दिए एक इंटरव्यू में बेहद भावुक खुलासे किए हैं. उन्होंने बताया कि उनकी बेटी अपने आखिरी दिनों में गंभीर आर्थिक तंगी से जूझ रही थीं. वह पूरी तरह बेघर हो चुकी थीं और लॉस एंजिल्स में अपने बॉयफ्रेंड के साथ रह रही थीं. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, वह महज 13 साल की उम्र से ही ड्रग्स की लत का शिकार हो गई थीं.
4 साल की उम्र से अभिनय, 'द रिंग' ने बनाया रातों-रात स्टार
डेवी चेस ने केवल 4 साल की उम्र में ही अभिनय की दुनिया में कदम रख दिया था. महज 7 साल की उम्र में शो 'सबरीना द टीनएज विच' से उन्हें हॉलीवुड में पहला बड़ा ब्रेक मिला था. साल 2002 में आई आइकॉनिक हॉरर फिल्म 'द रिंग' में टीवी स्क्रीन से रेंगते हुए बाहर निकलने वाले डरावने भूत 'समारा मोर्गन' के किरदार ने उन्हें रातों-रात स्टार बना दिया. इस बेहतरीन अभिनय के लिए उन्हें साल 2003 में 'एमटीवी मूवी अवॉर्ड फॉर बेस्ट विलेन' से नवाजा गया था.
'लिलो' की आवाज बनकर जीता एनी अवॉर्ड
साल 2003 में ही डेवी चेस ने डिज्नी की सुपरहिट एनिमेटेड फिल्म 'लिलो एंड स्टिच' में मुख्य किरदार 'लिलो' को अपनी आवाज दी थी, जिसके लिए उन्हें मशहूर 'एनी अवॉर्ड' से सम्मानित किया गया था. इसके अलावा उन्होंने ऑस्कर विजेता जापानी एनीमेशन फिल्म 'स्पिरिटेड अवे' के इंग्लिश वर्जन में भी अपनी आवाज दी थी.
2015-16 के बाद एक्टिंग से दूरी, जिंदगी में आया तूफान
साल 2015-16 के बाद डेवी चेस ने पूरी तरह एक्टिंग की दुनिया से दूरी बना ली थी. इसके बाद उनकी जिंदगी विवादों, ड्रग्स से जुड़े मुकदमों और कानूनी पचड़ों में उलझती चली गई, जिसका अंत बेहद दर्दनाक साबित हुआ.













