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जम्मू-कश्मीर में कैबिनेट विस्तार के बाद नेशनल कॉन्फ्रेंस में नाराजगी, फारूक अब्दुल्ला से मिलेंगे असंतुष्ट विधायकजम्मू-कश्मीर
4 नव॰ 2026, 10:12 pm (4 मिनट पहले)· 0

जम्मू-कश्मीर में कैबिनेट विस्तार के बाद नेशनल कॉन्फ्रेंस में नाराजगी, फारूक अब्दुल्ला से मिलेंगे असंतुष्ट विधायक

जम्मू-कश्मीर की मंत्रिपरिषद में जगह न मिलने से असंतुष्ट नेशनल कॉन्फ्रेंस के विधायकों की शुक्रवार को पार्टी अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला और मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के साथ अहम बैठक होने की उम्मीद है।

जम्मू-कश्मीर की सत्ताधारी पार्टी नेशनल कॉन्फ्रेंस के भीतर हालिया प्रशासनिक फेरबदल के बाद अंदरूनी खींचतान तेज हो गई है। राज्य मंत्रिपरिषद में जगह पाने से वंचित रहे कई विधायक अपनी नाराजगी खुलकर जाहिर कर रहे हैं। इस राजनीतिक असहजता के बीच, असंतुष्ट विधायकों के शुक्रवार, 6 नवंबर को पार्टी के शीर्ष नेता फारूक अब्दुल्ला से मुलाकात करने की प्रबल संभावना बनी हुई है। इस अहम बैठक में मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के भी उपस्थित रहने के आसार हैं, जिसका मुख्य उद्देश्य नाराज चल रहे विधायकों की शिकायतों को सुनना और संगठनात्मक स्तर पर पनप रहे तनाव को शांत करना है।

मंत्रिपरिषद के विस्तार के बाद उभरा असंतोष

पार्टी में उभरे इस मतभेद की जड़ 27 अक्टूबर को हुआ कैबिनेट विस्तार है। इस फेरबदल के जरिए सरकार में 4 नए चेहरों को मंत्री पद की शपथ दिलाई गई थी। इन 4 नए मंत्रियों के शामिल होने के साथ ही केंद्र शासित प्रदेश की मंत्रिपरिषद में मंत्रियों की कुल संख्या 9 तक पहुंच गई, जो कि कानूनन तय की गई अधिकतम स्वीकार्य सीमा है। वैधानिक सीमा पूरी हो जाने के कारण कई वरिष्ठ नेताओं के मंत्री बनने के रास्ते बंद हो गए, जिससे पार्टी के भीतर पद न पाने वाले नेताओं और उनके समर्थकों में बेचैनी बढ़ गई।

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मुबारक गुल को जगह न मिलने पर समर्थकों का प्रदर्शन

इस असंतोष का सबसे तीखा असर ईदगाह विधानसभा सीट से 6 बार के विधायक मुबारक गुल के समर्थकों में देखने को मिला। अनुभवी और कद्दावर नेता होने के बावजूद गुल को मंत्रिमंडल में शामिल नहीं किया गया, जिससे नाराज होकर पार्टी के कई कार्यकर्ताओं ने सड़कों पर उतरकर अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया। अपनी बात शीर्ष नेतृत्व तक पहुंचाने के लिए असंतुष्ट विधायकों ने संगठनात्मक और प्रशासनिक मुद्दों को लेकर एक आंतरिक बैठक भी आयोजित की थी, हालांकि उस बैठक में हुई चर्चा के विवरण को पूरी तरह गोपनीय रखा गया।

गुल के खेमे की ओर से पहले बुधवार को पत्रकारों को संबोधित करने का कार्यक्रम तय किया गया था। माना जा रहा था कि इस बातचीत में वे अपनी भावी रणनीति का खुलासा कर सकते हैं, लेकिन फारूक अब्दुल्ला के साथ शुक्रवार को संभावित बैठक तय होने के बाद इस प्रस्तावित प्रेस वार्ता को फौरन रद्द कर दिया गया।

नेशनल कॉन्फ्रेंस ने बगावत के दावों को नकारा

विधायकों के इस असंतोष पर आधिकारिक रुख अपनाते हुए नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेतृत्व ने किसी भी किस्म के आंतरिक विद्रोह या सरकार के लिए बाहरी राजनीतिक खतरे की बातों को पूरी तरह सिरे से खारिज कर दिया है। संगठन ने शुक्रवार को होने वाली विधायकों की बातचीत को महज एक सामान्य सामाजिक भेंट करार दिया है।

इसके साथ ही हजरतबल क्षेत्र से विधायक सलमान सागर ने भी बुधवार को आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में पार्टी के भीतर किसी भी तरह की नाराजगी या बगावत की खबरों को कमतर आंका। उन्होंने स्पष्ट किया कि पार्टी पूरी तरह एकजुट है और यह सारी चर्चाएं केवल उन तत्वों की ओर से फैलाई जा रही हैं जिनके अपने निहित स्वार्थ जुड़े हुए हैं।

सवाल-जवाब

नेशनल कॉन्फ्रेंस के असंतुष्ट विधायक किससे मिलने जा रहे हैं?
असंतुष्ट विधायक शुक्रवार, 6 नवंबर को पार्टी अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला से मुलाकात करेंगे, जिसमें मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के भी मौजूद रहने की उम्मीद है।
पार्टी के भीतर असंतोष का मुख्य कारण क्या है?
27 अक्टूबर को हुए कैबिनेट विस्तार में मंत्रिपरिषद में जगह न मिलने के कारण कई वरिष्ठ विधायक नाराज हैं।
जम्मू-कश्मीर में मंत्रियों की अधिकतम संख्या कितनी हो सकती है?
जम्मू-कश्मीर मंत्रिपरिषद में सदस्यों की अधिकतम कानूनी सीमा 9 तय की गई है, जो 4 नए मंत्रियों के शामिल होने के बाद पूरी हो चुकी है।
किस वरिष्ठ विधायक के समर्थक विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं?
ईदगाह विधानसभा क्षेत्र से 6 बार के विधायक मुबारक गुल को मंत्रिमंडल में शामिल न किए जाने पर उनके समर्थक कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया।
क्या मुबारक गुल के गुट ने कोई प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी?
गुल के खेमे ने पहले बुधवार को मीडिया से मिलने की घोषणा की थी, लेकिन फारूक अब्दुल्ला से शुक्रवार की बैठक तय होने के बाद उसे रद्द कर दिया गया।
बगावत की खबरों पर नेशनल कॉन्फ्रेंस का क्या रुख है?
पार्टी ने किसी भी तरह के आंतरिक विद्रोह के दावों को खारिज करते हुए प्रस्तावित बातचीत को एक सामान्य सामाजिक मुलाकात बताया है।
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