अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कानून से भाग रहे अपराधियों पर नकेल कसने की मुहिम के तहत भारतीय जांच एजेंसियों को एक अहम कामयाबी हासिल हुई है। राजधानी दिल्ली में एक युवती के साथ हुए गंभीर यौन अपराध के मामले में लंबे समय से फरार चल रहे आरोपी सजीर पल्ली मूप्पम को संयुक्त अरब अमीरात (UAE) से प्रत्यर्पित कर 4 नवंबर 2026 को भारत वापस लाया गया है। केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) और इंटरपोल के अंतरराष्ट्रीय तंत्र के साथ मिलकर दिल्ली पुलिस ने इस कानूनी प्रत्यर्पण की प्रक्रिया को अंजाम दिया है।
युवती को नशीला पदार्थ देकर वारदात को दिया गया था अंजाम
इस पूरे मामले की पृष्ठभूमि एक गंभीर आपराधिक घटना से जुड़ी है। आरोपी सजीर पल्ली मूप्पम पर आरोप है कि उसने एक 20 वर्षीय युवती को धोखे से कोई नशीला पदार्थ खिलाकर बेसुध कर दिया और फिर उसके साथ जबरन शारीरिक दुराचार किया। इस घिनौने अपराध में उसका एक साथी भी पूरी तरह शामिल रहा। वारदात की योजना इस तरह तैयार की गई थी कि पकड़े जाने का खतरा कम से कम हो।
वारदात को अंजाम देने के लिए आरोपियों ने युवती के बेहोश होने के बाद एक होटल में कमरा बुक कराया था। होटल में ठहरने के लिए आरोपियों ने फर्जीवाड़ा करते हुए किसी अन्य अनजान व्यक्ति के पहचान पत्रों का इस्तेमाल किया था ताकि उनकी खुद की असली पहचान सामने न आ सके। घटना की सूचना मिलने के बाद जब जांच शुरू हुई, तो मेडिकल रिपोर्ट और फॉरेंसिक विश्लेषण में दुष्कर्म की पुष्टि करने वाले कई ठोस सबूत सामने आए। दिल्ली पुलिस ने व्यापक पड़ताल पूरी कर संबंधित अदालत में आरोप पत्र (चार्जशीट) भी दाखिल कर दिया था, लेकिन सजीर पल्ली मूप्पम भारतीय कानून से बचने के लिए देश छोड़कर विदेश भागने में कामयाब हो गया था।
रेड कॉर्नर नोटिस के जरिए यूएई में कसा गया शिकंजा
आरोपी के देश से भाग जाने के बाद दिल्ली पुलिस ने विशेष पहल की और सीबीआई से संपर्क साधा। भारत में इंटरपोल के नोडल चैनल के रूप में काम करने वाली सीबीआई ने वैश्विक स्तर पर सजीर पल्ली मूप्पम के खिलाफ 'रेड कॉर्नर नोटिस' जारी करवाया। इस अंतरराष्ट्रीय अलर्ट के आधार पर संयुक्त अरब अमीरात की सुरक्षा एजेंसियों ने स्थानीय स्तर पर तलाश कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तारी के बाद दोनों देशों के बीच तय कानूनी प्रावधानों और औपचारिक प्रत्यर्पण औपचारिकताओं को पूरा किया गया। इसके बाद दिल्ली पुलिस की एक विशेष टीम आरोपी को वापस लाने के लिए यूएई भेजी गई थी। यह पुलिस टीम सजीर पल्ली मूप्पम को अपनी औपचारिक हिरासत में लेकर 4 नवंबर को राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली पहुंच चुकी है, जहां अब उसके खिलाफ लंबित अदालती मुकदमों की सुनवाई आगे बढ़ाई जाएगी।
विदेशी एजेंसियों के साथ समन्वय से 278 से अधिक भगोड़े लाए गए भारत
विदेशों में पनाह तलाशने वाले आर्थिक और आपराधिक अपराधियों को वापस लाने के मामले में केंद्रीय जांच एजेंसी की यह कार्रवाई एक व्यापक रणनीति का हिस्सा है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2019 से लेकर अब तक सीबीआई ने इंटरपोल और विभिन्न देशों की कानून प्रवर्तन एजेंसियों के साथ नजदीकी तालमेल बनाकर 278 से अधिक भगोड़े अपराधियों को सफलतापूर्वक भारत वापस पहुंचाया है। कानूनी एजेंसियों के इस सतत नेटवर्क से यह साफ संकेत गया है कि गंभीर अपराध करके सीमा पार भागने वाले किसी भी आरोपी के लिए कानून के लंबे हाथों से बच पाना आसान नहीं है।



















