जम्मू-कश्मीर की सियासत में नेताओं के प्रति समर्थकों के गहरे जुड़ाव की कई तस्वीरें सामने आती हैं, लेकिन किश्तवाड़ के एक नौजवान ने अपने नेता के समर्थन में एक अनूठा फैसला लिया। सीनियर नेशनल कॉन्फ्रेंस नेता आगा सैयद रूहुल्लाह मेहदी द्वारा अपने पद से इस्तीफे के औपचारिक ऐलान के मौके पर आयोजित कार्यक्रम में शरीक होने के लिए एक दूल्हे ने अपनी तय शादी टाल दी। अबरार अहमद नाम के इस युवक ने परिवार के सबसे बड़े निजी जश्न के बजाय अपने पसंदीदा नेता की जनसभा को पहली प्राथमिकता दी।
3 नवंबर को तय थी बारात, चेनाब घाटी से बडगाम पहुंचे अबरार
अबरार अहमद का विवाह 3 नवंबर को होना निश्चित हुआ था। इसी तारीख को आगा सैयद रूहुल्लाह मेहदी ने अपने पद से आधिकारिक रूप से अलग होने की घोषणा करने के लिए एक सभा रखी थी। संयोगवश यह दिन रूहुल्लाह के पिता की पुण्यतिथि का भी था। विवाह समारोह में शामिल होने के बजाय अबरार ने तारीख को आगे बढ़ाने का फैसला किया। इसके बाद वह चेनाब घाटी के किश्तवाड़ इलाके से लगभग 300 किलोमीटर की लंबी दूरी नापकर सीधे बडगाम में आयोजन स्थल पर पहुंचे।
रूहुल्लाह को अन्य नेताओं से अलग बताया
बडगाम में सभा के दौरान अबरार अहमद ने खुलकर अपनी बात रखी और बताया कि वह रूहुल्लाह को जम्मू-कश्मीर के बाकी सियासी चेहरों से बेहद जुदा क्यों मानते हैं। अबरार के अनुसार रूहुल्लाह कुर्सी या सत्ता के मोह के मुकाबले अपने सिद्धांतों और कथनी को ऊपर रखते हैं। नौजवान ने कहा,
"वह पावर से ज्यादा अपनी बातों को महत्व देते हैं। वह अपनी बातों पर खरे उतरते हैं। इसीलिए उन्होंने इस्तीफा दिया।"
शादी टल सकती थी पर रैली नहीं
अबरार ने साफ शब्दों में स्पष्ट किया कि उनके व्यक्तिगत जीवन के बड़े फैसले पर इस राजनीतिक घटनाक्रम की अहमियत भारी पड़ी। उनके मुताबिक उनके लिए इस ऐतिहासिक सभा में मौजूद रहना निकाह की रस्म पूरी करने से कहीं अधिक जरूरी बन गया था। उन्होंने कहा,
"रैली टाली नहीं जा सकती थी, इसलिए मैंने अपनी शादी टाल दी।"किश्तवाड़ से बडगाम तक की इस यात्रा और फैसले ने आयोजन में मौजूद तमाम लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया।



















