झारखंड के बोकारो जिले में इन दिनों गणपति उत्सव की धूम पूरे चरम पर है। यहां के सेक्टर-4 सिटी सेंटर में गणेश मंडली व्यापारी संघ की ओर से एक ऐसा भव्य आयोजन किया गया है, जिसे देखकर लोग हैरान रह गए हैं। इस पंडाल को बिल्कुल दिल्ली के ऐतिहासिक लाल किले की तर्ज पर तैयार किया गया है, जिसकी भव्यता ऐसी है कि देखने वाले को एक पल के लिए यह अहसास होता है कि वह झारखंड में नहीं बल्कि सीधे राजधानी दिल्ली पहुंच गए हैं। इस अनोखे और विशाल निर्माण ने शहर भर के श्रद्धालुओं का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है और यह उत्सव का मुख्य केंद्र बन गया है।
प्रोजेक्टर मैपिंग और देशभक्ति का अनूठा संगम
इस बार के आयोजन की सबसे बड़ी विशेषता यहाँ की अत्याधुनिक प्रोजेक्टर मैपिंग तकनीक है। बोकारो के इतिहास में यह पहला मौका है जब किसी गणेश पंडाल पर इस तरह की प्रोजेक्टर मैपिंग का प्रदर्शन किया जा रहा है। इसके माध्यम से पंडाल की दीवारों पर देशभक्ति से ओतप्रोत मनमोहक दृश्य उकेरे जा रहे हैं, जो यहाँ आने वाले हर दर्शक के लिए एक बड़ा आकर्षण साबित हो रहे हैं। प्रकाश और कला के इस अद्भुत तालमेल को देखने के लिए लोग दूर-दूर से पहुँच रहे हैं।
प्रोजेक्टर मैपिंग के इस कार्यक्रम के दौरान पृष्ठभूमि में गूंजता देशभक्ति संगीत, भारतीय वायुसेना के शौर्य की गाथाएँ, आन-बान-शान का प्रतीक तिरंगा और विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दिखाई जाती हैं। प्रकाश और जीवंत तस्वीरों के इस खूबसूरत संयोजन से पूरा पंडाल प्रांगण बेहद मनभावन नजर आता है। इसके साथ ही, पंडाल के भीतर ऑपरेशन सिंदूर के दौरान देश की सरहदों की सुरक्षा में अपना बहुमूल्य योगदान देने वाले वीर जवानों को भी विशेष रूप से याद किया गया है, जिससे इस धार्मिक अनुष्ठान में राष्ट्रभक्ति का रंग भी पूरी गहराई से घुल गया है।
विशालकाय पंडाल और 20 फीट ऊंचे बप्पा के दर्शन
आयोजकों की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, इस भव्य पंडाल की कुल ऊँचाई लगभग 60 फीट है और इसकी चौड़ाई करीब 80 फीट रखी गई है। इस विशाल संरचना के भीतर स्थापित भगवान गणेश की प्रतिमा भी बेहद खास है। गणपति बप्पा की यह मूर्ति करीब 20 फीट ऊँची है और इस पर किया गया सुनहरी रंग का काम इसे और भी ज्यादा आकर्षक बनाता है। यह स्वर्ण जैसी चमक वाली प्रतिमा इस पूरे पंडाल की भव्यता और दिव्यता में चार चांद लगा रही है।
भव्य सजावट और इस नायाब आयोजन को अपनी आँखों से देखने के लिए भारी संख्या में श्रद्धालु सेक्टर-4 सिटी सेंटर का रुख कर रहे हैं। विशेष तौर पर शाम ढलते ही जब रंग-बिरंगी रोशनी और प्रोजेक्टर मैपिंग का शो शुरू होता है, तो भारी जनसैलाब उमड़ पड़ता है। पंडाल में पहुँचे लोग अपने मोबाइल फोन के जरिए इस अद्भुत नजारे को कैद करने से नहीं चूक रहे हैं और जमकर वीडियो तथा सेल्फी ले रहे हैं।
पंडाल को देखने पहुँचे एक स्थानीय श्रद्धालु आदर्श ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि बोकारो में इस स्तर का आयोजन इससे पहले कभी देखने को नहीं मिला था। उन्हें यह पंडाल बेहद पसंद आया है और खास तौर पर प्रोजेक्टर मैपिंग तथा देशभक्ति की थीम पर आधारित प्रस्तुतियाँ उनके दिल को छू गई हैं। समय के साथ यहाँ आने वाले लोगों की संख्या में लगातार इज़ाफ़ा हो रहा है। हर उम्र के लोग अपने परिवार और बच्चों के साथ इस सुंदर दृश्य का लुत्फ उठाने के लिए आ रहे हैं।



















