त्वचा की देखभाल के लिए केमिकल युक्त क्रीमों की जगह प्राकृतिक और घरेलू उपायों को अपनाना हमेशा से ही बेहतर विकल्प माना जाता है। उत्तर प्रदेश के आगरा की एक जानी-मानी ब्यूटीशियन ने लोगों को धूप और धूल के कारण चेहरे पर होने वाली टैनिंग तथा दाग-धब्बों से राहत पाने के लिए बेहद असरदार घरेलू नुस्खे सुझाए हैं। बाजार में मिलने वाली महंगी और केमिकल से भरी क्रीमों का इस्तेमाल करने के बजाय यदि रसोई में आसानी से मिलने वाली चीजों का सही तरीके से उपयोग किया जाए, तो त्वचा को बिना किसी नुकसान के प्राकृतिक निखार और सुरक्षा मिल सकती है।
चेहरे की रंगत निखारने के लिए बेसन और दही का लेप बेहद फायदेमंद साबित होता है। बेसन त्वचा पर जमी अवांछित गंदगी और अतिरिक्त तेल को पूरी तरह से साफ करने में मदद करता है, जबकि दही में पाए जाने वाले प्राकृतिक तत्व त्वचा को अंदर से नमी प्रदान करते हैं जिससे वह मुलायम और चमकदार बनती है। इसके साथ ही मुल्तानी मिट्टी का इस्तेमाल भी स्किन के लिए किसी वरदान से कम नहीं है। यह चेहरे की गहराई तक जाकर सफाई करती है, एक्स्ट्रा ऑयल को सोखती है और बंद हो चुके रोमछिद्रों को खोलकर उन्हें पूरी तरह साफ रखती है। हालांकि किसी भी नए घरेलू उपाय को चेहरे पर लगाने से पहले एक छोटा पैच टेस्ट जरूर कर लेना चाहिए ताकि किसी भी तरह की प्रतिक्रिया से बचा जा सके। बिना सोचे-समझे केमिकल वाली क्रीमों का अत्यधिक इस्तेमाल त्वचा के लिए खतरनाक साबित हो सकता है और इससे जलन या एलर्जी जैसी परेशानियां खड़ी हो सकती हैं।
आगरा की प्रसिद्ध ब्यूटीशियन सपना जादौन ने इस बात पर खास जोर दिया है कि बाजार में मिलने वाली तमाम केमिकल युक्त क्रीमों से हमेशा दूरी बनाकर रखनी चाहिए। उनका कहना है कि ये उत्पाद कुछ समय के लिए भले ही चेहरे पर गोरापन और चमक दिखाने का दावा करते हैं, लेकिन लंबे समय में यह त्वचा को अंदर से बेहद कमजोर और खराब कर देते हैं। शुरुआत में इन विज्ञापनों और क्रीमों के बुरे प्रभाव समझ में नहीं आते हैं, लेकिन धीरे-धीरे इसके गंभीर दुष्परिणाम सामने आने लगते हैं। लगातार इस्तेमाल से त्वचा पतली होने लगती है, उस पर जिद्दी दाग-धब्बे उभर आते हैं और लालिमा, जलन व गंभीर एलर्जी जैसी समस्याएं पैदा हो जाती हैं।
सपना जादौन ने यह भी समझाया कि हर इंसान की त्वचा की प्रकृति और बनावट बिल्कुल अलग होती है। इसलिए कभी भी किसी दूसरे व्यक्ति की देखा-देखी या उसकी सलाह पर बिना सोचे-समझे किसी भी क्रीम का इस्तेमाल अपने चेहरे पर नहीं करना चाहिए। यदि किसी व्यक्ति को चेहरे से जुड़ी कोई गंभीर या पुरानी समस्या है, तो उसे बाजार के नुस्खे आजमाने के बजाय किसी योग्य त्वचा रोग विशेषज्ञ यानी डर्मेटोलॉजिस्ट से सलाह लेनी चाहिए और उन्हीं के बताए गए दिशा-निर्देशों का पालन करना चाहिए।
चेहरे की देखभाल को लेकर सपना जादौन ने बताया कि बेसन और दही का मिश्रण तथा मुल्तानी मिट्टी त्वचा के लिए किसी रामबाण औषधि से कम नहीं हैं। इनके इस्तेमाल का कोई साइड इफेक्ट नहीं होता है। जहां मुल्तानी मिट्टी चेहरे को तरोताजा रखती है और गहराई से साफ करती है, वहीं बेसन और दही का पेस्ट चेहरे पर जमी मृत कोशिकाओं यानी डेड स्किन को बाहर निकालता है, त्वचा की रंगत में सुधार करता है और उसे लंबे समय तक कोमल बनाए रखता है।
इन मुख्य उपायों के अलावा एलोवेरा जेल, गुलाब जल, खीरे का रस और शुद्ध शहद जैसे कई अन्य प्राकृतिक और घरेलू विकल्प भी स्किन केयर रूटीन में शामिल किए जा सकते हैं। ये सभी चीजें त्वचा को पोषण देती हैं और उसे स्वस्थ रखती हैं। हालांकि एक बार फिर यह ध्यान रखना जरूरी है कि सबकी स्किन अलग होती है, इसलिए किसी भी घरेलू नुस्खे को चेहरे पर आजमाने से पहले स्किन के एक छोटे से हिस्से पर पैच टेस्ट जरूर करना चाहिए। सपना ने अंत में यही सलाह दी कि बिना किसी जरूरत के केमिकल वाले उत्पादों का इस्तेमाल करने से बचें और यदि त्वचा में कोई बड़ी समस्या हो तो तुरंत किसी डॉक्टर से परामर्श लें।



















