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वैदिक तिथि गणना से उज्जैन के बड़ा गणेश मंदिर में 11 अगस्त को ही मनाया जाएगा स्वतंत्रता दिवसकल्चर
10 अग॰ 2026, 2:40 pm (73 दिन पहले)· 0

वैदिक तिथि गणना से उज्जैन के बड़ा गणेश मंदिर में 11 अगस्त को ही मनाया जाएगा स्वतंत्रता दिवस

उज्जैन का प्रसिद्ध बड़ा गणेश मंदिर इस साल 15 अगस्त के बजाय 11 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस मनाएगा। वैदिक पंचांग की श्रावण कृष्ण चतुर्दशी तिथि के आधार पर मंदिर में वर्षों से राष्ट्रीय पर्व मनाने की अनोखी परंपरा जारी है।

उज्जैन में महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग के समीप स्थित ऐतिहासिक बड़ा गणेश मंदिर इस वर्ष अंग्रेजी कैलेंडर की तय तारीख से चार दिन पहले ही देशभक्ति के माहौल में डूबने जा रहा है। आम तौर पर पूरा देश 15 अगस्त को भारत की आजादी का पर्व मनाता है, लेकिन इस प्रसिद्ध मंदिर में 11 अगस्त को ही स्वतंत्रता दिवस का मुख्य समारोह आयोजित किया जाएगा। यह अनोखा फैसला किसी बदलाव के कारण नहीं, बल्कि मंदिर में दशकों से चली आ रही उस वैदिक परंपरा का हिस्सा है जिसके तहत राष्ट्रीय त्यौहारों की गणना प्राचीन पंचांग और तिथियों के आधार पर की जाती है।

वैदिक पंचांग की तिथि से तय होती है आयोजन की तारीख

मंदिर के पुजारी और ज्योतिषाचार्य पंडित अक्षय व्यास के अनुसार भारत को 15 अगस्त 1947 के दिन ब्रिटिश शासन से आजादी मिली थी। सनातन पंचांग और हिंदू काल गणना के मुताबिक उस ऐतिहासिक दिन श्रावण मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि विद्यमान थी। वर्ष 2024 में श्रावण कृष्ण पक्ष की यही चतुर्दशी तिथि अंग्रेजी कैलेंडर के अनुसार 11 अगस्त को पड़ रही है। इसी गणना का पालन करते हुए बड़ा गणेश मंदिर परिसर में राष्ट्रीय पर्व का भव्य आयोजन 11 अगस्त को करने का निर्णय लिया गया है।

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मंदिर प्रशासन और स्थानीय पुजारियों का मानना है कि जिस प्रकार रक्षाबंधन, होली, दीपावली और रामनवमी जैसे प्रमुख धार्मिक पर्व हर साल अंग्रेजी तारीखों के बजाय तिथियों के अनुसार अलग-अलग दिन आते हैं, ठीक उसी तरह राष्ट्रीय पर्वों को भी उनकी मूल वैदिक तिथि पर ही मनाया जाना चाहिए। इसी सोच के साथ मंदिर में स्वतंत्रता दिवस और गणतंत्र दिवस जैसे अवसरों को पंचांगीय तिथि के अनुसार ही आयोजित किया जाता है ताकि भारतीय परंपराओं का सम्मान बना रहे।

स्वतंत्रता दिवस पर आयोजित होंगे विशेष धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम

11 अगस्त की सुबह बड़ा गणेश मंदिर में भगवान गणपति महाराज का विशेष जलाभिषेक और पंचामृत पूजन किया जाएगा। रिद्धि-सिद्धि के दाता भगवान गणेश का मनमोहक श्रृंगार करने के बाद राष्ट्र कल्याण की कामना के साथ महाआरती संपन्न होगी। धार्मिक अनुष्ठान पूरे होने के पश्चात मंदिर परिसर में विधिवत ध्वजारोहण किया जाएगा और वहां उपस्थित श्रद्धालु तथा नगरवासी एक स्वर में राष्ट्रगान का गायन करेंगे।

इस अवसर पर भारत माता की विशेष पूजा-अर्चना भी की जाएगी। देश की आजादी के लिए अपने प्राण न्योछावर करने वाले स्वतंत्रता संग्राम के वीर सेनानियों और अमर शहीदों को नमन करते हुए श्रद्धांजलि दी जाएगी। कार्यक्रम के दौरान स्थानीय कलाकारों द्वारा देशभक्ति गीतों की प्रस्तुतियां दी जाएंगी और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन होगा। अंत में समारोह में शामिल होने वाले सभी श्रद्धालुओं के बीच महाप्रसाद का वितरण किया जाएगा।

लोकमान्य तिलक और पंचांग गणना से जुड़ा ऐतिहासिक संदर्भ

राष्ट्रीय पर्वों को वैदिक तिथि से मनाने की इस परंपरा के पीछे एक महत्वपूर्ण ऐतिहासिक कहानी जुड़ी हुई है। ज्योतिषाचार्य पंडित अक्षय व्यास बताते हैं कि स्वतंत्रता आंदोलन के दौर में लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक ने पुणे में आयोजित एक राष्ट्रीय अधिवेशन के दौरान विश्वविख्यात ज्योतिषाचार्य पंडित नारायण व्यास से संपर्क किया था। उन्होंने पंडित नारायण व्यास से आग्रह किया था कि वे पंचांग गणना के आधार पर भारत की स्वतंत्रता की घोषणा के लिए सबसे शुभ और उपयुक्त तिथि का चयन करें।

गहन ज्योतिषीय अध्ययन और पंचांगीय गणनाओं के बाद पंडित नारायण व्यास ने श्रावण कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को सबसे शुभ समय माना था। संयोग से जब 15 अगस्त 1947 को भारत स्वतंत्र हुआ, उस दिन यही पंचांगीय तिथि मौजूद थी। ठीक इसी परंपरा का अनुसरण करते हुए भारत के संविधान को लागू करने के लिए भी माघ शुक्ल अष्टमी तिथि का चयन किया गया था, जो अंग्रेजी कैलेंडर में 26 जनवरी 1950 के दिन पड़ी थी। बड़ा गणेश मंदिर आज भी इसी गौरवशाली वैदिक परंपरा को जीवंत बनाए हुए है।

सवाल-जवाब

उज्जैन के बड़ा गणेश मंदिर में 11 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस क्यों मनाया जा रहा है?
मंदिर में राष्ट्रीय पर्व अंग्रेजी तारीखों के बजाय वैदिक तिथि के अनुसार मनाए जाते हैं। वर्ष 1947 में 15 अगस्त को श्रावण कृष्ण चतुर्दशी तिथि थी, जो इस साल 11 अगस्त को पड़ रही है।
भारत की स्वतंत्रता के लिए शुभ तिथि की गणना किसने की थी?
लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक के आग्रह पर पुणे में ज्योतिषाचार्य पंडित नारायण व्यास ने पंचांग गणना कर श्रावण कृष्ण चतुर्दशी तिथि को स्वतंत्रता के लिए सबसे शुभ चुना था।
11 अगस्त को बड़ा गणेश मंदिर में क्या-क्या कार्यक्रम आयोजित होंगे?
मंदिर में सुबह भगवान गणेश का विशेष अभिषेक, ध्वजारोहण, राष्ट्रगान, भारत माता का पूजन, शहीदों को श्रद्धांजलि, सांस्कृतिक कार्यक्रम और महाप्रसाद वितरण होगा।
क्या गणतंत्र दिवस भी इसी तरह तिथि के अनुसार मनाया जाता है?
हां, संविधान लागू होने की तिथि माघ शुक्ल अष्टमी थी (जो 26 जनवरी 1950 को पड़ी थी), इसलिए गणतंत्र दिवस भी मंदिर में वैदिक तिथि के अनुसार ही मनाया जाता है।
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