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बीकानेर के ऊंट अनुसंधान केंद्र में अब ऊंटनी के दूध से तैयार होगा राजभोग आइसक्रीम का स्वादजीवनशैली
10 जुल॰ 2026, 11:40 am (45 दिन पहले)· 3

बीकानेर के ऊंट अनुसंधान केंद्र में अब ऊंटनी के दूध से तैयार होगा राजभोग आइसक्रीम का स्वाद

बीकानेर स्थित राष्ट्रीय ऊंट अनुसंधान केंद्र ने पर्यटकों की भारी मांग पर ऊंटनी के दूध से 'राजभोग' फ्लेवर की नई आइसक्रीम पेश की है। यह नवाचार पौष्टिकता और स्वाद का अनूठा संगम है।

बीकानेर स्थित राष्ट्रीय ऊंट अनुसंधान केंद्र (एनआरसीसी) ने अपनी उत्पाद श्रृंखला का विस्तार करते हुए ऊंटनी के दूध से एक विशेष 'राजभोग' फ्लेवर की आइसक्रीम तैयार की है। यह नया कदम केंद्र में आने वाले सैलानियों के निरंतर फीडबैक और उनकी विशेष मांग को देखते हुए उठाया गया है। इससे पहले, यहां आने वाले पर्यटकों को केवल वनीला फ्लेवर की आइसक्रीम उपलब्ध कराई जाती थी, लेकिन अब आगंतुकों को स्वाद का एक नया और समृद्ध विकल्प मिलेगा।

स्वास्थ्य और स्वाद का अनूठा मेल

केंद्र की डेयरी टेक्नोलॉजी एंड प्रोसेसिंग यूनिट द्वारा विकसित इस नई 'राजभोग' आइसक्रीम को तैयार करने का मुख्य उद्देश्य स्वाद के साथ-साथ पोषण को भी प्राथमिकता देना है। इस विशेष फ्लेवर को स्वादिष्ट बनाने के लिए इसमें कई तरह के ड्राई फ्रूट्स, नट्स, फलों के अंश और प्राकृतिक स्वाद देने वाली सामग्रियों का समावेश किया गया है। इन अतिरिक्त सामग्रियों से आइसक्रीम का स्वाद कहीं अधिक गहरा और लाजवाब हो गया है, जो इसे पहले से मौजूद वनीला विकल्प से अलग और खास बनाता है।

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विकास की प्रक्रिया और वैज्ञानिक दृष्टिकोण

वैज्ञानिक मितुल कुमार के अनुसार, इस नए फ्लेवर को तैयार करने में लगभग चार से पांच दिनों की गहन मेहनत लगी है। इस दौरान आइसक्रीम की सही बनावट, गुणवत्ता के मानक और स्वाद की बारीकियों को पूरी तरह से परखने के लिए कई स्तरों पर परीक्षण किए गए। इन सभी प्रक्रियाओं के सफलतापूर्वक पूरा होने के बाद ही इसे पर्यटकों के लिए पेश करने का अंतिम निर्णय लिया गया।

पर्यटन के लिए नया आकर्षण

राष्ट्रीय ऊंट अनुसंधान केंद्र न केवल ऊंट सफारी और ऊंट संग्रहालय के लिए प्रसिद्ध है, बल्कि यहां ऊंटनी के दूध से बने उत्पादों का अनुभव लेने भी बड़ी संख्या में देशी-विदेशी पर्यटक आते हैं। संस्थान का मानना है कि ग्राहकों की प्राथमिकताओं के अनुसार नए उत्पादों को विकसित करने से न केवल पर्यटकों का भ्रमण यादगार बनेगा, बल्कि ऊंटनी के दूध की उपयोगिता और लोकप्रियता को भी बढ़ावा मिलेगा। आने वाले समय में 'राजभोग' फ्लेवर का यह नया प्रयोग केंद्र की सबसे लोकप्रिय पेशकशों में शामिल हो सकता है, जो पोषण और स्वाद का एक बेहतरीन उदाहरण पेश करता है।

सवाल-जवाब

ऊंटनी के दूध की राजभोग आइसक्रीम किसने तैयार की है?
इसे बीकानेर स्थित राष्ट्रीय ऊंट अनुसंधान केंद्र की डेयरी टेक्नोलॉजी एंड प्रोसेसिंग यूनिट द्वारा तैयार किया गया है।
राजभोग आइसक्रीम में कौन-कौन सी चीजें डाली गई हैं?
इसके स्वाद को समृद्ध बनाने के लिए इसमें ड्राई फ्रूट्स, नट्स, फलों के अंश और प्राकृतिक फ्लेवर का उपयोग किया गया है।
इस फ्लेवर को बनाने में कितना समय लगा?
वैज्ञानिक मितुल कुमार के अनुसार, इस नए फ्लेवर को पूरी तरह विकसित करने और परीक्षण करने में करीब चार से पांच दिन लगे।
क्या पहले भी यहां आइसक्रीम मिलती थी?
जी हां, इससे पहले पर्यटक यहां केवल वनीला फ्लेवर की ऊंटनी के दूध वाली आइसक्रीम का आनंद ले सकते थे।
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