घर की बालकनी में सुबह की गुनगुनी धूप, रंग-बिरंगे फूलों की महक और उन पर मण्डराती तितलियां किसी का भी मन मोह सकती हैं। इसके लिए किसी बड़े और चौड़े बगीचे की आवश्यकता नहीं होती है, बल्कि खिड़की के पास रखे कुछ छोटे गमले भी इस उद्देश्य को पूरा कर सकते हैं। इसके लिए ऐसे पौधों का चयन करना जरूरी होता है जिनके फूलों से तितलियों को आसानी से रस मिल सके। अक्टूबर के अंतिम और नवंबर के शुरुआती दिनों में मौसम के अनुकूल बागवानी की योजना बनाना एक बेहतरीन कदम साबित हो सकता है। ऐसे पांच चुनिंदा पौधों के बारे में विस्तार से जानते हैं जिन्हें बालकनी में आसानी से जगह दी जा सकती है।
गेंदा और जिनिया से सजाएं अपनी बालकनी
गेंदा एक ऐसा लोकप्रिय फूल है जो अपनी चमकीली पीली और नारंगी पंखुड़ियों के जरिए किसी भी बालकनी की खूबसूरती में चार चांद लगा देता है। इसकी कई किस्में तितलियों और अन्य परागण करने वाले कीटों को अपनी ओर खींचने में सक्षम होती हैं। इसे गमले में उगाना काफी सरल है और इसके लिए एक ऐसे गमले का चुनाव करना चाहिए जिसमें पानी निकासी की बेहतर व्यवस्था मौजूद हो। पौधे को रोजाना कुछ घंटों की धूप मिलना बहुत जरूरी होता है और मिट्टी की ऊपरी परत सूखने पर ही पानी डालना चाहिए। यह ध्यान रखना आवश्यक है कि केवल गेंदा लगा देने से ही तितलियों का आना सुनिश्चित नहीं हो जाता, बल्कि यह आपके गार्डन को उनके लिए अधिक आकर्षक जरूर बना देता है।
यदि आप चाहते हैं कि आपकी बालकनी में विभिन्न रंगों के फूल एक साथ खिलें, तो जिनिया एक उत्तम विकल्प साबित हो सकता है। लाल, गुलाबी, पीले और नारंगी रंगों के इसके फूल देखने में अत्यंत मनमोहक लगते हैं और इनमें मिलने वाला रस तितलियों को आकर्षित करता है। इस पौधे को ऐसी जगह पर रखना चाहिए जहां पर्याप्त मात्रा में धूप आती रहे और गमले की मिट्टी में उचित नमी बनाए रखी जाए। हालांकि, जरूरत से ज्यादा पानी देने से बचना चाहिए और सूखे हुए फूलों को समय-समय पर हटाते रहना चाहिए ताकि नए फूलों के आने की प्रक्रिया को बढ़ावा मिल सके।
लैंटाना, मिल्कवीड और पेंटास के खास फायदे
लैंटाना के छोटे-छोटे फूल तमाम रंगों के गुच्छों में खिलते हैं जो तितलियों को बहुत तेजी से आकर्षित करते हैं। यह पौधा धूप वाले स्थानों पर बेहतरीन तरीके से पनपता है और उचित देखभाल मिलने पर लंबे समय तक फूल देता है। हालांकि, इसे लगाते समय इस बात का विशेष ध्यान रखना चाहिए कि इसकी कुछ प्रजातियां आक्रामक प्रकृति की होती हैं और प्राकृतिक वातावरण में बहुत तेजी से फैलती हैं। इसलिए अपने क्षेत्र की जलवायु के अनुसार इसकी उचित किस्म का ही चयन करें और इसे गमले की सीमा तक ही सीमित रखें। साथ ही, इसके पौधे और फलों को छोटे बच्चों और पालतू जानवरों की पहुंच से दूर रखना ही सुरक्षित रहता है.
यदि आप केवल तितलियों का स्वागत ही नहीं करना चाहते बल्कि उनके पूरे जीवन चक्र को करीब से समझना चाहते हैं, तो मिल्कवीड एक बहुत ही उपयोगी पौधा साबित हो सकता है। इसकी कुछ खास प्रजातियां मोनार्क तितली के कैटरपिलर के लिए एक होस्ट प्लांट की तरह काम करती हैं, यानी मादा तितलियां इन पर अंडे देती हैं और कैटरपिलर इनके पत्तों को खाकर बड़े होते हैं। लेकिन यह जरूरी नहीं कि हर तितली के लिए यही पौधा उपयुक्त हो, इसलिए अपनी स्थानीय प्रजातियों के अनुकूल ही इसका चुनाव करना चाहिए।
तितलियों के भोजन के लिए पेंटास भी एक शानदार विकल्प है जिसके छोटे-छोटे फूल कई रंगों के गुच्छों में खिलते हैं। इसे अपने गार्डन में अन्य फूलदार पौधों के साथ आसानी से लगाया जा सकता है और नर्सरी से पौधे खरीदते समय इसकी धूप और पानी की जरूरतों के बारे में पूरी जानकारी अवश्य लेनी चाहिए। अलग-अलग समय पर खिलने वाली किस्मों का चयन करने से तितलियों को लंबे समय तक भोजन की प्राप्ति होती रहती है। पौधों पर किसी भी तरह के रासायनिक कीटनाशक का छिड़काव करने से बचना चाहिए क्योंकि इससे तितलियों और उनके कैटरपिलर को गंभीर नुकसान पहुंच सकता है।
बालकनी को तितलियों के अनुकूल कैसे बनाएं
केवल पौधे लगा देने मात्र से ही तितलियां आकर्षित नहीं होतीं, बल्कि इसके लिए कुछ अन्य बातों का ध्यान रखना भी बेहद जरूरी होता है। गमलों को हमेशा ऐसी जगह पर रखना चाहिए जहां पर्याप्त धूप मिले और वे तेज हवाओं के सीधे प्रभाव से बचे रहें। पास-पास कई गमलों को रखने से फूलों का एक ऐसा समूह तैयार हो जाता है जहां तितलियों के लिए रस ढूंढना काफी आसान हो जाता है। इसके अलावा एक उथली प्लेट में थोड़ी सी गीली या हल्की नम रेत रखी जा सकती है, लेकिन इस बात का ध्यान रहे कि उसमें पानी जमा न हो और वह हमेशा साफ-सुथरी रहे। थोड़ी सी सूझबूझ और नियमित देखभाल के जरिए आप अपनी छोटी सी बालकनी को प्रकृति के बेहद करीब एक सुंदर और जीवंत कोना बना सकते हैं.

















