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मानसून में फटी एड़ियों की समस्या से पाएं निजात, इन 5 घरेलू नुस्खों से हफ्ते भर में पैरों को दें मखमली निखारजीवनशैली
3 सित॰ 2026, 3:41 pm (9 घंटे पहले)· 0

मानसून में फटी एड़ियों की समस्या से पाएं निजात, इन 5 घरेलू नुस्खों से हफ्ते भर में पैरों को दें मखमली निखार

बारिश के मौसम में फटी और बदरंग एड़ियों की वजह से खुले जूते-चप्पल पहनने में झिझक होती है तो महंगे ब्यूटी पार्लर जाने की जरूरत नहीं है। रसोई में मौजूद आसान चीजों का सही इस्तेमाल कर केवल एक हफ्ते में पैरों की त्वचा को कोमल और स्वस्थ बनाया जा सकता है।

मानसून के मौसम में वातावरण की नमी और लगातार पानी या धूल के संपर्क में आने से पैरों की त्वचा प्रभावित होती है। जब मनपसंद खुले सैंडल या ओपन-टो जूते पहनने की इच्छा होती है, तो फटी और सख्त एड़ियां अक्सर असहजता का कारण बन जाती हैं। एड़ियों का फटना केवल आपकी खूबसूरती को प्रभावित नहीं करता, बल्कि गंभीर स्थिति में यह दर्द, जलन और संक्रमण की वजह भी बन सकता है। ब्यूटी पार्लर के महंगे पेडीक्योर और रसायनों वाले उत्पादों पर पैसे खर्च करने के बजाय घर पर मौजूद प्राकृतिक सामग्रियों से इस समस्या का स्थायी समाधान निकाला जा सकता है। नियमित देखभाल और सही नुस्खों की मदद से सिर्फ सात दिनों के अंदर एड़ियों का रूखापन खत्म करके उन्हें पूरी तरह मखमली और मुलायम बनाया जा सकता है।

नारियल तेल और कपूर का असरदार मिश्रण

नारियल तेल त्वचा की गहरी परतों तक पहुँचकर प्राकृतिक नमी प्रदान करने के लिए जाना जाता है। इसमें जब कपूर मिलाया जाता है, तो इसके एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-सेप्टिक गुण फटी हुई एड़ियों की दरारों को तेजी से भरने में मदद करते हैं। इस उपाय को आजमाने के लिए सबसे पहले रात को सोने से पूर्व पैरों को हल्के गुनगुने पानी से अच्छी तरह साफ करें और तौलिए से सुखा लें। इसके बाद दो छोटी चम्मच नारियल तेल लें और उसमें थोड़ा सा कपूर पीसकर मिला लें। तैयार मिश्रण से एड़ियों पर हल्के हाथों से मालिश करें ताकि तेल त्वचा में समा जाए। इसे रातभर लगा रहने दें। लगातार सात दिनों तक इस प्रक्रिया को दोहराने से गहरी दरारें भरने लगती हैं और त्वचा चिकनी हो जाती है।

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ग्लिसरीन और गुलाब जल से लॉक करें नमी

ग्लिसरीन को एक बेहतरीन ह्यूमेक्टेंट माना जाता है, जो हवा में मौजूद नमी को खींचकर त्वचा की ऊपरी सतह में बंद कर देता है। इसके साथ गुलाब जल मिलाने से त्वचा का संतुलन बना रहता है। इस नुस्खे को तैयार करने के लिए समान मात्रा में ग्लिसरीन और ताजा गुलाब जल मिलाकर एक हल्का घोल बना लें। प्रतिदिन रात को बिस्तर पर जाने से पहले इस मिश्रण को अपनी फटी एड़ियों और सूखे हिस्सों पर अच्छे से लगाएं। यह उपाय न केवल पैरों के रूखेपन को जड़ से मिटाता है, बल्कि त्वचा की खोई हुई रंगत, चमक और कोमलता को भी वापस लौटाता है।

एलोवेरा जेल और शहद से करें डैमेज स्किन रिपेयर

एलोवेरा में प्राकृतिक हीलिंग गुण होते हैं जो क्षतिग्रस्त त्वचा कोशिकाओं को तेजी से दुरुस्त करने का काम करते हैं। वहीं शहद एक प्राकृतिक मॉइश्चराइज़र की तरह काम करता है जो त्वचा को पोषण देता है। एक चम्मच ताजा एलोवेरा जेल लें और उसमें आधा चम्मच शुद्ध शहद मिलाएं। दोनों को अच्छी तरह मिलाकर एक पेस्ट तैयार कर लें। इस लेप को अपनी एड़ियों पर लगाएं और लगभग 15 से 20 मिनट के लिए लगा रहने दें। इसके बाद पैरों को सादे या ताजे पानी से धो लें। इस मिश्रण का नियमित प्रयोग एड़ियों को बहुत जल्द बच्चों जैसी कोमल बना देता है।

संक्रमण और दर्द से राहत दिलाएगा नीम और हल्दी का लेप

अगर एड़ियों में अत्यधिक दरारें आ गई हैं और उनमें दर्द या संक्रमण की शिकायत हो रही है, तो नीम और हल्दी का पारंपरिक लेप सबसे कारगर साबित होता है। नीम में मौजूद एंटी-फंगल और एंटी-बायोटिक तत्व त्वचा को कीटाणुओं से बचाते हैं, जबकि हल्दी सूजन और दर्द को कम करती है। ताजी नीम की पत्तियों को पीसकर पेस्ट बना लें और उसमें एक चुटकी हल्दी तथा थोड़ा सा नारियल तेल मिला लें। इस लेप को प्रभावित एड़ियों पर लगाएं। यह उपाय न केवल घाव और दरारों को भरता है बल्कि पैरों को पूरी तरह संक्रमण मुक्त और स्वस्थ बनाता है।

गुनगुने पानी और नींबू से करें डीप क्लीनिंग

सप्ताह में दो से तीन बार पैरों की गहराई से सफाई करना बेहद आवश्यक होता है ताकि जमी हुई मृत कोशिकाएं हट सकें। इसके लिए एक बाल्टी या टब में गुनगुना पानी लें। उसमें थोड़ा सा माइल्ड शैंपू, एक चम्मच साधारण नमक और आधे नींबू का रस मिला लें। इस तैयार पानी में अपने पैरों को कम से कम 15 मिनट के लिए डुबोकर रखें। जब त्वचा मुलायम हो जाए, तो प्यूमिस स्टोन यानी एड़ी साफ करने वाले पत्थर का इस्तेमाल करके हल्के हाथों से रगड़ें ताकि डेड स्किन हट जाए। इसके बाद पैरों को पोंछकर कोई अच्छी मॉइश्चराइज़िंग क्रीम लगा लें।

त्वचा को कोमल बनाए रखने के लिए विशेष सुझाव

इन सात दिनों के उपचार के दौरान अपनी दिनचर्या में कुछ छोटी-छोटी आदतों को शामिल करना बेहद जरूरी है। घर के भीतर रहते समय हमेशा साफ और सूती जुराबें पहनने का नियम बनाएं। इससे एड़ियों में नमी लॉक रहती है और बाहरी धूल-मिट्टी या गंदगी से बचाव होता है। इसके साथ ही शरीर को अंदर से हाइड्रेटेड रखना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। दिनभर में पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं ताकि त्वचा में पानी की कमी न हो और पैरों की प्राकृतिक चमक बनी रहे।

सवाल-जवाब

फटी एड़ियों को बेबी-सॉफ्ट बनाने में कितना समय लगता है?
नियमित रूप से घरेलू नुस्खों का पालन करने और सॉक्स पहनने से केवल 7 दिनों में एड़ियां मुलायम होने लगती हैं।
नारियल तेल में कपूर मिलाकर लगाने का क्या फायदा है?
नारियल तेल त्वचा को गहराई से नमी देता है, जबकि कपूर के एंटी-बैक्टीरियल गुण फटी एड़ियों की दरारों को तेजी से भरते हैं।
पैरों का सोक (Foot Soak) हफ्ते में कितनी बार करना चाहिए?
गुनगुने पानी, नमक, नींबू और शैंपू के घोल में पैरों को हफ्ते में 2 से 3 बार 15 मिनट के लिए डुबोकर साफ करना चाहिए।
अगर फटी एड़ियों में दर्द या संक्रमण हो तो कौन सा नुस्खा अपनाएं?
दर्द और संक्रमण की स्थिति में ताजी नीम की पत्तियों के पेस्ट में चुटकीभर हल्दी और नारियल तेल मिलाकर लगाना सबसे कारगर होता है।
उपचार के दौरान कॉटन की जुराबें पहनना क्यों जरूरी है?
सूती जुराबें पहनने से पैरों की नमी बनी रहती है और एड़ियां बाहरी धूल-मिट्टी व गंदगी से सुरक्षित रहती हैं।
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