घर से बाहर कदम रखने से पहले एक अच्छी खुशबू का इस्तेमाल करना आजकल हर किसी की रोजाना की ग्रूमिंग का एक बेहद जरूरी हिस्सा बन चुका है। कुछ लोगों को परफ्यूम लगाना बेहद पसंद होता है, तो कुछ लोग अपनी सुविधा के अनुसार डियोडोरेंट का चुनाव करते हैं। हालांकि दोनों ही चीजों का इस्तेमाल शरीर की गंध को बेहतर बनाने और ताजगी महसूस कराने के लिए किया जाता है, लेकिन इनके काम करने का तरीका और इनकी रासायनिक बनावट एक दूसरे से काफी अलग होती है। ऐसे में कई बार लोगों के मन में यह सवाल उठता है कि परफ्यूम और डियो में से किसकी महक ज्यादा समय तक टिकी रहती है और रोजमर्रा के इस्तेमाल के लिए इन दोनों में से कौन सा विकल्प ज्यादा बेहतर साबित हो सकता है।
परफ्यूम और डियोडोरेंट के बीच का मुख्य अंतर
परफ्यूम का सबसे मुख्य काम शरीर को एक बेहतरीन और आकर्षक खुशबू प्रदान करना होता है। इसमें सुगंधित तेलों यानी एसेंशियल ऑइल्स की मात्रा काफी अधिक होती है, जिसकी वजह से इसकी खुशबू त्वचा पर लंबे समय तक सुरक्षित और प्रभावी बनी रहती है। दूसरी तरफ, डियोडोरेंट का मुख्य काम पसीने के कारण शरीर से आने वाली दुर्गंध को रोकना और उसे नियंत्रित करना होता है। इसमें खुशबू के साथ-साथ ऐसे एक्टिव तत्व भी मिलाए जाते हैं जो पसीने के बैक्टीरिया से लड़कर गंध को कम करने में मदद करते हैं। यही वजह है कि जब आप डियो लगाते हैं, तो शुरुआत में तो इसकी खुशबू बहुत तेज महसूस होती है, लेकिन कुछ ही समय बाद इसकी महक धीरे-धीरे हल्की होने लगती है और बेअसर हो जाती है।
खुशबू के टिकने की अवधि और मौसम का असर
अगर केवल खुशबू के लंबे समय तक टिकने की बात की जाए, तो डियोडोरेंट के मुकाबले परफ्यूम की महक काफी ज्यादा देर तक बनी रहती है। हालांकि, यह बात भी ध्यान रखने योग्य है कि हर परफ्यूम और डियो की टिकने की क्षमता एक जैसी नहीं होती है। किसी भी प्रोडक्ट में इस्तेमाल होने वाले खुशबूदार तत्वों की कुल मात्रा, उसकी क्वालिटी और उसे बनाने की तकनीक इस बात को तय करती है कि उसकी महक कितनी देर तक आपका साथ देगी। इसके अलावा, मौसम का मिजाज और आपकी त्वचा का प्रकार भी इसमें बड़ी भूमिका निभाते हैं। उदाहरण के लिए, गर्मियों के मौसम में ज्यादा पसीना आने की वजह से खुशबू बहुत जल्दी उड़ जाती है और बहुत तेजी से हल्की पड़ने लगती है।
अपनी जरूरत के हिसाब से सही विकल्प का चुनाव कैसे करें
आपको अपनी रोजाना की गतिविधियों और माहौल के हिसाब से इन दोनों सुगंधित उत्पादों में से किसी एक का चुनाव करना चाहिए। अगर आप रोज ऑफिस, कॉलेज जाने या बाहर के काम निपटाने के लिए तैयार हो रहे हैं और आपका मुख्य उद्देश्य पसीने की दुर्गंध से खुद को बचाना है, तो आपके लिए डियो का इस्तेमाल करना ज्यादा फायदेमंद रहेगा। खासकर भीषण गर्मी के दिनों में यह पसीने की गंध को रोकने में बेहद उपयोगी और प्रभावी साबित होता है। इसके विपरीत, अगर आप किसी शादी, पार्टी, पारिवारिक समारोह या किसी विशेष शाम के अवसर पर जा रहे हैं, जहां आपको लंबे समय तक एक शानदार महक की जरूरत है, तो परफ्यूम आपके लिए सबसे उत्तम और सही विकल्प है।
परफ्यूम की खुशबू को लंबे समय तक बनाए रखने के नायाब तरीके
परफ्यूम की महक को लंबे समय तक बरकरार रखने के लिए उसे लगाने का सही तरीका पता होना बेहद जरूरी है। अगर आप साफ और हल्की नम त्वचा पर परफ्यूम लगाते हैं, तो उसकी खुशबू त्वचा के रोमछिद्रों में समा जाती है और लंबे समय तक टिकी रहती है। इसे हमेशा शरीर के पल्स पॉइंट्स जैसे कलाई, गर्दन और कानों के पीछे वाले हिस्से पर लगाना चाहिए जहां शरीर की स्वाभाविक गर्मी खुशबू को धीरे-धीरे फैलाती है। एक बात का खास ख्याल रखें कि परफ्यूम लगाने के बाद त्वचा को कभी भी आपस में रगड़ना नहीं चाहिए। बहुत से लोगों की आदत होती है कि वे कलाई पर परफ्यूम छिड़कने के बाद दोनों हाथों को आपस में रगड़ लेते हैं, जिससे खुशबू के अणु टूट जाते हैं और महक जल्दी खत्म हो जाती है। इसके साथ ही, बहुत अधिक मात्रा में स्प्रे करने की जरूरत नहीं होती, केवल कुछ सीमित स्प्रे ही काफी होते हैं। कपड़ों पर इस्तेमाल करने से पहले प्रोडक्ट पर दिए गए निर्देशों को जरूर पढ़ें, क्योंकि कुछ परफ्यूम नाजुक कपड़ों पर जिद्दी दाग भी छोड़ सकते हैं।


















