असम की सड़कों पर उस वक्त एक बेहद भावुक और यादगार नजारा देखने को मिला जब राज्य के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने एक युवा पैरा-एथलीट से मिलने के लिए अपना सुरक्षा काफिला अचानक रुकवा दिया। सड़क के किनारे खड़ी एक दिव्यांग खिलाड़ी असम का पारंपरिक वस्त्र गमूसा हाथ में लिए मुख्यमंत्री का इंतजार कर रही थी। जैसे ही मुख्यमंत्री की गाड़ियों का काफिला वहां से गुजरने लगा, उस लड़की ने अपना हाथ उठाकर उन्हें प्रणाम किया और अभिवादन किया। इस सादगी भरे दृश्य को देखकर मुख्यमंत्री ने बिना देर किए अपनी गाड़ी रुकवाई और खुद उतरकर उस खिलाड़ी के पास पहुंचे।
सड़क किनारे गमूसा लेकर खड़ी थी युवा खिलाड़ी
यह पूरा मामला उस समय सामने आया जब युवा पैरा-एथलीट जूही डेका असम का पारंपरिक सम्मान गमूसा लेकर सड़क किनारे खड़ी थी। वह मुख्यमंत्री को देखने और उन्हें यह पारंपरिक उपहार भेंट करने की उम्मीद कर रही थी। जैसे ही मुख्यमंत्री का काफिला उस रास्ते से गुजरा, जूही ने दूर से ही हाथ हिलाकर उनका ध्यान आकर्षित करने का प्रयास किया। उनके हाथ में मौजूद गमूसा और उनके चेहरे की उम्मीद को देखकर गाड़ियों के काफिले की रफ्तार थम गई।
गाड़ी से उतरकर परिवार से की आत्मीय बातचीत
पैरा-एथलीट का अभिवादन देखते ही मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने अपने सुरक्षा कर्मचारियों को तुरंत गाड़ियां रोकने का निर्देश दिया। इसके बाद वह खुद अपनी गाड़ी का दरवाजा खोलकर बाहर निकले और चलकर सड़क किनारे खड़ी जूही डेका के पास पहुंचे। मुख्यमंत्री ने पूरी विनम्रता के साथ उनसे गमूसा स्वीकार किया और उनका हालचाल जाना। इस दौरान उन्होंने जूही और उनकी मां से काफी देर तक बातचीत की और उनका हौसला बढ़ाया।
मोबाइल से वीडियो बना रही बहन से भी हुई बातचीत
इस मुलाकात के दौरान एक बेहद दिलचस्प और सहज पल भी देखने को मिला। जब मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा पैरा-एथलीट और उनकी मां से बात कर रहे थे, तभी उन्होंने देखा कि पास में खड़ी एक अन्य लड़की अपने स्मार्टफोन से इस पूरे वाकये को रिकॉर्ड कर रही थी। मुख्यमंत्री ने उत्सुकता से पूछा कि वह कौन है। इस पर खिलाड़ी की मां ने मुस्कुराते हुए बताया कि वह उनकी दूसरी बेटी है। यह सुनकर मुख्यमंत्री के चेहरे पर मुस्कान आ गई और माहौल बेहद सहज हो गया।
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो, लोगों ने की तारीफ
इस पूरी मुलाकात का वीडियो जूही डेका ने खुद अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर अपलोड किया, जिसके बाद यह वीडियो एक्स पर भी तेजी से प्रसारित होने लगा। वीडियो साझा करते हुए उन्होंने लिखा, "आज का पल सचमुच कभी न भूलने वाला है।" उन्होंने आगे लिखा कि मुख्यमंत्री और उनके अपने हिमंत मामा रास्ते में रुककर अभिवादन स्वीकार करने आए, जिसके लिए वह बहुत आभारी और सम्मानित महसूस कर रही हैं। सोशल मीडिया पर यूजर्स ने मुख्यमंत्री की इस सादगी और आम लोगों के प्रति संवेदनशीलता की जमकर सराहना की है।
दिव्यांग खिलाड़ियों के सम्मान और प्रोत्साहन की मिसाल
सार्वजनिक जीवन में अक्सर नेताओं के काफिले तेज गति से गुजर जाते हैं, लेकिन मुख्यमंत्री का इस तरह गाड़ी रोककर एक युवा पैरा-एथलीट से मिलना लोगों को काफी पसंद आया। नेटिजन्स का कहना है कि एक प्रशासनिक प्रमुख द्वारा दिखाया गया यह सम्मान और स्नेह राज्य के अन्य दिव्यांग खिलाड़ियों के लिए बहुत बड़ा प्रोत्साहन साबित होगा। असमिया संस्कृति में गमूसा को आदर का प्रतीक माना जाता है और मुख्यमंत्री द्वारा सड़क पर रुककर इसे स्वीकार करना जनता के साथ उनके गहरे जुड़ाव को दर्शाता है।


















