परफ्यूम की खुशबू सिर्फ इस बात पर निर्भर नहीं करती कि आपने कितनी मात्रा में स्प्रे किया, बल्कि इस पर भी टिकी होती है कि आपने इसे कहां और कैसे लगाया. कई लोग जल्दबाजी में कपड़ों पर इधर-उधर परफ्यूम छिड़क लेते हैं, जिसकी वजह से कुछ ही घंटों में खुशबू उड़ जाती है और कई बार कपड़े पर हल्का दाग भी नजर आने लगता है. तरीके में थोड़ा बदलाव करके परफ्यूम की खुशबू को कई घंटों तक बनाए रखा जा सकता है, बिना किसी अतिरिक्त खर्च के.
हर कपड़े पर सीधा स्प्रे करना ठीक नहीं
परफ्यूम में मौजूद अल्कोहल और दूसरे तत्व हर तरह के फैब्रिक के साथ सही तरीके से मेल नहीं खाते और कुछ कपड़ों पर हल्का निशान छोड़ सकते हैं. सिल्क, साटन या हल्के शेड वाले परिधानों पर बिना सोचे-समझे स्प्रे करना जोखिम भरा हो सकता है, क्योंकि इन पर दाग जल्दी और साफ नजर आने लगता है. ऐसे नाजुक कपड़े पहनने से पहले किसी छिपे हुए कोने पर थोड़ा परफ्यूम आजमाकर देख लेना समझदारी भरा कदम माना जाता है, ताकि यह पता चल सके कि फैब्रिक पर कोई असर तो नहीं पड़ रहा.
कपड़े के भीतरी हिस्से पर हल्की स्प्रे कारगर तरीका
जैकेट, कोट या स्कार्फ जैसी चीजों में परफ्यूम को बाहरी सतह की बजाय अंदर वाली तरफ हल्के हाथ से छिड़कना कहीं ज्यादा सुरक्षित माना जाता है. इस तरीके से खुशबू धीरे-धीरे और लगातार बाहर निकलती रहती है, न कि एक साथ तेज होकर जल्दी गायब हो जाती है. इसमें ज्यादा मात्रा की कोई जरूरत नहीं होती, दो-तीन हल्के स्प्रे ही अपना काम बखूबी कर देते हैं.
कॉलर और स्कार्फ पर परफ्यूम का सही इस्तेमाल
शर्ट, कुर्ती या जैकेट पहनते वक्त कॉलर के आसपास हल्का परफ्यूम लगाया जा सकता है, क्योंकि यह हिस्सा चेहरे के सबसे नजदीक होता है और चलते-फिरते या सिर हिलाते समय खुशबू का एहसास बार-बार बना रहता है. यहां भी परफ्यूम को कपड़े से सटाकर नहीं, बल्कि थोड़ी दूरी बनाकर हल्के हाथ से स्प्रे करना बेहतर रहता है. इसी तरह स्कार्फ, स्टोल या शॉल भी खुशबू को कुछ घंटों तक अपने भीतर समेटे रख सकते हैं, इसलिए इन पर बहुत ही हल्का स्प्रे किया जा सकता है, खासकर तब जब चलने पर हल्की खुशबू महसूस होनी चाहिए. बस यह ध्यान रखना जरूरी है कि कपड़ा नाजुक या ऐसे रंग का न हो जिस पर दाग तुरंत दिखाई दे जाए.
कपड़ों से ज्यादा भरोसा पल्स पॉइंट्स पर करें
अगर मकसद यह है कि खुशबू पूरे दिन साथ बनी रहे, तो सिर्फ कपड़ों के भरोसे नहीं रहना चाहिए. हाथ की कलाई, गले का किनारा और कान के पीछे वाला हिस्सा, इन जगहों को पल्स पॉइंट कहा जाता है और यहां परफ्यूम लगाना कहीं ज्यादा असरदार तरीका माना जाता है. शरीर के इन हिस्सों की स्वाभाविक गर्माहट खुशबू को धीरे-धीरे छोड़ने में मदद करती है, जिससे फ्रेगरेंस लंबे समय तक बनी रहती है और बार-बार दोबारा स्प्रे करने की जरूरत भी कम पड़ती है.
त्वचा को मॉइस्चराइज करना क्यों जरूरी
परफ्यूम स्प्रे करने से ठीक पहले त्वचा पर मॉइस्चराइजर लगाना भी काफी फायदेमंद साबित हो सकता है. रूखी त्वचा खुशबू को जल्दी सोख लेती है, जबकि नम और मॉइस्चराइज्ड त्वचा पर यह कहीं अधिक समय तक टिकी रहती है. बेहतर यही होगा कि बिना खुशबू वाला मॉइस्चराइजर चुना जाए, ताकि उसकी अपनी महक परफ्यूम की खुशबू के साथ न उलझे और असली फ्रेगरेंस साफ तौर पर महसूस हो सके.



















