फीफा वर्ल्ड कप 2026 के क्वार्टर फाइनल मुकाबले में स्पेन ने बेल्जियम को 2-1 से हराकर टूर्नामेंट के सेमीफाइनल में अपनी जगह सुनिश्चित कर ली है। लॉस एंजिल्स स्टेडियम, इंगलवुड, कैलिफोर्निया में खेले गए इस हाई-वोल्टेज मुकाबले का फैसला मैच के आखिरी पलों में मिकेल मेरिनो द्वारा दागे गए गोल से हुआ। मिकेल मेरिनो, जो पुर्तगाल के खिलाफ भी स्पेन के लिए संकटमोचक साबित हुए थे, ने एक बार फिर साबित कर दिया कि वे अहम मौकों पर टीम के सबसे भरोसेमंद खिलाड़ी हैं।
मैच का उत्तरार्ध और कड़े संघर्ष के पल
खेल के 69वें मिनट में मुकाबला काफी चुनौतीपूर्ण हो गया था। पेड्रो पोरो ने स्पेन के लिए डिफेंसिव हाफ में एक फ्री किक हासिल की, जब जेरेमी डोकू ने फाउल किया। हालांकि, खेल में एक बड़ा मोड़ तब आया जब बेल्जियम के गोलकीपर तिबो कूर्तवा चोटिल हो गए। 70वें मिनट में उन्हें मैदान से बाहर जाना पड़ा और सेने लैम्मेंस को उनकी जगह जिम्मेदारी संभालनी पड़ी। इसके तुरंत बाद, मार्क कुकुरेल्ला ऑफसाइड पकड़े गए, जिससे स्पेन का आक्रमण थोड़ा धीमा हुआ। 74वें मिनट में लेमिन यमाल ने डेनी ओल्मो के असिस्ट पर एक जोरदार शॉट लिया, लेकिन उसे बेल्जियम के डिफेंस ने ब्लॉक कर दिया।
लगातार दबाव और कार्ड की बौछार
खेल के 75वें मिनट में एक्सल विट्सेल के फाउल के बाद स्पेन को फ्री किक मिली, लेकिन जवाब में बेल्जियम के निकोलस रास्किन ने भी बाएं विंग पर फ्री किक हासिल की। 78वें मिनट में पेड्रो पोरो द्वारा किए गए फाउल से तनाव बढ़ गया। 81वें मिनट में पाउ क्यूबार्सी को फ्री किक मिली, लेकिन खेल के 83वें मिनट में केविन डी ब्रुयने ने 35 गज की दूरी से एक लंबी रेंज का शॉट जमाया, जिसे रोकना स्पेन के लिए जरूरी था। 84वें मिनट में एक खराब फाउल के चलते केविन डी ब्रुयने को येलो कार्ड थमाया गया।
मिकेल मेरिनो का निर्णायक प्रहार
85वें मिनट में स्पेन ने बड़ा बदलाव करते हुए डेनी ओल्मो की जगह मिकेल मेरिनो को मैदान में उतारा, जो कि मास्टरस्ट्रोक साबित हुआ। वहीं बेल्जियम ने केविन डी ब्रुयने की जगह एलेक्सिस साएलेमेकर्स को भेजा। 87वें मिनट में पाउ क्यूबार्सी के शॉट को सेने लैम्मेंस ने शानदार तरीके से बचाया, लेकिन ठीक उसके बाद 87वें मिनट और 22वें सेकंड पर मिकेल मेरिनो ने इतिहास रच दिया। उन्होंने बेहद करीब से बाएं पैर से गेंद को गोल के ऊपरी बाएं कोने में जड़कर स्पेन को 2-1 की बढ़त दिला दी।
अंतिम लम्हे और सेमीफाइनल का सफर
मैच के अंतिम मिनटों में सात मिनट का अतिरिक्त समय दिया गया। इस दौरान एमेरिक लापोर्ते को फाउल के लिए येलो कार्ड मिला और जेरेमी डोकू पर हैंडबॉल का आरोप लगा। 94वें मिनट में एक्सल विट्सेल को भी येलो कार्ड दिखाया गया। खेल के अंत में उनाई सिमोन ने फ्री किक ली, और रोमेलु लुकाकू के फाउल के बाद स्पेन ने अपनी बढ़त बनाए रखी। अंत में स्पेन की यह 2-1 की जीत उसे सेमीफाइनल तक ले गई, जहां अब उनकी नजरें फाइनल की ट्रॉफी पर हैं। अब स्पेन का मुकाबला फ्रांस जैसी मजबूत टीम से होना है।











