देशभर में मानसून की सक्रियता ने आम जनजीवन को प्रभावित कर दिया है। दिल्ली की सुबह तड़के हुई बारिश ने गर्मी से तो राहत दी, लेकिन साथ ही कई इलाकों में जलभराव की स्थिति पैदा कर दी। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने राजधानी के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। नई दिल्ली रेलवे स्टेशन और मुनिरका जैसे इलाकों में पानी जमा होने से यातायात बाधित हुआ। IMD का अनुमान है कि 10 जुलाई तक हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में व्यापक वर्षा होगी। इसके अतिरिक्त, उत्तर-पूर्वी उत्तर प्रदेश में 13 जुलाई तक और पूर्वी राजस्थान में 9 जुलाई को भारी बारिश के संकेत दिए गए हैं।
केरल और वायनाड की स्थिति
केरल में तटीय ट्रफ के कारण मानसून का जोर बना हुआ है। कासरगोड, कन्नूर, वायनाड, कोझिकोड और मलप्पुरम में येलो अलर्ट है। स्थिति को देखते हुए वायनाड में रेड अलर्ट घोषित किया गया है, जिसके चलते जिला कलेक्टर डी.आर. मेघश्री ने वहां के सभी शैक्षणिक संस्थानों, आंगनबाड़ियों और ट्यूशन सेंटरों में छुट्टी की घोषणा कर दी है, हालांकि आवासीय शिक्षण संस्थान खुले रहेंगे। गुरुवार, 9 जुलाई, 2026 के लिए मलप्पुरम, कोझिकोड और वायनाड में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है, जबकि छह अन्य जिलों में येलो अलर्ट लागू है।
महाराष्ट्र और गोवा में मानसून के प्रभाव
महाराष्ट्र में मानसून के कारण हालात चिंताजनक बने हुए हैं। ठाणे में बीते एक सप्ताह में तीन लोगों की मौत हो गई है और 800 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाना पड़ा है। हाल ही में रायगढ़ जिले के खालापुर में हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (HPCL) के बॉटलिंग प्लांट से लगभग 3,000 गैस सिलेंडर पातालगंगा नदी में बह गए। मुंबई में आसमान में बादल छाए हुए हैं, लेकिन IMD ने रुक-रुक कर मध्यम बारिश की संभावना जताई है। वहीं गोवा में मोरजिम बीच के पास नदी में नाव पलटने से तीन मछुआरे फंस गए थे, जिन्हें एजेंसी के कर्मियों ने सुरक्षित बचा लिया।
कर्नाटक और राजस्थान का हाल
कोडागु जिले में भारी बारिश के कारण मडिकेरी में राजा सीट को 9 से 12 जुलाई तक जनता के लिए बंद कर दिया गया है। KSRTC बस स्टैंड के पास भूस्खलन और भारी ट्रैफिक के दबाव के कारण यह निर्णय लिया गया। दूसरी ओर राजस्थान में मौसम विभाग ने कोटा और भरतपुर संभागों में अत्यंत भारी बारिश की चेतावनी दी है। चित्तौड़गढ़ और भरतपुर के बयाना में नौ सेंटीमीटर बारिश दर्ज की गई है। दिल्ली-NCR में नोएडा और गाजियाबाद में भी जलभराव की समस्या देखी गई है, जहां मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने अधिकारियों को हाई अलर्ट रहने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन द्वारा नालों की सफाई के कारण कई अंडरपास में जल निकासी बेहतर रही, लेकिन कुछ स्थानों पर जलभराव ने यात्रियों की रफ्तार धीमी कर दी है।



















