तमिलनाडु के मुख्यमंत्री और TVK अध्यक्ष सी. जोसेफ विजय शुक्रवार, 10 जुलाई, 2026 को करूर पहुंचे। यह दौरा इसलिए खास था क्योंकि पिछले साल 27 सितंबर, 2025 को उनकी पार्टी की रैली के दौरान मची भगदड़ में 41 लोगों की जान चली गई थी, और तभी से करूर में उनकी यह पहली मौजूदगी थी। इस दौरे के दौरान मुख्यमंत्री ने भगदड़ से प्रभावित 32 परिवारों के सदस्यों को सरकारी नौकरी के नियुक्ति पत्र सौंपे, पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर तीखे सवाल उठाए, तत्कालीन DMK सरकार पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए और भगदड़ में मारे गए सभी 41 लोगों की याद में एक स्मारक बनाने की बड़ी घोषणा की। पूरे दिन करूर की सड़कों पर मुख्यमंत्री को देखने के लिए लोगों की भारी भीड़ जुटी रही।
स्थानीय नेताओं ने किया मुख्यमंत्री का स्वागत
करूर पहुंचने पर मुख्यमंत्री विजय का स्वागत सबसे पहले TVK के करूर पश्चिम जिला सचिव वी.पी. मथियलगन ने किया। इसमें एक दिलचस्प और संवेदनशील पहलू यह भी है कि वी.पी. मथियलगन को 27 सितंबर, 2025 की उसी भगदड़ के मामले में आरोपी बनाया गया था, जिसमें 41 लोगों की मौत हुई थी। इसके बावजूद उन्होंने ही मुख्यमंत्री की अगवानी की जिम्मेदारी निभाई। इसके अलावा राज्य की डेयरी विकास मंत्री सी. विजयलक्ष्मी ने भी मुख्यमंत्री और TVK अध्यक्ष विजय का स्वागत करते हुए सभा को संक्षेप में संबोधित किया और उनके करूर आगमन का महत्व रेखांकित किया।
AIADMK छोड़कर TVK में शामिल हुए विजयभास्कर ने भेंट की चांदी की तलवार
करूर से AIADMK के विधायक रह चुके एम.आर. विजयभास्कर ने हाल ही में अपने पद से इस्तीफा देकर TVK का दामन थामा है। शुक्रवार को करूर के एटलस कलैयारंगम में आयोजित कार्यक्रम के दौरान उन्होंने TVK अध्यक्ष और मुख्यमंत्री विजय को सम्मान स्वरूप एक चांदी की तलवार भेंट की। इस मौके पर बोलते हुए एम.आर. विजयभास्कर ने कहा कि आज का युवा वर्ग पूरी तरह विजय के साथ खड़ा है, क्योंकि उन्होंने ठीक वैसी ही राजनीतिक क्रांति की शुरुआत की है जैसी पूर्व मुख्यमंत्री और AIADMK के संस्थापक एम.जी. रामचंद्रन यानी MGR ने 1977 में की थी। उन्होंने याद दिलाया कि MGR ने पार्टी बनाने के महज दो साल के भीतर ही सत्ता हासिल कर ली थी और उसके बाद पूरा देश उन्हें ध्यान से देख रहा था। विजयभास्कर के मुताबिक, आज सिर्फ आम जनता ही नहीं बल्कि AIADMK के कई कार्यकर्ता भी अब विजय के साथ खड़े नजर आ रहे हैं।
तत्कालीन DMK सरकार की नीतियों पर निशाना साधते हुए एम.आर. विजयभास्कर ने कहा, 'करूर में, मंदिर की इनाम भूमि पर रहने वाले लोगों को उनकी संपत्तियों से बेदखल कर दिया गया था।' उन्होंने मुख्यमंत्री विजय से सीधी अपील करते हुए कहा कि इस पुरानी समस्या का जल्द से जल्द कोई ठोस समाधान निकाला जाए।
करूर की भगदड़ मेरे जीवन का गहरा जख्म है: सीएम विजय
इसके बाद करूर के एटलस कलैयारंगम में जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री विजय ने 27 सितंबर, 2025 की उस दर्दनाक घटना को विस्तार से याद किया, जब उनकी पार्टी की रैली के दौरान अचानक भगदड़ मच गई थी और उसमें 41 लोगों की जान चली गई थी। भावुक स्वर में उन्होंने कहा, 'कोई चाहे कितनी भी ऊंचाइयों पर पहुंच जाए, उसके जीवन में एक गहरा जख्म हमेशा रहता है। करूर की भगदड़ मेरे जीवन का ऐसा ही एक जख्म है। अरियालुर में चुनाव प्रचार के दौरान, पुलिस ने मुझे पेरम्बलुर न जाने की सलाह दी थी क्योंकि वहां भारी भीड़ थी; वे नमक्कल से करूर जाने से पहले भी मुझे ऐसी ही सलाह दे सकते थे, लेकिन वे मुझे करूर ले गए और मैंने उन पर भरोसा किया। उनके पास तो किसी सभा को रद्द करने तक का अधिकार होता है।' अपने इस बयान के जरिए मुख्यमंत्री विजय ने साफ संकेत दिया कि वे भगदड़ की जिम्मेदारी को लेकर पुलिस प्रशासन की भूमिका पर सवाल उठा रहे हैं।
पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था पर सीधे उठाए सवाल
पिछले साल सितंबर में 41 लोगों की जान लेने वाली उस भगदड़ के बाद करूर के अपने पहले दौरे पर मुख्यमंत्री विजय ने पुलिस प्रशासन को सीधे कठघरे में खड़ा किया। उन्होंने कहा, 'मैं अपने भाई-बहनों को खोने के दर्द के साथ जी रहा हूं और आप (DMK) अभी भी मुझ पर आरोप लगा रहे हैं कि मैं छिप गया था; मुझसे पूछ रहे हैं कि क्या मैं कुछ बोलूंगा। लेकिन, क्या पुलिस ने उस दिन करूर में जुटी भीड़ के अनुपात में सुरक्षा व्यवस्था की थी?' इसके साथ ही उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि DMK अध्यक्ष एम.के. स्टालिन ने विधानसभा के भीतर इस भगदड़ की घटना को राजनीतिक रंग देने की कोशिश की।
मैं सिर्फ जनता की सेवा के लिए राजनीति में आया हूं: विजय
TVK अध्यक्ष और मुख्यमंत्री विजय ने अपने भाषण में एक बार फिर दोहराया, 'मैं केवल जनता की सेवा करने के लिए ही राजनीति में आया हूं।' जनता को सीधे संबोधित करते हुए उन्होंने आगे कहा, 'आपने चुनावों में उन्हें करारा जवाब दिया है; लेकिन यह काफी नहीं है, उन्हें हमेशा के लिए नीचे रखने के लिए आपको आगे भी ऐसे ही जवाब देते रहने होंगे। मेरे लिए पैसे से ज्यादा मेरी जनता महत्वपूर्ण है।'
भगदड़ में मारे गए 41 लोगों की याद में बनेगा स्मारक
इसी कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री और TVK अध्यक्ष विजय ने एक बड़ा ऐलान किया। उन्होंने बताया कि सितंबर 2025 में करूर में हुई भगदड़ में जान गंवाने वाले सभी 41 लोगों की याद में TVK की ओर से एक स्मारक बनाया जाएगा। यह घोषणा शुक्रवार, 10 जुलाई, 2026 को करूर के एटलस कलैयारंगम में हुई और इसे पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना जताने वाले कदम के तौर पर देखा जा रहा है।
TVK सरकार में एक पैसे की भी रिश्वत नहीं ली जाती: भ्रष्टाचार पर तीखा हमला
मुख्यमंत्री विजय ने अपने भाषण में पिछली DMK सरकार पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा, 'हर विभाग में उन्होंने (DMK सरकार) पार्टी फंड के नाम पर जनता का पैसा लूटा था। जब मैंने विधानसभा में इसका जिक्र किया, तो वे भाग खड़े हुए। जो लोग कहते थे कि भ्रष्टाचार को खत्म नहीं किया जा सकता, वे आज सरकारी दफ्तरों में जाकर देखें; रिश्वत के तौर पर एक पैसा भी नहीं लिया जा रहा है। लोगों ने राहत की सांस ली है और हम (TVK सरकार) बहुत खुश हैं।' चेतावनी भरे लहजे में उन्होंने आगे जोड़ा, 'हमने जो देखा है वह सिर्फ एक नमूना है; आने वाले दिनों में आप हमारा विश्वरूप देखेंगे। वे मुझसे मुंह खोलने को कहते हैं; लेकिन जब मैंने बोलना शुरू किया तो वे भाग गए।'
मेकेदातु विवाद पर भी बोले मुख्यमंत्री विजय
मुख्यमंत्री विजय ने अपने भाषण में मेकेदातु विवाद का भी जिक्र छेड़ा। कावेरी नदी पर बांध बनाने के लिए कर्नाटक द्वारा तैयार डीपीआर के खिलाफ तमिलनाडु की याचिका को सुप्रीम कोर्ट ने DMK शासन के दौरान ही खारिज कर दिया था। इस पुराने मुद्दे को उठाते हुए विजय ने सवाल किया, 'तत्कालीन तमिलनाडु सरकार ने तब मामले की ठीक से पैरवी क्यों नहीं की?' विपक्ष की आलोचना का जवाब देते हुए उन्होंने कहा, 'वे (विपक्ष) इस मुद्दे पर कोई बयान न देने के लिए मेरी आलोचना करते हैं। खाली शोर मचाने का कोई फायदा नहीं है; मैं कम बोलने और काम ज्यादा करने में विश्वास रखता हूं।'
DMK पर कसा वेंडिंग मशीन वाला तंज, ई.वी. वेलु पर निशाना
TVK में भ्रष्टाचार के आरोपों का सामना कर रहे AIADMK के कुछ पूर्व मंत्रियों को शामिल किए जाने पर DMK ने पहले TVK को वॉशिंग मशीन कहकर तंज कसा था। इसी का करारा जवाब देते हुए मुख्यमंत्री विजय ने उल्टा DMK को ही चुनावी राजनीति में भ्रष्टाचार की वेंडिंग मशीन करार दिया और उसे बार-बार तीया शक्ति यानी दुष्ट शक्ति बताया। इसके अलावा उन्होंने पूर्व राजमार्ग मंत्री और वरिष्ठ DMK नेता ई.वी. वेलु का सीधे नाम लिए बिना उन पर तीखा हमला बोला और आरोप लगाया कि भ्रष्टाचार निरोधक विभाग यानी DVAC द्वारा उनके खिलाफ मामला दर्ज किए जाने के बाद वे सिंगापुर भाग गए थे।
करूर के एटलस कलैयारंगम में आयोजित इस कार्यक्रम में अपना भाषण समाप्त करने से ठीक पहले मुख्यमंत्री विजय ने मौजूद जनता से एक अहम अपील भी की। उन्होंने कहा कि मांग किए जाने पर भी कोई किसी सरकारी कर्मचारी को रिश्वत न दे।
कोर्ट ने दी नियुक्ति पत्र जारी करने की अनुमति
मुख्यमंत्री के करूर दौरे वाले उसी दिन एक अहम कानूनी घटनाक्रम भी सामने आया। मद्रास उच्च न्यायालय की मदुरै पीठ ने शुक्रवार, 10 जुलाई, 2026 को तमिलनाडु सरकार को करूर भगदड़ हादसे के पीड़ितों के परिवारों को सरकारी नौकरियों के नियुक्ति पत्र सौंपने की अनुमति दे दी। हालांकि अदालत ने यह स्पष्ट कर दिया कि फिलहाल ये नियुक्तियां अस्थायी आधार पर ही की जाएंगी और आगे न्यायिक समीक्षा के अधीन रहेंगी। इसके साथ ही मदुरै पीठ ने तमिलनाडु सरकार को नियुक्ति पत्र वितरित करने के लिए विधिवत कार्यक्रम आयोजित करने की भी इजाजत दे दी, जिसके चलते मुख्यमंत्री उसी दिन 32 प्रभावित परिवारों को ये नियुक्ति पत्र सौंप सके।
करूर कलेक्ट्रेट में उमड़ी भीड़, मिला गार्ड ऑफ ऑनर
शुक्रवार दोपहर मुख्यमंत्री और TVK अध्यक्ष विजय एक सरकारी कार्यक्रम में शामिल होने के लिए करूर कलेक्ट्रेट की ओर बढ़े। रास्ते भर उन्हें एक झलक देखने के लिए सड़कों के दोनों ओर लोगों का भारी हुजूम उमड़ पड़ा। करूर कलेक्ट्रेट पहुंचने पर मुख्यमंत्री विजय का औपचारिक स्वागत करते हुए उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया, जिसके बाद उन्होंने नियुक्ति पत्र वितरण से जुड़े सरकारी कार्यक्रम में हिस्सा लिया।



















