संसद ने प्रतियोगी परीक्षाओं में अनुचित साधनों पर लगाम लगाने वाले विधेयक को पारित कर दिया है, जिसे राज्यसभा से भी मंजूरी मिल गई। इससे पहले केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने सरकारी नियुक्तियों के आंकड़े साझा करते हुए भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता और स्वरोजगार को बढ़ावा देने के कदमों पर बात की।
लाइवलाइव: संसद के मानसून सत्र का 9वां दिन: लोकसभा में सुप्रीम कोर्ट जज विधेयक पर चर्चा, राज्यसभा में पेपर लीक विरोधी बिल पेश — 30 जुलाई 2026
संसद ने प्रतियोगी परीक्षाओं में अनुचित साधनों पर लगाम लगाने वाले विधेयक को पारित कर दिया है, जिसे राज्यसभा से भी मंजूरी मिल गई। इससे पहले केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने सरकारी नियुक्तियों के आंकड़े साझा करते हुए भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता और स्वरोजगार को बढ़ावा देने के कदमों पर बात की।
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लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026 राज्यसभा से भी पारित
संसद ने लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026 को पूरी तरह पारित कर दिया है, जब उच्च सदन यानी राज्यसभा ने इसे अपनी स्वीकृति प्रदान कर दी।केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने लोक परीक्षा विधेयक के दायरों को रेखांकित किया
केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026 के प्रमुख घटकों का विवरण दिया। सिंह ने कहा, "फर्जी वेबसाइटों से लेकर जाली प्रवेश पत्रों तक, यह नया कानून गड़बड़ियों के एक बड़े स्पेक्ट्रम को कवर करता है।" उन्होंने आगे बताया कि यह विधेयक सिर्फ NTA तक ही सीमित नहीं है, बल्कि UPSC और रेलवे भर्ती आयोग जैसी अन्य संस्थाओं को भी इसके दायरे में लाया गया है।पेपर लीक रोधी विधेयक पारित होने से पहले मंत्री जितेंद्र सिंह ने गिनाए सरकारी भर्ती आंकड़े
केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने बताया कि 2004 से 2014 के दौरान तत्कालीन सरकार ने 7.22 लाख सरकारी नौकरियां दी थीं, जबकि 2014 से 2024 के बीच कुल 10.96 लाख नियुक्तियां की गईं। सिंह ने यह भी कहा कि सरकार ने देश में ऐसी सोच विकसित करने का प्रयास किया है जिससे जीविका केवल सरकारी नौकरियों पर आश्रित न रहे, और इसी वजह से स्टार्टअप इंडिया जैसी पहलों को प्रोत्साहित किया गया।सार्वजनिक परीक्षा संशोधन विधेयक पर केंद्रीय राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने राज्यसभा में दिया जवाब
केंद्रीय राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने सार्वजनिक परीक्षा संशोधन विधेयक पर राज्यसभा में सरकार का पक्ष रखा। श्री सिंह ने कहा कि विपक्ष 2014 के बाद से कथित 152 पेपर लीक मामलों के आंकड़ों को प्रमाणित करने में विफल रहा है। इसके साथ ही उन्होंने पेपर लीक रोकने तथा देश की शिक्षा प्रणाली में सुधार लाने के लिए सरकार द्वारा उठाए गए कदमों का विवरण दिया।परीक्षा संशोधन विधेयक पर चर्चा के बीच कुछ विपक्षी दलों ने राज्यसभा से किया वॉकआउट
सार्वजनिक परीक्षा संशोधन विधेयक पर बहस के दौरान कई विपक्षी दलों के सांसदों ने राज्यसभा से वॉकआउट किया। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा ने कहा कि विपक्षी दल मुख्य मुद्दे से भटक चुके हैं और उन्हें न तो लोकतंत्र का सम्मान है और न ही संसदीय प्रक्रियाओं का। श्री नड्डा ने इस बात पर कड़ी आपत्ति जताई कि विपक्षी नेताओं ने ठीक उसी वक्त सदन से बाहर जाने का रास्ता चुना जब केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह भाषण देने के लिए खड़े हुए थे।विपक्ष केवल पेपर लीक मामले पर राजनीति करना चाहता है: भाजपा सांसद कविता पाटीदार
भारतीय जनता पार्टी की सांसद कविता पाटीदार ने पेपर लीक प्रकरण और छात्रों की आत्महत्याओं के मुद्दे पर राजनीति किए जाने की कड़े शब्दों में निंदा की। श्रीमती पाटीदार ने सवाल उठाया कि 2012 के निर्भया बलात्कार मामले, पंजाब में हुए पेपर लीक या भ्रष्टाचार के खिलाफ अन्ना हजारे के आंदोलन के समय किसने अपने पद से इस्तीफा दिया था? भाजपा सांसद ने आरोप लगाया कि विपक्षी दलों की दिलचस्पी छात्रों की समस्याओं के समाधान में नहीं है, बल्कि वे सिर्फ राजनीतिक लाभ उठाना चाहते हैं।पीएमके सांसद अन्बुमणि रामदास ने NEET कोचिंग संस्थानों को समाप्त करने की मांग की
पीएमके सांसद अन्बुमणि रामदास ने देश में फैले भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने के उद्देश्य से पूरे भारत में संचालित NEET कोचिंग सेंटरों को पूरी तरह से बंद करने का आग्रह किया। श्री रामदास ने कहा कि NEET परीक्षा का मूल उद्देश्य काबिल डॉक्टर तैयार करना और गरीब वर्ग के बच्चों को शिक्षा का अवसर देना था, परंतु वर्तमान परिस्थितियों में ये दोनों ही उद्देश्य निष्फल साबित हुए हैं।अनुराग ठाकुर ने राहुल गांधी के खिलाफ लोकसभा अध्यक्ष को सौंपा विशेषाधिकार हनन का नोटिस
भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को विपक्ष के नेता राहुल गांधी के खिलाफ विशेषाधिकार हनन और सदन की अवमानना का नोटिस सौंपा। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी ने गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ असंसदीय व अपमानजनक भाषा का प्रयोग किया तथा गंभीर और बेबुनियाद आरोप लगाए। तीन पन्नों के इस पत्र में श्री ठाकुर ने अध्यक्ष ओम बिरला से आग्रह किया कि इस मामले को विस्तृत जांच और आवश्यक कार्रवाई हेतु विशेषाधिकार समिति को भेजा जाए, जिसमें राहुल गांधी से सदन और अमित शाह से बिना शर्त माफी मांगने का निर्देश देना शामिल हो। 29 जुलाई को पेपर लीक विरोधी कानून पर चर्चा के दौरान का उल्लेख करते हुए श्री ठाकुर ने कहा कि श्री गांधी ने प्रदर्शनकारी छात्रों के साथ हुई बातचीत का विवरण देते हुए नियम 352 का उल्लंघन किया था।राघव चड्ढा की टिप्पणियों पर राज्यसभा में विपक्षी सांसदों का जोरदार हंगामा
पेपर लीक मुद्दे पर भाजपा सांसद राघव चड्ढा के वक्तव्य को लेकर विपक्षी सांसदों ने सवाल उठाए और जमकर नारेबाजी की। श्री चड्ढा ने पंजाब में आम आदमी पार्टी के शासनकाल में हुए पेपर लीक का उल्लेख किया और बताया कि राज्य में नकल का पूरा तंत्र किस प्रकार संचालित होता था। बता दें कि श्री चड्ढा खुद तीन महीने पहले तक उसी पार्टी का हिस्सा थे।सरकार ने छात्रों की आवाज सुनी, कार्रवाई की और परिणाम दिए: राघव चड्ढा
सार्वजनिक परीक्षा संशोधन विधेयक के समर्थन में बोलते हुए भाजपा सांसद राघव चड्ढा ने कहा कि छात्रों की मांगें पूरी तरह जायज थीं और प्रधानमंत्री ने न केवल एक देश के प्रधान बल्कि एक अभिभावक के रूप में उनकी बात सुनी। श्री चड्ढा ने कहा कि जब भी बात छात्रों से जुड़े मुद्दों की होती है, सरकार सुनती भी है, ठोस कदम भी उठाती है और परिणाम भी देती है। सरकार के विभिन्न प्रयासों का जिक्र करते हुए श्री चड्ढा ने कहा कि पेपर लीक को जड़ से समाप्त करने के लिए परीक्षाओं को और अधिक कंप्यूटरीकृत किया जाएगा। उन्होंने बताया कि इस नए विधेयक में कठोर सजा का प्रावधान है ताकि अपराधियों के मन में डर पैदा हो सके।सज़ा की निश्चितता अपराध रोकती है, उसकी कठोरता नहीं: AITC सांसद
AITC सांसद राजीव कुमार ने राज्यसभा में कहा कि यद्यपि लोक परीक्षा संशोधन विधेयक दंडात्मक प्रावधानों को सख्त बनाता है, फिर भी यह पेपर लीक को रोकने में नाकाम रहेगा। श्री कुमार का कहना था कि सज़ा की मात्रा किसी अपराध को रोकने में कारगर नहीं होती, बल्कि सज़ा मिलना निश्चित होना ही असल रोकथाम है।देश का युवा आज भी भाजपा के साथ है: रामदास अठवाले
केंद्रीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता राज्य मंत्री रामदास अठवाले ने प्रत्येक मुद्दे पर सरकार को जिम्मेदार ठहराने के लिए विपक्षी सांसदों की आलोचना की। श्री अठवाले ने कहा कि विपक्ष सरकार पर आरोप लगाता रह सकता है, लेकिन हम आपको दूर भेजते रहेंगे। श्री अठवाले ने सरकार द्वारा धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा स्वीकार करने और मंत्री जितेंद्र सिंह व जे.पी. नड्डा की CJP के साथ वार्ता का उल्लेख किया। उन्होंने दावा किया कि भारत के युवा अभी भी भाजपा का समर्थन करते हैं और 2029 में नरेंद्र मोदी फिर से प्रधानमंत्री पद संभालेंगे।असली मुद्दा केवल पेपर लीक नहीं बल्कि छात्रों का भविष्य है: कपिल सिब्बल
कपिल सिब्बल ने सरकार के खिलाफ विरोध जताने हेतु जंतर-मंतर पर एकत्र हुए विद्यार्थियों के कई वक्तव्य पढ़कर सुनाए। NEET पर्चा लीक को सिर्फ एक शुरुआती चिंगारी बताते हुए श्री सिब्बल ने कहा कि विद्यार्थियों की समस्या सिर्फ लीक होना नहीं, बल्कि उनका आने वाला कल है। श्री सिब्बल ने टिप्पणी की कि आपके द्वारा पेश किया गया यह विधेयक इस पूर्वधारणा पर टिका है कि प्रश्नपत्र लीक होना तय है।2014 से अब तक 152 पेपर लीक हुए पर एक भी सजा नहीं: कांग्रेस सांसद वासनिक
INC सांसद मुकुल वासनिक ने राज्यसभा में कहा कि हालिया छात्र प्रदर्शनों का प्रभाव सरकार पर वर्षों तक बना रहेगा। यह रेखांकित करते हुए कि वर्तमान विधेयक समस्या के मूल कारण को समाप्त नहीं करता, श्री वासनिक ने कहा कि अदालतों में पड़े विशाल पेंडिंग मामलों को देखते हुए फास्ट-ट्रैक अदालतें कोई हल नहीं हैं। श्री वासनिक ने आंकड़े दिए कि वर्ष 2014 के बाद से 152 बार पेपर लीक की घटनाएं हुई हैं, लेकिन इसके बावजूद किसी भी मामले में दोषसिद्धि नहीं हो सकी है।सुधांशु त्रिवेदी के बयान पर राज्यसभा में जोरदार हंगामा
भारतीय जनता पार्टी के सांसद सुधांशु त्रिवेदी द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की शिक्षा से जुड़ी टिप्पणी किए जाने के बाद विपक्षी सांसदों ने उन पर तीखे सवाल उठाए। त्रिवेदी ने कहा कि विपक्षी नेताओं ने अपनी पढ़ाई, परीक्षाओं या अपनी ही राजनीतिक पार्टियों के भीतर कभी स्पर्धा का सामना नहीं किया है और अब वे सरकार को सीख दे रहे हैं। त्रिवेदी ने कहा, “इसके विपरीत, हमारे नेताओं और हमारे प्रधानमंत्री ने कठिन परीक्षाओं तथा स्पर्धाओं को पार किया है और जमीन से उठकर ऊपर आए हैं।”सुधांशु त्रिवेदी ने पेपर लीक माफिया पर लगाम कसने के लिए सरकारी कदमों का ब्योरा दिया
लोक परीक्षा संशोधन विधेयक का समर्थन करते हुए बीजेपी सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने नीट पेपर लीक और छात्रों के आंदोलन पर हो रही राजनीति की कड़े शब्दों में निंदा की। त्रिवेदी ने ध्यान दिलाया कि आज राष्ट्रीय प्रवेश परीक्षाएं 13 विविध भाषाओं में आयोजित की जा रही हैं, जबकि राजीव गांधी के प्रधानमंत्री कार्यकाल में यह केवल अंग्रेजी भाषा तक सीमित थीं। उन्होंने संकट के समाधान के लिए सरकार के प्रयासों की सूची सामने रखी -- केंद्रीय मंत्री J.P. Nadda और Jitendra Singh ने सोनम वांगचुक का अनशन तुड़वाया, आंदोलनकारी छात्रों की मांगें स्वीकार कीं, धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दिया, एक फास्ट-ट्रैक अदालत बनाई गई, और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नंदन नीलेकणि की अध्यक्षता में एक कार्यबल का गठन किया।मिलिंद देवड़ा ने नीट परीक्षा पर सरकार की त्वरित कार्रवाई की सराहना की
शिवसेना सांसद मिलिंद देवड़ा ने लीक हुई नीट परीक्षा को तुरंत रद्द करने, जांच CBI को सौंपने और कुछ ही दिनों के भीतर दोबारा परीक्षा आयोजित करने के लिए सरकार की प्रशंसा की। इसके अलावा देवड़ा ने UIDAI के अध्यक्ष नंदन नीलेकणि का भी समर्थन किया -- जिनकी अध्यक्षता में NTA व्यवस्था में सुधार के लिए एक कार्यबल गठित किया गया है -- और उनके कार्यबल पर पूरा भरोसा जताया।छात्रों पर पुलिस कार्रवाई पर गृह मंत्री अमित शाह की चुप्पी पर संजय राउत ने उठाए सवाल
शिवसेना (UBT) सांसद संजय राउत ने सवाल दागा कि सरकार छात्रों के विरोध प्रदर्शनों से इतनी 'डरी हुई' क्यों है। राउत ने कहा कि कई सांसदों ने अपने करियर की शुरुआत छात्र आंदोलनों से ही की थी। राउत ने पूछा, "तो फिर अब हम उनसे भयभीत क्यों हो रहे हैं?" राउत ने केंद्र से सवाल किया, "जब छात्रों पर लाठियां, आंसू गैस और पैलेट चलाए जा रहे हैं, तब गृह मंत्री की ओर से इस पर कोई बयान क्यों नहीं आया है?"अपराधियों के लिए सजा बढ़ाना ही काफी नहीं: JMM सांसद महुआ माजी
JMM की सांसद महुआ माजी ने राज्यसभा में कहा कि भले ही लोक परीक्षा संशोधन विधेयक पेपर लीक माफिया के लिए सजा सख्त करने का प्रयास करता है, लेकिन केवल इतना ही पर्याप्त नहीं है। माजी ने कहा कि रोकथाम, पारदर्शिता और जवाबदेही तय करना इससे कहीं अधिक महत्वपूर्ण है। फिनलैंड, सिंगापुर और दक्षिण कोरिया जैसे देशों का उदाहरण देते हुए, जिन्होंने अपनी परीक्षा प्रणालियों और शिक्षा व्यवस्था में बदलाव किया है, माजी ने पेपर लीक रोकने के लिए शिक्षा ढांचे में सुधार और उसके डिजिटलीकरण का सुझाव दिया।इस सरकार ने अघोषित आपातकाल लागू कर दिया है: जॉन ब्रिटास
CPI(M) सांसद जॉन ब्रिटास के बयानों का उत्तर देते हुए केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा, "जब छात्र प्रदर्शन करते हैं, तो क्या संसद में विधेयक लाकर चर्चा करना बेहतर है, या प्रदर्शनों के बाद आपातकाल थोप देना बेहतर है?" रिजिजू का इशारा 1975 में पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी द्वारा लगाए गए आंतरिक आपातकाल की ओर था। इसके जवाब में ब्रिटास ने कहा, "हम सभी ने उस आपातकाल का संताप झेला और उसका विरोध किया था। लेकिन इस वर्तमान सरकार ने देश में एक अघोषित आपातकाल लागू कर दिया है।"NEET पेपर लीक मामले में पूरी व्यवस्था ही समस्या है, बोले CPI(M) सांसद जॉन ब्रिटास
CPI(M) सांसद जॉन ब्रिटास ने सरकार से आग्रह किया कि वह पेपर लीक के केवल बाहरी लक्षणों का इलाज करने के बजाय इसकी असल जड़ तक पहुंचे। ब्रिटास ने कहा कि फास्ट-ट्रैक अदालतें और समितियां पेपर लीक की समस्या का हल नहीं निकाल सकतीं, क्योंकि मौजूदा व्यवस्था खुद इस संकट की मुख्य वजह है। उच्च सदन को संबोधित करते हुए ब्रिटास ने कहा कि प्रदर्शनकारी बच्चों के आंसुओं को अश्रु गैस से नहीं सुखाया जा सकता और न ही पेलेट गन उनके संकल्प को तोड़ सकती हैं।हम रोक से आगे बढ़कर पेपर लीक के खात्मे तक नहीं पहुंच पा रहे: RJD सांसद मनोज झा
RJD सांसद मनोज कुमार झा ने कहा कि हम पेपर लीक की रोकथाम से आगे बढ़कर इसके पूर्ण उन्मूलन की दिशा में काम नहीं कर पा रहे हैं। झा ने सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि आज की युवा पीढ़ी (Gen Z) यह नहीं चाहती कि नेता सोशल मीडिया पर वीडियो बनाएं या उनकी भाषा की नकल करें, बल्कि वे चाहते हैं कि सरकार उनकी समस्याओं को समझे। उन्होंने चेतावनी दी कि इस बार सिर्फ एक मंत्री को जाना पड़ा है, लेकिन अगली बार पूरी सरकार को जाना पड़ेगा।NTA को भंग करे सरकार, RJD सांसद ने की मांग
RJD सांसद मनोज कुमार झा ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा से राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) को समाप्त करने की अपील की। झा ने कहा कि हमें इस बुराई को इसके स्रोत से ही खत्म करना होगा। झा ने शिक्षा राज्य मंत्री जयंत चौधरी के साथ हुई बातचीत का जिक्र करते हुए कहा कि 53-54 वर्ष की उम्र में लोग GATE की दोबारा परीक्षा दे रहे हैं, जबकि दूसरी तरफ विश्वविद्यालय के कुलपति बिना कोई परीक्षा दिए बड़े पदों पर आसीन हैं।गुजरात और यू.पी. में प्रतिबंधित कंपनी EduTest ने आयोजित की थीं परीक्षाएं: संजय सिंह
AAP सांसद संजय सिंह ने 'EduTest' नामक कंपनी पर गंभीर सवाल खड़े किए, जिसने गुजरात, उत्तर प्रदेश और बिहार में परीक्षाएं कराई थीं और जिसे तीनों राज्यों में ब्लैकलिस्ट किया जा चुका है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार के पक्षपातपूर्ण रवैये की वजह से ही इस कंपनी को लगातार परीक्षा कराने के ठेके मिलते रहे।सरकार ने आतंकवादियों जैसा व्यवहार किया है: AAP के संजय सिंह
AAP सांसद संजय सिंह ने पिछले 10 वर्षों में आत्महत्या करने वाले 1.23 लाख विद्यार्थियों को श्रद्धांजलि देकर अपनी बात शुरू की। सिंह ने फास्ट-ट्रैक अदालतों में लंबित मुकदमों के अंबार और स्कूलों व शिक्षा क्षेत्र में बुनियादी सुविधाओं की कमी का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा, "अनपढ़ बनेगा इंडिया, तभी तो अंधभक्त बनेगा इंडिया।" उन्होंने दिल्ली और बिहार में छात्रों के विरोध प्रदर्शन के दौरान की गई अत्यधिक बल प्रयोग की घटनाओं पर सवाल उठाए। बिहार में छात्रों पर पुलिस द्वारा AK-47 चलाने का दावा करते हुए सिंह ने कहा कि सरकार का रवैया आतंकवादियों जैसा रहा है।यह विधेयक सरकार की ताकत दर्शाता है, कमजोरी नहीं: NCP सांसद प्रफुल पटेल
लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक पर चर्चा में हिस्सा लेते हुए NCP सांसद प्रफुल पटेल ने कहा कि पिछले कुछ महीनों के घटनाक्रमों ने हम सभी को व्यथित किया है। उन्होंने कहा कि चूंकि यह मुद्दा देश के युवाओं के भविष्य से जुड़ा है, इसलिए इस पर बिना कोई राजनीति किए विचार-विमर्श होना चाहिए। विरोध प्रदर्शन करने के लोकतांत्रिक अधिकार का समर्थन करते हुए पटेल ने प्रदर्शनों के दौरान इस्तेमाल की जा रही भाषा पर सवाल उठाया और युवाओं को सही मार्गदर्शन दिए जाने की बात कही। उन्होंने कहा कि इस विधेयक को सरकार की कमजोरी नहीं, बल्कि देश को आगे ले जाने के उसके मजबूत संकल्प के रूप में देखा जाना चाहिए।NEET को खत्म कर राज्यों को मेडिकल प्रवेश परीक्षा कराने का अधिकार दें: SP सांसद
लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक पर अपनी राय रखते हुए समाजवादी पार्टी के सांसद रामगोपाल यादव ने केवल सजा बढ़ाने के प्रावधान पर सवाल उठाए। यादव ने कहा कि महज सजा सख्त कर देने से अपराधों को घटने से नहीं रोका जा सकता। उन्होंने NEET की परीक्षा को समाप्त करने का सुझाव दिया और मांग की कि राज्यों को अपनी मेडिकल प्रवेश परीक्षाएं स्वयं आयोजित करने का अधिकार मिलना चाहिए।मलयालम चैनल पर संजय कुमार झा की टिप्पणी की होगी समीक्षा
भाकपा(एम) सांसद ए.ए. रहीम ने जद(यू) सांसद संजय कुमार झा की एक मलयालम समाचार चैनल से जुड़ी टिप्पणी पर आपत्ति दर्ज कराई। झा ने कहा था कि एक मलयालम चैनल ने दिखाया कि दुबई के एक कारोबारी ने भारत में हुए हालिया छात्र प्रदर्शनों में शामिल होने के लिए 23 लोगों को पैसे दिए। पीठ ने रहीम को आश्वासन दिया कि झा द्वारा लगाए गए आरोपों की जांच की जाएगी।छात्र आंदोलनों में हिस्सा लेने वाले तत्वों की जांच जरूरी: जद(यू) सांसद
लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक पर चर्चा के दौरान बिहार से जद(यू) सांसद संजय कुमार झा ने चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में केंद्र सरकार की उपलब्धियां गिनाईं। उन्होंने आरोप लगाया कि एक मलयालम चैनल ने दिखाया कि दुबई के एक व्यापारी ने 23 लोगों को भारत भेजकर छात्र आंदोलनों में भाग लेने के लिए भुगतान किया। झा के बयान का कांग्रेस सांसदों ने कड़ा विरोध किया। झा ने कहा कि हालांकि छात्रों के सवाल सही थे, लेकिन यह विचारणीय है कि इन विरोध प्रदर्शनों में किस तरह के लोगों ने हिस्सा लिया।बंदूक, लाठी और आंसू गैस से छात्रों को न दबाएं: तिरुचि शिवा
द्रमुक सांसद तिरुचि शिवा ने कहा कि यह आश्चर्यजनक है कि सरकार साल भर से हड़ताल पर बैठे किसानों, मणिपुर की जनता या सीएए विरोधियों के आगे नहीं झुकी, लेकिन छात्रों ने एक महीने के भीतर सरकार को विवश कर दिया। उन्होंने कहा कि यह छात्र शक्ति का प्रभाव है। उन्हें कम आंककर बंदूक, लाठी और आंसू गैस से दबाने की कोशिश न करें, यह सही रास्ता नहीं है। शिवा ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री सोशल मीडिया पर बोलते हैं, लेकिन विधेयकों पर चर्चा के दौरान सदन में उपस्थित नहीं होते।छात्रों को दिए गए आश्वासन अधूरे रहे: तिरुचि शिवा
द्रमुक सांसद तिरुचि शिवा ने कहा कि भाजपा सांसद बृजलाल ने यह कहकर सदन को गुमराह किया कि प्रदर्शन के दौरान पैलेट गन नहीं चली, जबकि कल ही सुप्रीम कोर्ट ने पैलेट गन से घायलों के इलाज का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि छात्रों से किए गए दो वादों में से एक—मामले वापस लेना—अभी तक पूरा नहीं हुआ है। उन्होंने एंटी-चीटिंग बिल को बेकार बताते हुए कहा कि यह छात्रों का मानसिक तनाव दूर नहीं कर सकता। सरकार की हठधर्मिता से 124 छात्रों की जान चली गई। नीट परीक्षा का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि भारत जैसे विविध देश में एक शिक्षा प्रणाली सब पर लागू नहीं हो सकती और नीट को खत्म करना द्रमुक की नीति है।डीएमके ने पेपर लीक विरोधी विधेयक को बताया बेकार
गुरुवार को राज्यसभा में बात रखते हुए, डीएमके सांसद तिरुचि शिवा ने कहा कि पेपर लीक से जुड़ा विधेयक पूरी तरह निरर्थक है। श्री शिवा ने टिप्पणी की, "यह कानून देश की वर्तमान शिक्षा व्यवस्था में कोई बदलाव नहीं लाएगा।"लोकसभा ने ध्वनिमत से राष्ट्रीय गौरव संशोधन विधेयक किया पारित
यह विधेयक संक्षिप्त चर्चा के बाद पास हो गया, जिसमें डीएमके की कनिमोझी और बीजेपी के संबित पात्रा ने कुछ मिनटों तक अपनी बात रखी। राष्ट्रीय गौरव (संशोधन) विधेयक 2026 'वंदे मातरम' की सुरक्षा के प्रावधानों तथा भारतीय राष्ट्रवाद पर इसके प्रभावों को रेखांकित करता है।डीएमके ने राष्ट्रीय गौरव विधेयक का किया विरोध
डीएमके सांसद कनिमोझी का कहना है कि राष्ट्रीय गौरव (संशोधन) विधेयक धर्मनिरपेक्ष सिद्धांतों के खिलाफ है। उन्होंने कहा, "इस विधेयक को लाकर आप तमिलनाडु की जनता का अनादर कर रहे हैं।" उन्होंने आगे कहा कि यह कानून देश भर के नागरिकों को बांटने का काम करता है, इसलिए डीएमके इसका कड़ा विरोध करती है।खड़गे ने शिक्षकों के खाली पड़े पद भरने का किया आग्रह
गुरुवार को उच्च सदन में बोलते हुए, खड़गे ने केंद्र सरकार से शिक्षण संस्थानों में खाली पड़े अध्यापकों के पदों को तुरंत भरने की मांग की। उन्होंने यह भी कहा कि दिल्ली में हुई हिंसा की जवाबदेही केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को स्वीकार करनी चाहिए।देश में शिक्षा व्यवस्था की स्थिति चिंताजनक, राज्यसभा में बोले खड़गे
राज्यसभा को संबोधित करते हुए, श्री खड़गे ने जानकारी दी कि पूरे देश में शिक्षकों के करीब 10 लाख पद रिक्त हैं। श्री खड़गे ने सवाल उठाते हुए पूछा कि देश में शिक्षा प्रणाली का आखिरकार क्या हाल हो गया है। श्री खड़गे ने आरोप लगाया, "देश के अनेक शैक्षणिक संस्थानों में आरएसएस से जुड़े पदाधिकारियों को कुलपति के पदों पर बैठा दिया गया है।"सरकार घटनाएं रोकने के बजाय सिर्फ डैमेज कंट्रोल और सुर्खियां बनाने का काम करती है: खड़गे
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार अप्रिय घटनाओं को होने से रोकने के बजाय केवल डैमेज कंट्रोल करने और मीडिया की सुर्खियां बटोरने में लगी रहती है। श्री खड़गे ने कहा कि पुनः परीक्षाएं आयोजित होना कई निर्धन परिवारों के लिए एक भारी आर्थिक बोझ बन जाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि बार-बार यात्रा करने की मजबूरी के कारण कई छात्र दोबारा परीक्षा देने से वंचित रह गए, जिससे गरीब विद्यार्थियों को परेशानी झेलनी पड़ी।कई राज्यों में डबल इंजन सरकार होने के बावजूद पेपर लीक जारी: खड़गे
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने बार-बार होने वाले पेपर लीक के मामलों पर केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने तर्क दिया कि जांच एजेंसियां केंद्र के नियंत्रण में होने और विभिन्न राज्यों में भारतीय जनता पार्टी की "डबल इंजन" सरकारें मौजूद होने के बाद भी ऐसी घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं。 उन्होंने कहा कि यदि CBI, NTA और ED जैसे संस्थानों की स्वायत्तता बरकरार रखी जाती, तो आज पैदा हुए हालात से बचा जा सकता था।खड़गे का सवाल- अगर गृह मंत्रालय ने नहीं, तो लाठीचार्ज का आदेश किसने दिया?
मल्लिकार्जुन खड़गे ने आरोप लगाया कि सरकार के इशारे पर ही विरोध प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर लाठीचार्ज कराया गया। श्री खड़गे का कहना है कि दिल्ली पुलिस और CRPF सीधे केंद्रीय गृह मंत्री के अधीन कार्य करते हैं। उन्होंने दावा किया कि गृह मंत्रालय की मंजूरी के बिना यह सब होना संभव ही नहीं है।खड़गे ने दिल्ली पुलिस की कार्रवाई पर अमित शाह के वक्तव्य की मांग की
राज्यसभा में बोलते हुए मल्लिकार्जुन खड़गे ने दिल्ली में पुलिस की कथित बर्बरता पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से सदन में जवाब देने की मांग की। गृह मंत्री की जवाबदेही तय करते हुए श्री खड़गे ने कहा कि बंद कमरे में बैठकर बिना जवाब दिए काम नहीं चलेगा, और विपक्ष उन्हें सदन के सामने जवाब देने के लिए मजबूर करेगा।बीजेपी की वजह से देश को देखने पड़े लीक, प्रदर्शन और पुलिस की सख्ती: खड़गे
गुरुवार को राज्यसभा में अपनी बात रखते हुए श्री खड़गे ने कहा कि बीजेपी की राजनीति के कारण ही देश को पेपर लीक, बड़े पैमाने पर आंदोलन और पुलिस की कार्रवाई का सामना करना पड़ा है। श्री खड़गे के अनुसार, यदि सत्ताधारी दल संकीर्ण राजनीति से दूर रहता तो इन सभी अप्रिय घटनाओं को होने से रोका जा सकता था। उन्होंने यह भी कहा कि प्रदर्शनकारियों को लगी हर चोट और घाव के लिए वर्तमान सरकार पूरी तरह जिम्मेदार है।मल्लिकार्जुन खड़गे का सवाल- पेपर लीक रोकने का कानून पहले क्यों नहीं लाया गया?
गुरुवार को राज्यसभा में बोलते हुए विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने सवाल उठाया कि पेपर लीक की रोकथाम से जुड़ा विधेयक पहले क्यों पेश नहीं किया गया। श्री खड़गे ने कहा कि केंद्र सरकार छात्रों के भविष्य को सुरक्षित करने के बजाय राजनीतिक पैंतरेबाजी में व्यस्त रही। उन्होंने आरोप लगाया कि यह विधेयक वास्तविक सुधारों के उद्देश्य से नहीं, बल्कि दिल्ली में हो रहे विरोध प्रदर्शनों को शांत करने के लिए लाया गया है।डॉ. सिंह ने विधेयक में शामिल नए संशोधनों की दी जानकारी
पेश किए गए संशोधनों के अनुसार, पेपर लीक मामलों की जांच दो महीने के भीतर पूरी करना अनिवार्य होगा। इसके साथ ही राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को यह अधिकार दिया गया है कि वे सत्र न्यायालयों (Sessions Courts) को विशेष फास्ट-ट्रैक अदालतों के रूप में नामित करें, ताकि आरोप पत्र (chargesheet) दाखिल होने के तीन महीने के अंदर दैनिक सुनवाई पूरी की जा सके। विधेयक में दोषियों के लिए कड़े दंड का भी प्रावधान है। सरकारी परीक्षाओं में पेपर लीक या अनुचित साधनों के प्रयोग के दोषी पाए जाने वाले व्यक्तियों को 5 से 10 साल की जेल और ₹50 लाख तक का जुर्माना भुगतना होगा। संगठित गिरोहों के लिए न्यूनतम 7 साल की सजा और ₹10 करोड़ तक के जुर्माने की व्यवस्था की गई है। इसके अतिरिक्त, आवश्यकता पड़ने पर केंद्र सरकार को विशेष कार्य बल (special task force) गठित करने का अधिकार भी दिया गया है।डॉ. सिंह ने एंटी-पेपर लीक विधेयक के मुख्य बिंदुओं पर की चर्चा
डॉ. सिंह ने कहा कि ये संशोधन 2024 के कानून के क्रियान्वयन के बाद मिले अनुभवों से सीखने की सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं। उन्होंने राज्यसभा में सूचित किया कि मूल कानून लागू होने के बाद से अब तक 52 प्राथमिकी (FIR) दर्ज की जा चुकी हैं और पेपर लीक की घटनाओं से जुड़ी आत्महत्याओं के मामलों में गिरावट आई है।जितेंद्र सिंह ने राज्यसभा में रखा पक्ष, विपक्ष का हंगामा
केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने राज्यसभा में अपनी बात रखी। डॉ. सिंह ने एंटी-पेपर लीक विधेयक पर विस्तार से चर्चा की। उल्लेखनीय है कि यह विधेयक बुधवार को लोकसभा में ध्वनि मत से पारित हो चुका है। जब डॉ. सिंह ने देश में पूर्व में हुई पेपर लीक की घटनाओं का उल्लेख करना शुरू किया, तो सदन में विपक्षी सदस्यों का भारी विरोध और हंगामा शुरू हो गया।विपक्षी सदस्यों के हंगामे के बीच लोकसभा 3 बजे तक के लिए स्थगित
विपक्षी सांसदों द्वारा लगातार किए जा रहे विरोध प्रदर्शन और नारेबाजी को देखते हुए लोकसभा की कार्यवाही दोपहर 3 बजे तक के लिए रोक दी गई।श्रम संहिताओं के तहत महिला कर्मचारियों के अधिकारों पर राज्य मंत्री शोभा करंदलाजे का बयान
केंद्रीय श्रम एवं रोजगार राज्य मंत्री शोभा करंदलाजे ने बताया कि सरकार ने महिला कर्मचारियों के लिए सवेतन मातृत्व अवकाश की अवधि बढ़ाकर 26 सप्ताह कर दी है और घर से काम करने के विकल्पों का प्रावधान भी जोड़ा है। उन्होंने आगे स्पष्ट किया कि श्रम संहिताएं लैंगिक आधार पर किसी भी प्रकार के भेदभाव को प्रतिबंधित करती हैं, समान काम के लिए समान वेतन का आश्वासन देती हैं और महिला श्रमिकों की समस्याओं के निवारण हेतु शिकायत निवारण ढांचा उपलब्ध कराती हैं। इसके अतिरिक्त, उन्होंने इस बात पर बल दिया कि ये नियम किसी भी क्षेत्र में महिलाओं के काम करने के अधिकार का संरक्षण करते हैं।श्रम संहिता में गीग वर्करों को मिली है औपचारिक पहचान: केंद्रीय मंत्री मनसुख मंडाविया
प्रश्नकाल के दौरान राज्यसभा को संबोधित करते हुए श्रम एवं रोजगार मंत्री मनसुख मंडाविया ने कहा कि सरकार ने नए श्रम कानूनों में गीग वर्करों को मान्यता दी है। अंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठन (ILO) के सामाजिक सुरक्षा ढांचे को लागू न करने से जुड़े एक सवाल पर उन्होंने स्पष्ट किया कि गीग श्रमिक ई-श्रम (e-Shram) पोर्टल के जरिए अपनी प्रविष्टि करा सकते हैं और उनके सामाजिक संरक्षण के लिए कानूनों में एक पृथक व लचीली व्यवस्था तैयार की गई है।असम के UPP(L) सांसद प्रमोद बोरो ने बोडो समझौते के क्रियान्वयन पर विचार रखे
असम से UPP(L) सांसद प्रमोद बोरो ने सदन में राज्य के बाढ़ पीड़ितों को श्रद्धांजलि अर्पित की। बोडो समझौते के क्रियान्वयन और पूर्वोत्तर में शांति व्यवस्था पर चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि वे क्षेत्र में एक स्थायी शांति की उम्मीद करते हैं।असम के सांसद जोगेन मोहन ने बाढ़ संकट का मुद्दा उठाया, केंद्र से अतिरिक्त मदद मांगी
असम में आई भीषण बाढ़ की ओर ध्यान आकर्षित करते हुए सांसद जोगेन मोहन ने कहा कि राज्य में बाढ़ की समस्या से निपटने के लिए दीर्घकालिक बाढ़ नियंत्रण उपायों की आवश्यकता है।शून्यकाल के दौरान सुरेंद्र सिंह नागर ने 'वन नेशन वन डिजिटल मेट्रो कार्ड' की मांग उठाई
शून्यकाल के दौरान बोलते हुए सांसद सुरेंद्र सिंह नागर ने देश भर में 'वन नेशन वन डिजिटल मेट्रो कार्ड' की आवश्यकता पर बल दिया।सदन के नेता जे.पी. नड्डा ने विपक्ष पर कार्रवाई में बाधा डालने का आरोप लगाया
सदन के नेता जे.पी. नड्डा ने कहा कि विपक्षी दल शून्यकाल के दौरान सदन की कार्यवाही को बाधित कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि विपक्ष के पास कोई ठोस मुद्दा नहीं है, जबकि सरकार हर विषय पर बहस करने को तैयार है।छात्रों पर पुलिस कार्रवाई पर राज्यसभा में विपक्ष की जोरदार नारेबाजी
छात्रों पर हुई पुलिस बर्बरता के मुद्दे पर गृह मंत्री अमित शाह से जवाब मांगते हुए विपक्षी दलों के नेताओं ने राज्यसभा में जोरदार नारेबाजी शुरू कर दी।विपक्षी हंगामे के बीच लोकसभा दोपहर 2 बजे तक के लिए स्थगित
गुरुवार (30 जुलाई, 2026) को शुरू होते ही विपक्षी हंगामे के कारण लोकसभा की कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक स्थगित कर दी गई।लोकसभा की कार्यवाही शुरू; अध्यक्ष ने राष्ट्रमंडल खेलों के विजेताओं को बधाई दी
लोकसभा की कार्यवाही शुरू होते ही लोकसभा अध्यक्ष ने राष्ट्रमंडल खेलों में पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को बधाई दी।विपक्ष के नेताओं ने संसद परिसर के अंदर प्रदर्शन किया
जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन के दौरान पुलिस की कार्रवाई के विरोध में विपक्षी नेताओं ने संसद परिसर के भीतर विरोध-प्रदर्शन किया। - PTIकांग्रेस MP मनीष तिवारी ने नए दल-बदल विरोधी कानून पर चर्चा के लिए लोकसभा में स्थगन प्रस्ताव दिया
कांग्रेस के MP मनीष तिवारी ने गुरुवार (30 जुलाई) को लोकसभा में एक नया दल-बदल विरोधी कानून बनाने के दायरे पर बहस की मांग करते हुए स्थगन प्रस्ताव पेश किया। उनका उद्देश्य अवसरवादी और बिना किसी वैचारिक या नीतिगत मतभेद के बड़े पैमाने पर होने वाले राजनीतिक दल-बदल पर रोक लगाना है, साथ ही संसद और विधानमंडलों के भीतर व बाहर जनप्रतिनिधियों की ईमानदार और आलोचनात्मक असहमति का सम्मान सुनिश्चित करना है।विदेश मामलों की स्थायी समिति की दो रिपोर्ट लोकसभा में होंगी पेश
कार्यसूची के मुताबिक, विदेश मामलों की स्थायी समिति की दो रिपोर्ट लोकसभा के पटल पर रखी जाएंगी। इनमें "आर्कटिक और अंटार्कटिक क्षेत्रों में भारत की भूमिका और मौजूदगी" पर विस्तृत रिपोर्ट शामिल है, साथ ही भारत-बांग्लादेश संबंधों के भविष्य से जुड़ी सिफारिशों पर सरकार द्वारा की गई कार्रवाई की स्थिति भी पेश की जाएगी।राम मंदिर चंदा घोटाले पर तत्काल चर्चा के लिए कांग्रेस MP का नोटिस
कांग्रेस के राज्यसभा MP रणदीप सिंह सुरजेवाला ने गुरुवार (20 जुलाई, 2026) को नियम 267 के तहत एक औपचारिक नोटिस प्रस्तुत किया, जिसमें श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट से जुड़ी कथित वित्तीय अनियमितताओं, गबन और चंदे की लूट पर चर्चा के लिए तय कामकाज को स्थगित करने का अनुरोध किया गया है。 राज्यसभा के महासचिव को भेजे अपने पत्र में, सुरजेवाला ने सभापति से आग्रह किया कि सरकारी जवाबदेही तय करने हेतु अत्यंत महत्वपूर्ण और त्वरित बहस के लिए पूर्व-निर्धारित सभी विधायी कार्यों को रोक दिया जाए。 नोटिस में रेखांकित किया गया कि दुनियाभर के करोड़ों श्रद्धालुओं ने अगाध धार्मिक आस्था के तहत सामूहिक, व्यक्तिगत और गुप्त दान के जरिए हजारों करोड़ रुपये का अंशदान दिया था。 नोटिस के अनुसार, "ऐसा इसलिए है क्योंकि श्री राम मंदिर में दान की चोरी, चढ़ावे की लूट और गबन का मामला न केवल करोड़ों भक्तों की आस्था पर डाका है, बल्कि यह माननीय उच्चतम न्यायालय के आदेश से गठित श्री राम मंदिर ट्रस्ट के सदस्यों और संबद्ध कर्मचारियों द्वारा की गई सीधी लूट, गबन और भ्रष्टाचार का मामला है।" ANIकांग्रेस MP ने नए दल-बदल कानून पर विचार के लिए लोकसभा में दिया स्थगन प्रस्ताव
कांग्रेस MP मनीष तिवारी ने गुरुवार (30 जुलाई, 2026) को लोकसभा में एक नए दल-बदल विरोधी कानून की रूपरेखा पर बातचीत की मांग करते हुए स्थगन प्रस्ताव का नोटिस दिया。 अपने नोटिस में, तिवारी ने एक ऐसे कानूनी ढांचे का समर्थन किया जो अवसरवादिता से प्रेरित बड़े पैमाने के दल-बदल को रोक सके, जिनका किसी वास्तविक नीतिगत या वैचारिक मतभेद से कोई सरोकार नहीं होता。 कांग्रेस नेता ने संसद और राज्य विधानमंडलों के अंदर और बाहर जनप्रतिनिधियों की सच्ची और आलोचनात्मक असहमति के अधिकार की रक्षा करने तथा दल-बदल पर अंकुश लगाने के बीच संतुलन साधने पर जोर दिया। उन्होंने मौजूदा दल-बदल विरोधी प्रावधानों की समीक्षा करने और लोकतांत्रिक जवाबदेही को सुदृढ़ बनाने के लिए सदन से इस पर विस्तृत चर्चा कराने का आग्रह किया है。 ANIसंसद में राम मंदिर चंदा गबन का मुद्दा उठाने की तैयारी में विपक्ष
INDIA गठबंधन के भीतर यह सहमति बन रही है कि विपक्ष को संसद में अयोध्या राम मंदिर गबन के मुद्दे को लगातार उठाना चाहिए। विपक्षी दलों की बैठकों में इस मामले को लगातार उठाने वाली समाजवादी पार्टी (SP) ने बुधवार (29 जुलाई, 2026) को संसद परिसर में विरोध-प्रदर्शन किया。 वरिष्ठ विपक्षी नेताओं के अनुसार, यह तय किया गया कि गुरुवार (30 जुलाई, 2026) को लोकसभा में और सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026 पारित होने के बाद राज्यसभा में इस मुद्दे पर चर्चा मांगी जाएगी। विपक्ष अयोध्या राम मंदिर में चंदे के कथित गबन पर बहस की मांग पर अड़ा है。 विपक्षी दल संसद में राम मंदिर चंदा घोटाले को उठाने की योजना बना रहे हैं, जिसकी अगुआई समाजवादी पार्टी कर रही है।
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