संसद के मौजूदा मानसून सत्र के छठे दिन सोमवार, 27 जुलाई 2026 को राजनीतिक सरगर्मी काफी तेज रही। कार्यवाही शुरू होने से पहले विपक्षी दलों के नेताओं ने अपनी अगली रणनीति तय करने के लिए राज्यसभा में विपक्ष के नेता के कार्यालय में एक महत्वपूर्ण बैठक की। सत्र की शुरुआत से पहले ही माहौल में तनाव साफ दिखाई दे रहा था।
विपक्ष की रणनीति और विरोध प्रदर्शन
विपक्षी दलों का INDIA ब्लॉक देश भर में प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक और उसके खिलाफ शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे विद्यार्थियों पर पुलिस द्वारा कथित अत्यधिक बल प्रयोग के मुद्दे पर सरकार को घेरने की पूरी तैयारी के साथ आया था। कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर इस मामले में जवाबदेही तय करने की मांग की। वहीं, तृणमूल कांग्रेस की सांसद सागरिका घोष ने इस गंभीर राष्ट्रीय महत्व के विषय पर चर्चा के लिए कार्यस्थगन नोटिस सौंपा। कांग्रेस सांसद सैयद नसीर हुसैन ने भी दिल्ली में 20 जुलाई 2026 को प्रदर्शनकारियों पर हुई कार्रवाई के विरोध में राज्यसभा में नियम 267 के तहत नोटिस दिया।
लोक परीक्षा संशोधन विधेयक पेश
भारी हंगामे और नारेबाजी के बीच केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने लोकसभा में लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026 पेश किया। इस नए संशोधन का उद्देश्य परीक्षाओं में होने वाली धांधलियों और नकल को रोकना है। विधेयक के प्रावधानों के तहत पेपर लीक से जुड़े मामलों की जांच दो महीने के भीतर पूरी करना अनिवार्य किया गया है। इसमें दोषियों के लिए पांच से दस साल तक की कैद और पचास लाख रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान है। इसके अलावा, संगठित अपराध के मामलों में कम से कम सात साल की सजा और दस करोड़ रुपये तक के भारी जुर्माने का प्रस्ताव रखा गया है।
संसद में तीखी नोकझोंक और हंगामे के कारण स्थगन
विपक्ष ने सरकार के इस कदम को नाकाफी बताते हुए कड़ा विरोध जताया। कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने इस विधेयक को केवल एक बैंड-एड करार दिया और कहा कि यह युवाओं को शांत करने के लिए उठाया गया सतही कदम है। समाजवादी पार्टी की सांसद इकरा हसन और कांग्रेस सांसद इमरान प्रतापगढ़ी ने भी छात्रों पर पुलिसिया कार्रवाई की निंदा करते हुए प्रधानमंत्री और गृह मंत्री से माफी और सदन में बयान की मांग की। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला ने सदन की कार्यवाही को सुचारू रूप से चलाने की अपील करते हुए कहा कि विधेयक पर चर्चा के लिए छह घंटे का समय बढ़ाया जा सकता है और इस पर कुल 91 संशोधन प्रस्ताव आए हैं। हालांकि, लगातार हंगामे के चलते लोकसभा और राज्यसभा दोनों की कार्यवाही बार-बार बाधित हुई और अंततः दोनों सदनों को मंगलवार, 28 जुलाई 2026 की सुबह तक के लिए स्थगित कर दिया गया।



















