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लाइव: कोलकाता पूजा पंडाल में भगदड़ से जुड़े ताजा घटनाक्रम | भीड़ संभालने के लिए 9 वरिष्ठ आईपीएस तैनात, गिरफ्तार सात आरोपी रिमांड पर — 19 अक्तूबर 2026लाइव
19 अक्तू॰ 2026, 4:52 am (9 मिनट पहले)· 0

लाइव: कोलकाता पूजा पंडाल में भगदड़ से जुड़े ताजा घटनाक्रम | भीड़ संभालने के लिए 9 वरिष्ठ आईपीएस तैनात, गिरफ्तार सात आरोपी रिमांड पर — 19 अक्तूबर 2026

कोलकाता के चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल में मची दुखद भगदड़ के बाद पश्चिम बंगाल प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था सख्त कर दी है। भीड़ नियंत्रण के लिए नौ अनुभवी आईपीएस अधिकारियों को मैदान में उतारा गया है और कोलकाता पुलिस ने 11 सूत्रीय निर्देश जारी किए हैं। वहीं इस हादसे में जान गंवाने वाले 19 लोगों में से अधिकांश महिलाएं व बच्चे शामिल हैं।

कोलकाता के चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल में मची दुखद भगदड़ के बाद पश्चिम बंगाल प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था सख्त कर दी है। भीड़ नियंत्रण के लिए नौ अनुभवी आईपीएस अधिकारियों को मैदान में उतारा गया है और कोलकाता पुलिस ने 11 सूत्रीय निर्देश जारी किए हैं। वहीं इस हादसे में जान गंवाने वाले 19 लोगों में से अधिकांश महिलाएं व बच्चे शामिल हैं।

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लाइव अपडेट

  1. कोलकाता भगदड़: जान गंवाने वालों में अधिकांश महिलाएं और बच्चे शामिल

    कोलकाता के दुर्गा पूजा पंडाल में हुई भीषण भगदड़ का शिकार बनने वालों में सबसे ज्यादा तादाद महिलाओं और नाबालिगों की रही। पुलिस की ओर से रविवार (18 अक्टूबर 2026) को जारी 19 मृतकों की फेहरिस्त में 13 महिलाएं हैं, जिनमें दो नाबालिग बच्चियां भी शामिल हैं। इस दिल दहला देने वाले हादसे में कम से कम 19 जानें गईं, जो पश्चिम बंगाल के विभिन्न जिलों से ताल्लुक रखते थे और पीड़ित परिवारों में कोहराम मचा हुआ है।
  2. कोलकाता पुलिस ने जारी की 11 सूत्रीय सुरक्षा एडवाइजरी

    कोलकाता पुलिस की नई 11 सूत्रीय हिदायतों की जानकारी देते हुए एक अधिकारी ने बताया कि बारिश होते ही पंडालों के प्रवेश द्वार तुरंत बंद कर दिए जाने चाहिए और भीतर मौजूद श्रद्धालुओं को सुरक्षित बाहर निकाला जाना चाहिए। ऐसे हालात में अंदर भीड़ बिल्कुल जमा नहीं होने दी जाएगी। पंडाल परिसरों में रोशनी का मुकम्मल बंदोबस्त रखने के निर्देश भी दिए गए हैं। अधिकारी ने साफ किया कि एडवाइजरी के मुताबिक ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों को बारिश के दौरान भी अपना प्वाइंट कतई नहीं छोड़ना है। आगंतुकों के प्रवेश को जमीनी हालात को देखते हुए नियंत्रित किया जाएगा। उन्होंने आगे बताया कि वीआईपी वाहनों को पंडाल के ठीक सामने तक ले जाने पर पूरी तरह रोक रहेगी और उन्हें निर्धारित दूरी पर ही खड़ा करना होगा। इसके अलावा पुलिसकर्मियों को आयोजकों द्वारा की जा रही उद्घोषणाओं पर नजर रखने और यह सुनिश्चित करने को कहा गया है कि प्रवेश-निकास के रास्तों में अचानक कोई फेरबदल न हो। हर पुलिस अधिकारी व जवान को संबंधित पूजा समिति के पांच से छह स्वयंसेवकों के साथ तालमेल बिठाकर काम करना होगा। कोलकाता पुलिस ने अपने कर्मियों को यह भी ताकीद की है कि आपात स्थिति से निपटने और भीड़ काबू में रखने के लिए रस्सियां, बैरिकेड्स और छोटे लाउडस्पीकर हमेशा पास रखें।
  3. बंगाल सरकार ने दुर्गा पूजा की भीड़ प्रबंधन के लिए 9 आईपीएस अफसरों को दी जिम्मेदारी

    पश्चिम बंगाल प्रशासन ने रविवार (18 अक्टूबर 2026) को दुर्गा पूजा के दौरान भीड़ संभालने में माहिर नौ वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों को कोलकाता के विभिन्न पंडालों की जिम्मेदारी सौंपने का फैसला किया। यह कदम उस हादसे के अगले दिन उठाया गया जिसमें 19 लोगों की दम घुटने और दबने से मौत हो गई थी। त्रासदी के बाद सुरक्षा इंतजामों, पुलिस की तैनाती और आयोजकों की कथित लापरवाही पर उठे सवालों के बीच, कोलकाता पुलिस ने बड़े पंडालों में अनहोनी रोकने के लिए अपने बल हेतु 11 सूत्रीय दिशानिर्देश भी जारी किए। एक आला अधिकारी के अनुसार, व्यवस्था को चाक-चौबंद करने के लिए नौ आईपीएस अधिकारियों—आईजी (बॉर्डर) सुमनजीत राय, आईजी (आईबी) महमूद अख्तर, आईजी (ट्रैफिक) मिराज खालिद, डीआईजी (एसटीएफ) रूपेश कुमार, डीआईजी (ट्रैफिक) शुभंकर भट्टाचार्य, डीआईजी (सीआईडी) तरुण हलदर, एसएस (ईबी) सौम्य राय, एसपी (ट्रैफिक) प्रियव्रत राय और एसएस (सीआईडी) दीपक सरकार—को उत्सव के दौरान भीड़ प्रबंधन का जिम्मा दिया गया है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, "इन सभी अधिकारियों के पास कोलकाता में दुर्गा पूजा की विशाल भीड़ को नियंत्रित करने का लंबा अनुभव है। चोरबागान जैसी घटना की पुनरावृत्ति न हो, इसलिए उन्हें वापस इस मोर्चे पर तैनात किया गया है।"
  4. कल्याण बनर्जी का आरोप: भाजपा ने बंगाल की सभी दुर्गा पूजा कमेटियों पर किया कब्जा

    सांसद कल्याण बनर्जी ने रविवार (18 अक्टूबर 2026) को दावा किया कि पश्चिम बंगाल की सभी दुर्गा पूजा समितियों पर भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने पूरी तरह 'कब्जा' कर लिया है, जिसके चलते भारी भीड़ को संभालने में भारी नाकामी सामने आई है। कोलकाता के चोरबागान पंडाल हादसे के अगले दिन उन्होंने सोशल मीडिया पर यह बयान जारी किया। उन्होंने इस हादसे में हुई मौतों के लिए सीधे तौर पर भाजपा को जिम्मेदार ठहराया। इस भगदड़ में 19 श्रद्धालुओं की जान चली गई थी, जिनमें ज्यादातर महिलाएं और बच्चे थे, जबकि 25 अन्य घायल हुए थे।
  5. मुख्यमंत्री शुभेंदु ने कोलकाता पुलिस मुख्यालय लालबाजार का दौरा किया, यातायात व्यवस्था परखी

    पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने लालबाजार स्थित कोलकाता पुलिस मुख्यालय का दौरा किया और चल रहे दुर्गा पूजा उत्सव के दौरान नियंत्रण कक्ष से शहर भर की यातायात व्यवस्था का जायजा लिया।
  6. कोलकाता हादसा: अदालत ने सात आरोपियों को 10 दिन की पुलिस रिमांड में भेजा

    हादसे के सिलसिले में दिन में गिरफ्तार किए गए सातों अभियुक्तों को एक स्थानीय अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें 10 दिनों की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है। अतिरिक्त पुलिस आयुक्त कुणाल अग्रवाल ने यह जानकारी दी। हिरासत में लिए गए लोगों में पूजा समिति के सचिव, उपाध्यक्ष और एक निजी सुरक्षा एजेंसी के दो सुरक्षाकर्मी शामिल हैं। पुलिस ने इस पूरे मामले में गैर-इरादतन हत्या की धाराओं के तहत खुद संज्ञान लेते हुए मामला दर्ज किया है।
  7. मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी का संकेत: दुर्गा पूजा पंडालों से खत्म हो सकते हैं वीआईपी गेट

    पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने रविवार (18 अक्टूबर 2026) को संकेत दिया कि सरकार दुर्गा पूजा पंडालों में वीआईपी द्वारों की व्यवस्था को अनिवार्य रूप से समाप्त कर सकती है। कोलकाता में कई मौतों वाली त्रासदी के बाद उन्होंने प्रवेश और निकास के स्पष्ट व अलग-अलग रास्तों की जरूरत पर जोर दिया। आमतौर पर बड़े और भारी बजट वाले आयोजक विशेष पासधारकों के लिए अलग से 'वीआईपी एंट्री' रखते हैं, जहां सबसे ज्यादा भीड़ के समय भी आम लोगों जैसी मारामारी नहीं होती। कई आयोजक इन विशेष पासों को प्रीमियम दरों पर भी बेचते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा, "कल के कड़वे अनुभव से सबक लेते हुए, अत्यधिक भीड़ वाले पंडालों के लिए पुलिस नए दिशानिर्देश जारी करने जा रही है। जरूरत पड़ी तो पंडालों में प्रवेश की संख्या को सीमित किया जाएगा। पूजा दर्शन के लिए कोई वीआईपी या खास कतार नहीं होगी।" श्री अधिकारी ने आगे कहा, "इस तरह की घटनाएं कभी-कभार घट जाती हैं। लेकिन एक सरकार के रूप में हम इसकी पूरी जिम्मेदारी लेते हैं; हम आरोप-प्रत्यारोप या आलोचना में उलझने के बजाय राहत और बचाव में सहयोग कर रहे हैं। इसका राजनीतिकरण नहीं किया जाना चाहिए।"
  8. सुरक्षा मानकों की समीक्षा के लिए उच्चस्तरीय समिति ने प्रमुख पंडालों का दौरा शुरू किया

    पश्चिम बंगाल भर के प्रमुख दुर्गा पूजा पंडालों में सुरक्षा प्रबंधों की पड़ताल के लिए गठित एक उच्चस्तरीय समिति ने रविवार (18 अक्टूबर 2026) को कोलकाता में सामुदायिक पूजा स्थलों का मुआयना शुरू किया। इस विशेष दल में आपदा प्रबंधन सचिव राजेश कुमार सिंह और अग्निशमन सेवा के महानिदेशक अनुज शर्मा शामिल हैं। पैनल ने अपने निरीक्षण की शुरुआत सियालदह स्टेशन के निकट स्थित संतोष मित्रा स्क्वायर से की, जो अपनी अनूठी थीम के लिए भारी तादाद में दर्शकों को आकर्षित करता है। वहां अधिकारियों ने प्रवेश-निकास द्वारों और बिजली-रोशनी के प्रबंधों की बारीकी से जांच की।
  9. चोरबागान हादसा: पूर्व सचिव बोले- प्रतिमा का स्थान बदलना परंपरा के खिलाफ था

    चोरबागान सार्वजनीन दुर्गा पूजा समिति के पूर्व महासचिव जयंत बनर्जी ने रविवार (18 अक्टूबर 2026) को 19 लोगों की जान लेने वाले इस हादसे पर गहरा दुख जताया। उन्होंने कहा कि इस वर्ष प्रतिमा को उसके पारंपरिक स्थान से हटाना लंबे समय से चली आ रही मान्यताओं के पूरी तरह विरुद्ध था। 15 साल तक समिति के महासचिव रहे श्री बनर्जी ने इसी साल जुलाई में इस्तीफा दे दिया था। एक वीडियो संदेश में उन्होंने दावा किया कि उन्होंने आयोजकों को मूर्ति की दिशा बदलने के खिलाफ कई बार आगाह किया था। उन्होंने कहा, "हमारे समुदाय के नियमों के तहत मां का मुख कभी दूसरी दिशा में नहीं घुमाया जाता। चाहे कोई कितना भी बड़ा कलाकार हो या प्रभावशाली व्यक्ति, मैंने कभी प्रतिमा की दिशा बदलने की इजाजत नहीं दी।" पुरानी घटनाओं का हवाला देते हुए उन्होंने बताया कि जब भी प्रतिमा के संरेखण या ढांचे में मामूली बदलाव भी किया गया, तब व्यक्तिगत त्रासदियां हुईं; वर्ष 2023 में एक खंभा खिसकाए जाने पर उनके पिता का देहांत हो गया था। उन्होंने कहा कि परंपरा से भटकाव ने उन्हें बेहद आहत किया था, हालांकि उन्होंने प्रतिमा हटाए जाने और भगदड़ के बीच कोई सीधा संबंध नहीं जोड़ा। उन्होंने कहा, "मैंने मोहल्ले के लोगों, दोस्तों और सहयोगियों से प्रतिमा को न हिलाने की गुजारिश की थी। इस साल ऐसा क्यों किया गया, मुझे नहीं पता; यह महज संयोग हो सकता है या कुछ और।"
  10. कोलकाता भगदड़: चोरबागान पंडाल में होमगार्ड्स की भूमिका जांच के घेरे में, बोले मुख्यमंत्री

    मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने हादसे के समय पंडाल में तैनात अस्थायी होमगार्ड्स के नामों की सूची मांगी है ताकि भगदड़ में उनकी भूमिका की विस्तार से जांच की जा सके। उन्होंने स्पष्ट किया, "ये होमगार्ड कोई नए भर्ती हुए कर्मी नहीं थे। वे 2024 और 2025 में ड्यूटी करने के बाद लगातार तीसरे साल यहां तैनात किए गए थे।" मुख्यमंत्री ने बताया कि रविवार तड़के जब उन्होंने मौके पर मौजूद एक होमगार्ड से बात करने की कोशिश की, तो "वह बांग्ला बोलना तो दूर, समझ भी नहीं पा रहा था।" श्री अधिकारी ने कहा, "शुरुआती ब्रीफिंग के मुकाबले मौके का दौरा करने के बाद मेरी राय पूरी तरह बदल गई। यह हादसा पंडाल के अंदर नहीं, बल्कि उस साझे गेट पर हुआ जो आने और जाने दोनों के लिए था, जबकि अंदर रोशनी भी बेहद कम थी। अगर यह सब अंदर हुआ होता तो मैं सोचकर भी कांप जाता हूं कि मृतकों की संख्या कहां पहुंच जाती।" उन्होंने खुलासा किया कि अलग-अलग प्रवेश और निकास द्वारों की जगह केवल एक ही संकरा रास्ता था, जिसे होमगार्ड्स ने हाथ में रस्सी पकड़कर दो हिस्सों में बांट रखा था। मुख्यमंत्री ने दावा किया, "जैसे ही बारिश शुरू हुई, वे रस्सियां छोड़कर खुद को भीगने से बचाने के लिए छुप गए," जिससे निकास और प्रवेश का संतुलन बिगड़ गया और अफरातफरी बेकाबू हो गई। हालांकि, उन्होंने यह भी जोड़ा कि पूजा आयोजकों और अनुमति देने वाले अधिकारियों की भूमिका की भी जांच होगी।
  11. कोलकाता हादसा: सुरक्षा ऑडिट के लिए गठित समिति ने शुरू किया पंडालों का मुआयना

    पश्चिम बंगाल के विभिन्न हिस्सों में दुर्गा पूजा पंडालों की सुरक्षा समीक्षा के लिए गठित उच्चस्तरीय समिति ने रविवार को कोलकाता में पूजा पंडालों का दौरा शुरू कर दिया। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने उत्तरी कोलकाता के चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल में शनिवार शाम हुई भगदड़ के बाद इस समिति के गठन की घोषणा की थी, जिसमें 19 लोगों की मौत हो गई थी और 25 अन्य घायल हुए थे। इस समिति में राज्य के आपदा प्रबंधन सचिव राजेश कुमार सिंह और अग्निशमन सेवा महानिदेशक अनुज शर्मा शामिल हैं।
  12. चोरबागान के स्थानीय लोगों ने सादगी से पूजा जारी रखने की अपील की

    चोरबागान इलाके के कुछ स्थानीय बाशिंदों ने पंडाल पर तैनात पुलिस अधिकारियों से मुलाकात कर अनुरोध किया कि भव्यता और आडंबर के बिना केवल धार्मिक अनुष्ठान पूरे करने की अनुमति दी जाए। स्थानीय महिला कल्याणी बसु ने कहा, "हम मां दुर्गा का अनादर नहीं कर सकते। हम किसी उत्सव की मांग नहीं कर रहे, लेकिन पूजा की रस्में नहीं रुकनी चाहिए। पुलिस ने भरोसा दिया है कि वे वरिष्ठ अधिकारियों तक हमारी बात पहुंचाएंगे।"
  13. घटनास्थल देखने पहुंचे लोगों और पुलिस के बीच तीखी नोकझोंक

    दुर्घटनास्थल को देखने के लिए स्थानीय लोगों और पूजा दर्शन करने निकले राहगीरों की भारी भीड़ चोरबागान पंडाल के बाहर जमा हो रही है। पुलिसकर्मी मौके पर जमावड़ा हटाने और अतिरिक्त अव्यवस्था से बचने की कोशिश कर रहे हैं। इस दौरान वहां मौजूद लोगों और पुलिस स्वयंसेवकों के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली।
  14. कांग्रेस का प्रतिनिधिमंडल गिरीश पार्क थाने में विरोध ज्ञापन सौंपेगा

    उत्तर कोलकाता, मध्य कोलकाता और बड़ाबाजार जिला कांग्रेस कमेटी के नेताओं का एक संयुक्त प्रतिनिधिमंडल दोपहर 3:00 बजे गिरीश पार्क पुलिस थाने में एक विरोध ज्ञापन सौंपेगा। पार्टी ने यह आधिकारिक जानकारी दी है।
  15. तृणमूल युवा कांग्रेस ने की मुख्य दोषियों और आयोजकों की गिरफ्तारी की मांग, थाने में देगी ज्ञापन

    उत्तर कोलकाता तृणमूल युवा कांग्रेस ने शनिवार को हुई भगदड़ के सिलसिले में मुख्य दोषियों और पंडाल आयोजकों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग को लेकर गिरीश पार्क थाने में एक मांगपत्र (डेपुटेशन) सौंपने की घोषणा की है। यह जानकारी तृणमूल के एक आधिकारिक बयान में दी गई।
  16. स्वास्थ्य मंत्री ने मृतकों को दी श्रद्धांजलि, मंत्री तापस राय भी रहे मौजूद

    शवों को पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंपे जाने के दौरान राज्य के स्वास्थ्य मंत्री शरद्वत मुखर्जी ने घटनास्थल व अस्पताल पहुंचकर मृतकों को अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान मंत्री तापस राय भी उनके साथ मौजूद रहे।
  17. पंडाल भगदड़ को लेकर ममता बनर्जी की तृणमूल ने मुख्यमंत्री और पुलिस पर बोला हमला

    दुर्गा पूजा पंडाल में 19 लोगों की जान लेने वाले दर्दनाक हादसे को लेकर ममता बनर्जी की अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस ने पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी और कोलकाता पुलिस के खिलाफ तीखा हमला बोला है। पार्टी ने इस दौरान मुख्यमंत्री के भतीजे देबदीप अधिकारी की भूमिका पर भी सवाल उठाए, जो चोरबागान सार्वजनीन दुर्गोत्सव समिति के मुख्य संरक्षक के रूप में सूचीबद्ध हैं। विपक्षी दल ने प्रशासन की तैयारियों पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि शनिवार शाम चोरबागान पंडाल में भीड़ प्रबंधन की नाकामी, पर्याप्त पुलिस बल की कमी और आपातकालीन सेवाओं के अभाव के चलते यह भयानक हादसा हुआ। सोशल मीडिया पर सिलसिलेवार बयानों में तृणमूल ने आरोप लगाया कि जब हालात बेकाबू हुए, उस वक्त मौके पर न तो पर्याप्त संख्या में पुलिसकर्मी व सिविक वॉलंटियर मौजूद थे और न ही समय पर एम्बुलेंस की व्यवस्था थी।
  18. पीड़ित परिवारों से 26 अक्टूबर को मिलन मेला में मिलेंगे मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी

    मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने घोषणा की, "बिना किसी तड़क-भड़क के, हम 26 अक्टूबर को कोलकाता के मिलन मेला परिसर में मृतकों और घायलों के परिजनों से मुलाकात करेंगे। सरकार इस दौरान बैठकर शनिवार की त्रासदी से मिले सबकों पर आत्ममंथन भी करेगी।" उल्लेखनीय है कि कोलकाता पंडाल भगदड़ के बाद मुख्यमंत्री ने एक स्वतंत्र जांच, पीड़ित परिवारों को आर्थिक मुआवजे और भीड़ प्रबंधन के नए कड़े नियम लागू करने के आदेश दिए हैं।
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