राजस्थान के चूरू जिले में एक बेहद दर्दनाक सड़क हादसा सामने आया है, जहाँ सादुलपुर क्षेत्र के अंतर्गत ददरेवा और न्यांगलीगाँव के पास एक तेज गति का ट्रोला और कार आपस में बुरी तरह टकरा गए। इस भीषण टक्कर के परिणामस्वरूप एक ही परिवार के कुल पाँच लोगों की मौके पर ही जान चली गई, जिससे पूरे क्षेत्र में मातम पसरा हुआ है।
हादसे के शिकार हुए सभी लोग एक ही परिवार के सदस्य बताए जा रहे हैं, जो अपनी कार में सवार होकर तारानगर क्षेत्र के सोमसीसरगाँव से गुरुग्राम की ओर यात्रा कर रहे थे। सफर के दौरान जैसे ही उनकी गाड़ी निर्धारित मार्ग पर पहुँची, अज्ञात कारणों से उसकी ट्रोले से जोरदार भिड़ंत हो गई।
इस हृदयविदारक दुर्घटना का सबसे मार्मिक और चौंकाने वाला पहलू यह रहा कि कार में सवार अन्य सभी लोगों की मौत के बावजूद सात महीने की एक नन्ही बच्ची सुरक्षित बच गई। पुलिस और राहत टीमों ने मौके पर पहुँचकर बच्ची को सुरक्षित अपने कब्जे में लिया, हालाँकि उसकी स्वास्थ्य स्थिति और किसी प्रकार की चोट को लेकर अभी पूरी जानकारी सामने आना बाकी है।
घटना की सूचना मिलते ही सादुलपुर थाना पुलिस फौरन हरकत में आई और भारी दल-बल के साथ दुर्घटनास्थल पर पहुँची। पुलिस ने स्थिति का जायजा लेने के बाद तत्काल राहत और बचाव कार्य शुरू कराया, ताकि यातायात को सुचारू किया जा सके और मलबे से लोगों को बाहर निकाला जा सके।
दुर्घटना के शिकार हुए सभी पाँचों मृतकों के शवों को एम्बुलेंस के जरिए सादुलपुर के उप जिला अस्पताल ले जाया जा रहा है, जहाँ आगे की विधिक औपचारिकताएँ और पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। पुलिस प्रशासन का कहना है कि विस्तृत आधिकारिक ब्यौरा और मृतकों की पूर्ण पहचान की प्रक्रिया अभी जारी है।
प्रारंभिक जाँच में यह बात सामने आई है कि मृत परिवार मूल रूप से तारानगर क्षेत्र के सोमसीसरगाँव का निवासी था, और गुरुग्राम जाने के लिए निकला था। हालाँकि, यह अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाया है कि यह टक्कर किन सटीक परिस्थितियों में हुई और इसके लिए मुख्य रूप से कौन जिम्मेदार था।
स्थानीय प्रशासन और पुलिस अधिकारियों द्वारा इस पूरे मामले की गहनता से जाँच की जा रही है, ताकि यह पता चल सके कि वाहन की गति कितनी थी और सड़क पर दृश्यता कैसी थी। पुलिस का मानना है कि मृतकों के आपसी रिश्तों और दुर्घटना की असल वजह का खुलासा आधिकारिक जाँच पूरी होने के बाद ही हो सकेगा।























