उत्तरी वेनेज़ुएला में बुधवार शाम कुछ ही अंतराल पर आए दो शक्तिशाली भूकंपों ने पूरे देश को हिला कर रख दिया है, और तबाही का सिलसिला अभी थमा नहीं है। 7.2 और 7.5 तीव्रता के इन जुड़वां झटकों के बाद मरने वालों की आधिकारिक संख्या बढ़ते-बढ़ते 920 तक जा पहुंची है, जबकि 3,360 से ज्यादा लोग घायल बताए गए हैं। तटीय राज्य ला ग्वायरा सबसे बुरी तरह प्रभावित इलाका है, जहां मलबे में दबे अपनों को ढूंढने के लिए परिवार अब भी हाथों से कंक्रीट खोद रहे हैं। इस बीच दुनिया भर के देश, संयुक्त राष्ट्र और वैश्विक संगठन राहत और बचाव के लिए वेनेज़ुएला की मदद को आगे आए हैं।
दो लगातार झटकों ने मचाई तबाही, आंकड़ा हर घंटे बदलता गया
बुधवार शाम उत्तरी वेनेज़ुएला में कुछ ही समय के अंतराल पर दो बड़े भूकंप दर्ज किए गए, जिनकी तीव्रता क्रमशः 7.2 और 7.5 मापी गई। यह झटका इतना शक्तिशाली था कि इसे वर्ष 1900 के बाद से वेनेज़ुएला में आया सबसे भीषण भूकंप बताया जा रहा है। सबसे ज्यादा नुकसान तटीय राज्य ला ग्वायरा में हुआ, जहां गिरी हुई इमारतों के नीचे शुरुआती दौर में ही 188 लोगों की मौत की पुष्टि हो गई थी। गुरुवार देर रात तक स्वास्थ्य मंत्री कार्लोस अल्वाराडो ने बताया कि मरने वालों का आंकड़ा करीब 235 तक पहुंच चुका है, जबकि कम से कम 4,300 लोग घायल हुए हैं। उस वक्त हजारों लोग लापता थे और बचाव अभियान लगातार चल रहा था, इसलिए अधिकारियों ने खुद आगाह किया था कि मृतकों की संख्या और बढ़ सकती है।
यह आशंका जल्द ही सच साबित हुई। शुक्रवार तड़के कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज ने सरकारी और सैन्य अधिकारियों की मौजूदगी में बताया कि मृतकों की संख्या बढ़कर 589 हो गई है, जबकि 2,980 लोग घायल हैं। यह ऐलान उन्होंने उस वक्त किया जब दुनिया के अलग-अलग हिस्सों से पहुंचे बचाव दलों का स्वागत हो रहा था। उन्होंने कहा, "हम फंसे हुए हर व्यक्ति को बाहर निकालेंगे, हम इस काम में अथक जुटे हुए हैं।" उन्होंने बताया कि ला ग्वायरा राज्य को सबसे ज्यादा नुकसान झेलना पड़ा है और वहां सेना तैनात कर दी गई है ताकि बचाव कार्य में मदद मिल सके और प्रभावित इलाकों तक खाना-पानी पहुंचाया जा सके।
शुक्रवार को ही देश की राष्ट्रीय विधानसभा के अध्यक्ष जॉर्ज रोड्रिगेज ने आंकड़ों को फिर अपडेट करते हुए बताया कि मृतकों की संख्या 920 और घायलों की संख्या 3,360 से ज्यादा हो चुकी है। उन्होंने कहा, "हर बचाया गया जीवन एक चमत्कार है।" बचाव अभियान अब भी जारी है और कई परिवारों का कहना है कि उनके प्रियजन अब भी ढही हुई इमारतों के मलबे में दबे हुए हैं, जिससे आशंका है कि मृतक संख्या इससे भी ऊपर जा सकती है। लगभग तीन करोड़ की आबादी वाला वेनेज़ुएला पहले से ही वर्षों से गहरे आर्थिक संकट से जूझ रहा है, ऐसे में इस पैमाने की तबाही देश के लिए दोहरी मुसीबत बनकर आई है।
मलबे में जिंदगी की तलाश, हाथों से हटाया जा रहा कंक्रीट
गुरुवार को उत्तरी वेनेज़ुएला के तमाम शहरों और कस्बों में पड़ोसी एक-दूसरे की मदद के लिए आगे आए और मिलकर गिरी हुई इमारतों का मलबा हटाते नजर आए। इसी दौरान सामने आई एक कहानी एम्पारो डेल गिउदिस की है, जो इस सबसे शक्तिशाली भूकंप के मलबे में दबे अपने बेटे को ढूंढने के लिए कंक्रीट के भारी ढेर को खाली हाथों से हटाने में जुटी रहीं। जैसे-जैसे वक्त बीतता गया और सरकार की तरफ से कोई मदद नहीं पहुंची, वे निराश होकर खुद ही मलबे पर हाथ चलाने लगीं। उस जगह के पास बैठकर, जहां उनका बेटा दबा हुआ था, उन्होंने कहा, "यह बहुत बड़ा पत्थर है, और खाली हाथों से इसे हटाना नामुमकिन है।" उनके 23 साल के पोते एलेसेंड्रो ने एक स्वयंसेवी अग्निशामक का हेलमेट पहनकर अपने लापता पिता की तलाश शुरू कर दी। ढही हुई इमारत के मलबे को देखकर रोते हुए उसने बस इतना कहा, "वह उसी के अंदर हैं।"
वेनेज़ुएला के सरकारी टेलीविजन ने बचाव के कई मार्मिक पल भी प्रसारित किए। एक दृश्य में एक महिला सीमेंट के भारी स्लैब के नीचे दबी हुई थी और बाहर से सिर्फ उसका नंगा पैर दिख रहा था, फिर भी बचाव दल उसे जिंदा बाहर निकालने में कामयाब रहे। मलबे से निकाले गए कई जीवित बचे लोग धूल और खून से सने हुए थे, जिनमें बच्चे और जानवर भी शामिल थे। हालांकि राजधानी काराकास के बाहर शुरुआती घंटों में सरकारी खोजी दल कहीं नजर नहीं आ रहे थे, जिसकी वजह से आम लोगों को खुद ही मोर्चा संभालना पड़ा।
संचार व्यवस्था ठप पड़ जाने के कारण सोशल मीडिया और स्वतंत्र ऑनलाइन रजिस्ट्रियां लापता लोगों को ढूंढने का सबसे बड़ा सहारा बन गईं। एक तरफ एक पिता परी की पोशाक पहने अपनी बेटी का हाथ थामे तस्वीर में दिखा, तो दूसरी तरफ पायलट की वर्दी में गर्व से कैमरे की ओर देखता 24 साल का एक युवक नजर आया, और एक परिवार फुटबॉल के मैदान पर एक-दूसरे के गले लगकर मिलता दिखा। ये वे तस्वीरें थीं जिन्हें वेनेज़ुएला में और विदेशों में रह रहे रिश्तेदारों ने वॉट्सऐप, फेसबुक और एक्स पर अपने लापता प्रियजनों को ढूंढने के लिए साझा किया। स्वतंत्र ऑनलाइन रजिस्ट्रियों में दर्ज लापता लोगों की संख्या 40,000 तक जा पहुंची, जो सरकार के आधिकारिक आंकड़ों से कहीं ज्यादा थी।
दुनिया भर से राहत का सिलसिला शुरू
अंतरिम राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज ने एक टेलीविजन संबोधन में बताया कि संयुक्त राष्ट्र-प्रमाणित खोज और बचाव दल मलबे में फंसे लोगों को निकालने में मदद करेंगे। इसके बाद दुनिया भर से मदद के हाथ वेनेज़ुएला की ओर बढ़ने लगे। स्पेन और फ्रांस ने दर्जनों प्रशिक्षित विशेषज्ञ भेजे, जबकि जर्मनी ने छह सैन्य परिवहन विमान उपलब्ध कराने का वादा किया। स्विट्जरलैंड ने 80 बचावकर्मियों, आठ प्रशिक्षित खोजी कुत्तों और 18 टन उपकरणों को रवाना करने की तैयारी पूरी कर ली। नीदरलैंड्स के विदेश व्यापार मंत्री श्योर्ड श्योर्ड्स्मा ने एक खोज-और-बचाव दल भेजने के साथ ही दो मिलियन यूरो की सहायता राशि का ऐलान किया, वहीं चेक गणराज्य ने भी अपनी टीम को उड़ान के लिए तैयार बताया।
इंटरनेशनल फेडरेशन ऑफ रेड क्रॉस एंड रेड क्रिसेंट सोसाइटीज़ यानी आईएफआरसी ने वेनेज़ुएला की बहाली के लिए 2.5 मिलियन डॉलर की आपातकालीन धनराशि जारी की। पोप लियो चौदहवें ने वेटिकन की ओर से एक लाख यूरो, यानी करीब 1,14,000 डॉलर की प्रारंभिक आपात सहायता भेजी। अमेरिका ने दो नौसैनिक पोत, परिवहन विमान और हेलीकॉप्टर भेजने के साथ 15 करोड़ डॉलर की मानवीय मदद देने का भी एलान किया। चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गुओ जियाकुन ने कहा कि बीजिंग वेनेज़ुएला की जरूरत के हिसाब से हर संभव मदद देने को तैयार है, जबकि ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माईल बाकेई ने राहत और बचाव कार्यों में हरसंभव सहायता देने के लिए तेहरान की पूरी तत्परता जताई। बाद में चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने खुद वेनेज़ुएला की कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज को संवेदना संदेश भेजा और कहा कि बीजिंग भूकंप के बाद आपदा राहत के साथ-साथ पुनर्निर्माण में भी सहयोग देने को तैयार है।
ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज़ इनासियो लुला दा सिल्वा ने एक फील्ड अस्पताल, 36 दमकलकर्मियों और कई बचाव व संचार विशेषज्ञों को शुक्रवार और शनिवार को दो उड़ानों के जरिए भेजने की घोषणा की। मेक्सिको की राष्ट्रपति क्लॉडिया शेनबाउम ने सैन्य बचाव दल और चिकित्साकर्मी भेजने की बात कही और जरूरत पड़ने पर और मदद का भरोसा दिलाया। क्यूबा के विदेश मंत्री ब्रूनो रोड्रिगेज़ ने बताया कि उनके देश के स्वास्थ्यकर्मी पहले से ही प्रभावित इलाकों में चिकित्सा सेवाएं दे रहे हैं। चिली के राष्ट्रपति होसे एंटोनियो कास्त ने मानवीय सहायता और बचाव दल भेजने का ऐलान किया।
पड़ोसी देश कोलंबिया में भी भूकंप के झटके महसूस किए गए थे। देश की आपदा प्रबंधन एजेंसी ने बताया कि वहां से 60 से ज्यादा बचावकर्मी और 12 टन मानवीय सामग्री भेजी जा रही है। अर्जेंटीना, कोस्टा रिका और उरुग्वे ने वेनेज़ुएला के साथ एकजुटता जताई, जबकि इक्वाडोर और डोमिनिकन रिपब्लिक ने भी सहायता भेजने की तैयारी पूरी कर ली। संयुक्त राष्ट्र के मानवीय सहायता समन्वय कार्यालय (ओसीएचए) के मुताबिक चिली, कोलंबिया, अल सल्वाडोर, इटली, मेक्सिको, स्विट्जरलैंड और अमेरिका की राहत टीमें वेनेज़ुएला पहुंच भी चुकी थीं।
भारत ने भेजा मेडिकल दल, फील्ड अस्पताल और 35 टन राहत सामग्री
विदेश मंत्री सुब्रह्मण्यम जयशंकर ने बताया कि भारत ने शुक्रवार, 26 जून को भूकंप प्रभावित वेनेज़ुएला के लिए चिकित्सा दल, एक सैन्य फील्ड अस्पताल और 35 टन से ज्यादा आपातकालीन राहत सामग्री रवाना की। उन्होंने कहा, "भूकंप के बाद राहत और बचाव कार्यों में मदद के लिए भारतीय वायुसेना के दो सी-17 विमान आज आवश्यक सहायता सामग्री लेकर वेनेज़ुएला के लिए रवाना हुए।" उन्होंने यह भी बताया कि इस सहायता खेप में भारतीय सेना का एक फील्ड अस्पताल और 35 टन से ज्यादा राहत सामग्री, दवाएं और चिकित्सा उपकरण शामिल हैं। भारतीय सेना के मुताबिक भेजे गए 41 सदस्यीय दल में नौ चिकित्सा अधिकारी भी शामिल हैं।
इस बीच कांग्रेस पार्टी ने भी वेनेज़ुएला में आए दोहरे भूकंप में हुई जनहानि पर गहरा दुख जताया और कहा कि आपदा से जूझ रहे वेनेज़ुएलावासियों को मानवीय राहत सहित हर संभव मदद देने के लिए भारत तैयार है। पार्टी ने कहा कि शोक की इस घड़ी में भारत के लोग वेनेज़ुएला के लोगों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े हैं। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने एक्स पर लिखा, "भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की ओर से मैं वेनेज़ुएला में आए दोहरे भूकंप से हुई भारी जनहानि और व्यापक विनाश पर अपना गहरा शोक और हार्दिक संवेदना व्यक्त करता हूं।" उन्होंने आगे लिखा, "शोकाकुल परिवारों और इस अकल्पनीय त्रासदी से प्रभावित हर वेनेज़ुएलावासी के प्रति हमारी गहरी सहानुभूति है। हमारी प्रार्थनाएं उन लोगों के साथ हैं जिन्होंने अपने प्रियजनों को खोया है, जो अभी भी मलबे के नीचे दबे हुए हैं, जो घायल हैं, और उन तमाम बचावकर्मियों के साथ भी जो दूसरों की जान बचाने के लिए खुद को जोखिम में डाल रहे हैं।" खड़गे ने यह भी याद दिलाया कि भारत और वेनेज़ुएला के बीच लंबे समय से गर्मजोशी भरे और मैत्रीपूर्ण रिश्ते रहे हैं, जिनकी नींव आपसी सम्मान, एकजुटता और सहयोग पर टिकी है।
विदेशी नागरिकों की मौत, सैकड़ों अब भी लापता
भूकंप में जान गंवाने वालों में कई विदेशी नागरिक भी शामिल हैं। ब्राजील के विदेश मंत्रालय ने गुरुवार को पुष्टि की कि इस आपदा में उसके दो नागरिकों, एक पुरुष और एक महिला, की मौत हो गई। मंत्रालय ने बताया कि मृतकों के परिजनों को दूतावासीय सहायता दी जा रही है। इटली के विदेश मंत्रालय ने बताया कि काराकास में जन्मे और इटली-वेनेजुएला की दोहरी नागरिकता रखने वाले करीब 55 वर्षीय एक व्यक्ति की मौत, सबसे ज्यादा प्रभावित इलाके ला ग्वायरा में एक इमारत ढहने से हुई। रोम का अनुमान है कि वेनेजुएला में इस वक्त लगभग 1,70,000 इतालवी पासपोर्ट धारक रह रहे हैं।
चीन की सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ ने काराकास स्थित चीनी दूतावास के हवाले से बताया कि दो चीनी नागरिकों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। दूतावास ने अपने आधिकारिक वीचैट अकाउंट पर एक संदेश जारी कर वेनेजुएला में रह रहे चीनी नागरिकों से आग्रह किया कि वे आफ्टरशॉक और अन्य भूकंपीय गतिविधियों से पैदा होने वाले द्वितीयक खतरों से खुद को बचाएं। पुर्तगाल के विदेश मंत्रालय ने भी एक पुर्तगाली नागरिक की मौत की आधिकारिक पुष्टि की। मंत्रालय ने एक्स पर बताया कि उस व्यक्ति को मलबे से जिंदा निकाला गया था, लेकिन अस्पताल पहुंचने से पहले उसकी मौत हो गई।
स्पेन के विदेश मंत्रालय ने भी अपने दो नागरिकों की मौत की पुष्टि करते हुए कहा, "हम अपने दो स्पेनिश नागरिकों की मृत्यु पर गहरा दुख व्यक्त करते हैं, जिसकी पुष्टि उनके परिजनों ने की है, और हम उनके प्रति अपनी संवेदनाएं प्रकट करते हैं।" शुरुआत में मंत्रालय ने बताया था कि 80 स्पेनिश नागरिक लापता हैं। बाद में स्पेन के क्षेत्रीय नीति मंत्री एंजेल विक्टर टॉरेस ने कडेना सेर रेडियो को बताया कि लापता स्पेनिश नागरिकों की संख्या बढ़कर 90 हो गई है। इसी दौरान पुर्तगाल के विदेश मंत्रालय ने जानकारी दी कि उसके 56 नागरिक लापता हैं या उनके बारे में कोई सूचना नहीं मिल पाई है, जबकि मरने वाले पुर्तगाली नागरिकों की संख्या भी बढ़कर नौ हो गई। यानी इस आपदा में कुल मिलाकर नौ पुर्तगाली और दो स्पेनिश नागरिकों की मौत की आधिकारिक पुष्टि हो चुकी है।
अमेरिकी सैन्य मदद और प्रतिबंधों में चार महीने की ढील
अमेरिकी सेना ने बताया कि राहत कार्यों की निगरानी के लिए एक वरिष्ठ सैन्य अधिकारी वेनेज़ुएला की राजधानी काराकास पहुंच गए हैं। यूएस साउदर्न कमान यानी SOUTHCOM ने एक्स पर लिखा, "अमेरिकी मरीन कॉर्प्स के मेजर जनरल केविन जे. जेरार्ड आज वेनेज़ुएला के काराकास पहुंचे, ताकि वेनेज़ुएला भूकंप राहत कार्यों में युद्ध विभाग की मदद की निगरानी कर सकें।" बयान के मुताबिक जेरार्ड जमीनी स्तर पर वरिष्ठ SOUTHCOM अधिकारी के तौर पर काम कर रहे हैं। SOUTHCOM वहां विदेश विभाग के राहत अभियानों में मदद कर रहा है और जेरार्ड जमीनी स्तर पर इस अभियान का नेतृत्व संभाल रहे हैं। बयान में यह भी बताया गया कि वेनेज़ुएला की अंतरिम सरकार ने भूकंप के बाद आधिकारिक तौर पर अमेरिका से मदद मांगी थी। इस पोस्ट के साथ साझा तस्वीर में जेरार्ड का स्वागत वेनेज़ुएला के दो प्रतिनिधि करते नजर आए।
राहत कार्यों को और रफ्तार देने के लिए अमेरिकी सरकार ने वेनेज़ुएला पर लागू कई आर्थिक पाबंदियों को भी चार महीने के लिए निलंबित कर दिया। गुरुवार शाम अमेरिकी ट्रेजरी विभाग द्वारा जारी एक लाइसेंस में कहा गया कि वेनेज़ुएला में भूकंप राहत से जुड़े सभी लेन-देन 23 अक्टूबर तक अधिकृत रहेंगे, यानी वहां राहत सामग्री और धन भेजने का रास्ता चार महीने के लिए आसान हो गया है।
इसके अलावा अमेरिका ने खोजी कुत्तों समेत 250 से ज्यादा कर्मियों वाली एक बड़ी आपदा राहत टीम भी वेनेज़ुएला भेजी। अमेरिकी विदेश विभाग के मुताबिक इसमें तीन विशेष खोज-बचाव इकाइयां शामिल हैं, जिनमें फायरफाइटर, डॉक्टर, पैरामेडिक्स, स्ट्रक्चरल इंजीनियर और खोजी कुत्ता विशेषज्ञ मौजूद हैं। इनके साथ कुल 18 प्रशिक्षित कुत्ते भी भेजे गए हैं, जो मलबे में फंसे लोगों का पता लगाने में सक्षम हैं। वॉशिंगटन डीसी के पश्चिम में स्थित मियामी, लॉस एंजिल्स और फेयरफैक्स काउंटी से रवाना हुई ये टीमें स्थानीय आपातकालीन कर्मियों के साथ मिलकर काम करेंगी। बयान के मुताबिक ये बचावकर्मी अपने साथ 2,00,000 पाउंड से ज्यादा वजन वाले विशेष खोज व बचाव उपकरण भी ले गए हैं।
संयुक्त राष्ट्र की चेतावनी: 50,000 से ज्यादा लोग लापता
संयुक्त राष्ट्र ने बताया कि बचे हुए लोगों की तलाश में मदद के लिए कम से कम 17 देशों की खोज व बचाव टीमें तेजी से वेनेज़ुएला भेजी जा रही हैं। यूएन की मानवीय सहायता एजेंसी ओसीएचए ने इन टीमों को घटनास्थल तक पहुंचाना फिलहाल "सर्वोच्च प्राथमिकता" बताया। जेनेवा में पत्रकारों से बात करते हुए ओसीएचए के प्रवक्ता येन्स लार्के ने कहा, "भूकंप किसी भी देश को झेलनी पड़ने वाली सबसे भयंकर आपदाओं में से एक है, यह वाकई एक दहशत भरी त्रासदी होती है।" उन्होंने यह भी जोड़ा कि अभी जो अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है, वह असाधारण है। उनके शब्दों में, "पूरी मानवीय सहायता प्रणाली बहुत तेज रफ्तार से और व्यापक पैमाने पर हरकत में आ गई है," और उन्होंने इसे "अपने सर्वश्रेष्ठ रूप में अंतरराष्ट्रीय एकजुटता" करार दिया।
यूएन के मानवीय मामलों के अवर महासचिव और आपातकालीन राहत समन्वयक टॉम फ्लेचर ने आगाह किया कि 50,000 से ज्यादा लोगों का कोई अता-पता नहीं है और मृतक संख्या में बड़ी बढ़ोतरी होने की पूरी आशंका है। एक साक्षात्कार में उन्होंने इसे अत्यंत जटिल आपदा राहत अभियान बताते हुए कहा, "यह बेहद जटिल आपातकालीन प्रतिक्रिया है। 50,000 से अधिक लोग लापता हैं, 500 से अधिक की मौत हो चुकी है, मलबा खंगालने का काम बेहद बड़ा है।" उनकी यह टिप्पणी उसी दौर में आई जब वेनेज़ुएला की आधिकारिक मृतक संख्या दोगुनी से भी ज्यादा बढ़कर 589 हो गई थी और बचाव दल ध्वस्त इमारतों के मलबे में जीवित बचे लोगों की तलाश में अनवरत जुटे हुए थे।
यूएन और कई अन्य मानवीय सहायता संगठनों ने भी एक साझा बयान जारी कर वैश्विक "एकजुटता" की पुरजोर अपील की। इंटर-एजेंसी स्थायी समिति यानी आईएएससी, जो यूएन एजेंसियों और गैर-यूएन मानवीय संगठनों को एक साझा मंच पर लाती है, के प्रमुखों ने कहा, "वेनेज़ुएला के लोगों को इस वक्त एकजुटता की सख्त दरकार है।" उन्होंने मांग की कि प्रभावित लोगों तक "त्वरित और निर्बाध मानवीय पहुंच" सुनिश्चित की जाए, ताकि यह आपात स्थिति एक और बड़ी मानवीय त्रासदी में तब्दील न हो जाए।
बुनियादी ढांचे पर असर और आवाजाही पर पाबंदी
भूकंप का असर सिर्फ इमारतों और इंसानी जिंदगियों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसने देश के अहम बुनियादी ढांचे को भी झकझोर दिया। वेनेज़ुएला के मध्य क्षेत्र में एक अहम विद्युत पारेषण लाइन बाधित हो जाने के कारण प्वेर्तो कैबेयो बंदरगाह, एल पालितो रिफाइनरी और मोरॉन पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स में सेवाएं पूरी तरह बहाल करने के प्रयास धीमे पड़ गए।
इसी बीच वेनेज़ुएला की सरकार ने सबसे ज्यादा प्रभावित इलाकों में आवाजाही सीमित करने का भी फैसला किया। गृह मंत्री डियोसडाडो कैबेलो ने टेलीविजन पर प्रसारित संबोधन में कहा, "ला ग्वायरा राज्य में प्रवेश आज रात 8 बजे यानी 0000 जीएमटी से प्रतिबंधित कर दिया गया है।" इससे पहले अंतरिम नेता डेल्सी रोड्रिगेज ने भी लोगों से अनुरोध किया था कि वे काराकास के उत्तर में स्थित इस इलाके की यात्रा न करें।
डेल्सी रोड्रिगेज के लिए सबसे बड़ी परीक्षा, बढ़ता विरोध भी
वेनेज़ुएला में एक सदी से भी ज्यादा वक्त में आया यह सबसे विनाशकारी भूकंप कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज के लिए उनके अल्प कार्यकाल की सबसे बड़ी परीक्षा बन गया है। हालांकि यही संकट उन्हें एक बिखरी हुई सरकार पर अपनी मजबूत पकड़ बनाने और तबाह हो चुके देश के पुनर्निर्माण की नींव रखने का मौका भी दे सकता है। मलबे में दबे लोगों को निकालना, घायलों का इलाज करना और घरों व बुनियादी ढांचे का दोबारा निर्माण करना, इन सबके लिए राज्य को बेहद बड़ा और लंबा प्रयास करना होगा। रोड्रिगेज इस चुनौती से किस तरह पार पाती हैं, यह उनके आगे के राजनीतिक भविष्य की दिशा तय कर सकता है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की करीबी मानी जाने वालीं रोड्रिगेज ने खुद को राजनीतिक बदलाव के प्रतीक के तौर पर पेश किया है, हालांकि वे समाजवादी निकोलस मादुरो के शासनकाल में उपराष्ट्रपति भी रह चुकी हैं, जिन्हें जनवरी में वॉशिंगटन ने सत्ता से हटवाया था।
हालांकि, हर तरफ से सिर्फ समर्थन ही नहीं मिल रहा। शुक्रवार को काराकास के निवासियों ने भूकंप से तबाह हुए एक इलाके का दौरा करने पहुंचीं डेल्सी रोड्रिगेज का विरोध किया और उनके खिलाफ नारेबाजी की। सुरक्षा घेरे के पीछे खड़े लोग चिल्ला रहे थे, "सरकार जनता के लिए कुछ नहीं कर रही है।" इनमें से कई लोगों के करीबी बुधवार को आए दोहरे भूकंप में जमींदोज हुई इमारतों के मलबे में अब भी दबे हुए हैं।
दिनों बाद फिर महसूस हुआ 4.9 तीव्रता का झटका
वेनेज़ुएला के उत्तरी समुद्री तट के करीब शुक्रवार दोपहर एक और भूकंप महसूस किया गया, जो उन दो तबाहकुन झटकों के महज कुछ दिन बाद आया जिन्होंने इमारतें जमींदोज कर दी थीं और करीब एक हजार लोगों की जान ले ली थी। काराकास और माराकाय में मौजूद पत्रकारों ने भी इस भूकंप को महसूस किया। भूकंप निगरानी संस्था ईएमएससी ने इसकी तीव्रता 4.9 दर्ज की, जिससे पहले से सहमे लोगों में डर और बढ़ गया।



















