मध्य प्रदेश के रीवा जिले में एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जहाँ करीब तीन महीने से लापता एक युवक का रहस्य उसकी कब्र से उजागर हुआ। गोविंदगढ़ थाना क्षेत्र से गायब हुए इस युवक के मामले में पुलिस ने जब गहराई से छानबीन शुरू की, तो हत्या की एक ऐसी साजिश सामने आई जिसने सभी को चौंका दिया। इस खौफनाक वारदात की पूरी पटकथा सतना जिले के रामपुर बघेलान थाना क्षेत्र में तैयार की गई थी।
लापता होने से शव मिलने तक का सफर
मृतक विपिन यादव के परिवार के अनुसार, वह 26 मार्च 2026 को अपने घर से रहस्यमयी परिस्थितियों में लापता हो गया था। परिजनों ने हर संभव जगह उसे तलाशा और अंततः थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करवाई। पुलिस लगातार युवक की तलाश में जुटी रही, लेकिन सफलता हाथ नहीं लग रही थी। जांच का रुख तब बदला जब तकनीकी साक्ष्यों और मोबाइल फोन की लोकेशन को खंगाला गया। अंतिम लोकेशन गोविंदगढ़ के टीकर गांव में ट्रेस हुई, जिससे पुलिस को जांच के लिए एक ठोस सुराग मिल गया।
प्रेम प्रसंग बना जानलेवा
पूछताछ में यह बात सामने आई कि लापता होने वाले दिन विपिन अपने दोस्त सुनील कुशवाहा के साथ घर से निकला था। शंका के घेरे में आए सुनील को पुलिस ने हिरासत में लेकर जब कड़ाई से पूछताछ की, तो उसने अपना गुनाह स्वीकार कर लिया। आरोपी ने बताया कि उसने अपने साथियों के साथ मिलकर विपिन की हत्या की और साक्ष्य छिपाने के लिए उसे नहर किनारे जमीन में दफना दिया था। तीन महीने बाद, जब पुलिस ने शव को बाहर निकाला, तो वह कंकाल में तब्दील हो चुका था। मामले का मुख्य कारण मृतक की पत्नी आंचल का आरोपी सुनील के साथ प्रेम संबंध होना बताया जा रहा है।
पत्नी और आरोपी के बीच गहरी बातचीत का खुलासा
पुलिस की जांच में पता चला है कि आंचल और सुनील कुशवाहा पिछले 6 महीनों से लगातार संपर्क में थे। उनके बीच बातचीत का स्तर इतना अधिक था कि वे दिन भर में करीब 30 बार लंबी कॉल्स के जरिए एक-दूसरे से बात करते थे। आरोपी सुनील पहले भी गोविंदगढ़ क्षेत्र में मारपीट के मामले में पुलिस की पकड़ में आ चुका था, जिससे पुलिस को उस तक पहुंचने में मदद मिली। वर्तमान में कब्र से बरामद अवशेषों को पोस्टमार्टम के लिए संजय गांधी अस्पताल भेजा गया है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम की विस्तृत रिपोर्ट मिलने के बाद ही मामले में आगे की सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।











