मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले के चौराई क्षेत्र से एक अत्यंत संवेदनशील और झकझोर देने वाला मामला सामने आया है, जहां एक 32 वर्षीय विवाहित महिला ने जहर खाकर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली। इस दुखद घटनाक्रम में सबसे हैरान करने वाली बात यह रही कि पुलिस को मृतका का सुसाइड नोट खोजने के लिए कोई मशक्कत नहीं करनी पड़ी। महिला ने मौत को गले लगाने से पहले अपने हाथ और पैरों पर मेहंदी से अपना दर्द बयां करते हुए आखिरी संदेश लिख दिया था। त्वचा पर दर्ज इस संदेश को अब पुलिस ने जांच का मुख्य आधार बनाया है। इस खबर के चन्हियाखुर्द गांव में फैलते ही पूरे इलाके में मातम पसर गया और स्थानीय निवासी इस बात से बेहद स्तब्ध हैं कि जो महिला इतने वर्षों से उनके बीच गरिमा के साथ रह रही थी, उसने अचानक ऐसा आत्मघाती कदम उठा लिया।
हाथ और पैरों पर मेहंदी से लिखा आखिरी संदेश
इस घटना के सामने आने के बाद से ही पूरे छिंदवाड़ा जिले में सनसनी फैल गई है। स्थानीय पुलिस अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार, मृतका की पहचान चन्हियाखुर्द गांव की रहने वाली प्रीति के रूप में हुई है, जो लखन वर्मा की पत्नी थीं। बताया जा रहा है कि प्रीति ने शुक्रवार को यह आत्मघाती कदम उठाया था। जहर खाने के बाद जब उनकी हालत बिगड़ने लगी, तो परिवार के लोग उन्हें आनन-फानन में सरकारी जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। वहां प्रीति की अत्यंत गंभीर स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें तुरंत एक बड़े निजी अस्पताल में रेफर कर दिया जहां जीवन रक्षक प्रणालियां उपलब्ध थीं। हालांकि, निजी अस्पताल के डॉक्टरों की तमाम कोशिशों और इलाज के बावजूद उनके शरीर में जहर फैल चुका था, जिससे इलाज के दौरान ही उनकी मौत हो गई। इस आत्मघाती कदम को उठाने से पहले प्रीति ने अपने हाथ और पैरों पर मेहंदी से सुसाइड नोट लिखा था, जिसे पुलिस इस मामले का सबसे अहम सबूत मानकर जांच को आगे बढ़ा रही है।
बेटे की मौत के बाद मानसिक तनाव में थी महिला
मृत शरीर पर लिखे संदेश को साक्ष्य के रूप में सुरक्षित रखना पुलिस के लिए एक बड़ी चुनौती थी। चूंकि पोस्टमार्टम और अन्य चिकित्सकीय प्रक्रियाओं के दौरान त्वचा पर लगी मेहंदी के मिटने या धुंधले होने का खतरा था, इसलिए चौराई पुलिस ने तत्परता दिखाई। थाना प्रभारी मोहन मारस्कोले के निर्देश पर फॉरेंसिक और वीडियो टीमों ने प्रीति के हाथ-पैरों पर लिखे एक-एक शब्द को बारीकी से कैमरे में कैद किया। चौराई थाना प्रभारी मोहन मारस्कोले ने बताया कि महिला ने अपने हाथ-पैरों पर मेहंदी से जो बातें लिखी हैं, उसमें उसकी परेशानियों, पारिवारिक तनाव और उन विषम परिस्थितियों का सिलसिलेवार जिक्र है जिनका वह दैनिक जीवन में सामना कर रही थी। यही वजह है कि यह संदेश इस पूरे मामले को सुलझाने के लिए पुलिस के लिए सबसे बड़ा सुराग बन गया है। शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि वह पिछले कुछ समय से गंभीर मानसिक तनाव से गुजर रही थीं। उनकी शादी को करीब 13 साल हो चुके थे और हाल ही में उनके बेटे की मौत हो गई थी। इस गहरे सदमे से वह उबर नहीं पा रही थीं और इसी अत्यधिक दुख के कारण वह डिप्रेशन में थीं।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे बढ़ेगी कानूनी कार्रवाई
पुलिस का कहना है कि प्रारंभिक तौर पर यह मामला जहर खाकर खुदकुशी करने का ही लग रहा है, लेकिन मौत के सटीक कारणों और परिस्थितियों का वास्तविक खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने और विस्तृत जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगा। पुलिस ने इस मामले में फिलहाल अप्राकृतिक मौत का मामला दर्ज कर औपचारिक जांच शुरू कर दी है। फिलहाल पुलिस को मेडिकल बोर्ड द्वारा दी जाने वाली अंतिम पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार है। हालांकि त्वचा पर लिखा संदेश बहुत कुछ स्पष्ट करता है, लेकिन जहर के प्रकार और मौत के असली समय की पुष्टि वैज्ञानिक रिपोर्टों के आने के बाद ही होगी। प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि वे इस संवेदनशील मामले के हर पहलू की गहराई से और बहुत बारीकी से तफ्तीश कर रहे हैं। जांच पूरी होने और सभी साक्ष्यों के मिलान के बाद ही पुलिस इस मामले में आगे की कोई भी कानूनी कार्रवाई अमल में लाएगी।











