ग्वालियर के महाराजपुरा एयरफोर्स स्टेशन परिसर में ड्यूटी पर तैनात एक जवान ने अपनी ही सर्विस राइफल से खुद को गोली मार ली, जिससे मौके पर ही उसकी मौत हो गई। अचानक हुई इस घटना से पूरे कैंपस में हड़कंप मच गया और गोलियों की आवाज सुनते ही सुरक्षा में तैनात बाकी जवान भी सन्न रह गए। घटना के तुरंत बाद मिलिट्री इंटेलिजेंस और महाराजपुरा थाना पुलिस दोनों मामले की बारीकी से जांच में जुट गई हैं।
कौन था मृतक जवान
महाराजपुरा थाना पुलिस के मुताबिक मृतक की पहचान इसेंद्र सिंह भदौरिया के रूप में हुई है। 41 वर्षीय इसेंद्र सिंह मूल रूप से भिंड जिले के रहने वाले थे और यूनिट 300 डीएससी (DSC) प्लाटून में सिपाही जीडी के पद पर तैनात थे। घटना के समय उनकी ड्यूटी पोस्ट 25 एमएमपीयू पर गार्ड के तौर पर लगी थी, यानी वह उस वक्त कैंपस की सुरक्षा में तैनात थे, ना कि किसी अन्य काम में।
ड्यूटी शुरू होते ही गूंज उठीं गोलियां
उस सुरक्षा पोस्ट पर उस समय कुल 5 जवान तैनात थे। नियम के मुताबिक वहां तीन-तीन घंटे की शिफ्ट में ड्यूटी बंटी होती है, इसलिए बाकी के जवान उस वक्त पास के रेस्ट रूम में आराम कर रहे थे। इसेंद्र सिंह की ड्यूटी शुरू हुए अभी बमुश्किल आधा घंटा ही बीता था कि अचानक गोलियों की तड़तड़ाहट से पूरा कैंपस गूंज उठा। आवाज सुनते ही आराम कर रहे साथी जवान घबरा गए और तुरंत पोस्ट की तरफ दौड़ पड़े। वहां पहुंचने पर उन्होंने देखा कि इसेंद्र सिंह खून से लथपथ हालत में जमीन पर पड़े हैं। इसके बाद सेना के अधिकारी बिना देर किए उन्हें मिलिट्री हॉस्पिटल मुरार लेकर पहुंचे, लेकिन वहां डॉक्टरों ने जांच के तुरंत बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया।
राइफल बर्स्ट मोड में सेट थी, इसलिए चलीं एक साथ 6 गोलियां
मामले की जांच में एक चौंकाने वाली बात सामने आई। जिस राइफल से गोली चली, वह नंबर 103 की 7.62 एसएलआर राइफल थी और वह उस समय 'बर्स्ट मोड' यानी ऑटोमैटिक मोड पर सेट थी। सामान्य तौर पर ऐसी राइफल से एक बार में एक ही गोली चलती है, लेकिन ऑटोमैटिक मोड की वजह से ट्रिगर दबते ही पलक झपकते में एक साथ 6 राउंड फायर हो गए। गोलियां इसेंद्र सिंह के पेट और सीने को चीरती हुई उनकी पीठ से आर-पार निकल गईं। इतने गहरे और गंभीर घाव होने की वजह से उन्हें बचाने का कोई मौका ही नहीं मिल सका।
पारिवारिक कलह और गहरे डिप्रेशन की बात आई सामने
पुलिस की प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया कि सिपाही इसेंद्र सिंह कुछ समय से गहरे मानसिक डिप्रेशन से जूझ रहे थे। उनकी पहली पत्नी का पहले ही देहांत हो चुका था। इसके बाद से उनका अपने बड़े बेटे के साथ किसी बात को लेकर गंभीर विवाद चल रहा था, जो लगातार बना हुआ था। पुलिस के मुताबिक इसी पारिवारिक तनाव के चलते वह मानसिक रूप से काफी टूट चुके थे, जिसका असर उनकी ड्यूटी और मानसिक स्थिति पर भी दिख रहा था।
पुलिस अब क्या खंगाल रही है
एयरफोर्स स्टेशन के सूबेदार चितरंजन महंता की सूचना पर पुलिस ने मर्ग कायम कर लिया है। महाराजपुरा थाना प्रभारी यशवंत गोयल के नेतृत्व में पुलिस टीम अब मामले की हर पहलू से जांच कर रही है। जांच के तहत पुलिस जवान के मोबाइल की कॉल डिटेल्स खंगाल रही है और साथ ही उनके पूरे पारिवारिक बैकग्राउंड की भी पड़ताल कर रही है, ताकि यह पूरी तरह से स्पष्ट हो सके कि आखिर आत्महत्या की ठोस वजह क्या थी।











