मध्य प्रदेश के डिंडौरी जिला मुख्यालय में गुरुवार को एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई। पारिवारिक विवाद और मानसिक तनाव से परेशान एक महिला ने नर्मदा नदी पर बने विशाल पुल से अचानक छलांग लगा दी। नदी का बहाव बेहद तेज था और महिला पानी में डूबने लगी। हालांकि, मौके पर मौजूद स्थानीय युवकों की त्वरित सूझबूझ और साहस की वजह से एक बड़ा हादसा टल गया। युवकों ने अपनी जान पर खेलकर उफनती नदी में छलांग लगाई और महिला को बहने से पहले सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
मोबाइल पर बात करने के तुरंत बाद उठाया खौफनाक कदम
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, लगभग 28 से 30 वर्ष की उम्र की यह महिला पुल पर रोते हुए पहुंची थी। वह काफी देर तक वहां रुककर बिलखती रही। इसके बाद उसने पुल पर मौजूद एक राहगीर से मोबाइल फोन मांगा और अपने परिजनों से बातचीत की। फोन पर बात खत्म होते ही महिला ने बिना सोचे-समझे पुल की रेलिंग पार की और गहरे पानी में कूद गई। यह दृश्य देखकर वहां मौजूद लोगों के होश उड़ गए और लोग मदद के लिए चीखने-चिल्लाने लगे।
100 मीटर दूर बह चुकी थी महिला, युवकों ने दिखाई बहादुरी
नर्मदा नदी का जलस्तर और तेज बहाव महिला को पलक झपकते ही किनारे से लगभग 100 मीटर दूर तक बहा ले गया। महिला गहरे पानी में समाने लगी थी और पूरी तरह थक चुकी थी। उसी समय वहां से गुजर रहे योगेश कुमार पंचभाय और उनके साथी, जो अपनी दैनिक शाखा से लौट रहे थे, उन्होंने स्थिति की गंभीरता को समझा। बिना एक पल गंवाए योगेश कुमार और उनके साथियों ने नदी में छलांग लगा दी। तेज धारा के बीच कड़ी मशक्कत करते हुए युवक महिला तक पहुंचे और उसे पकड़कर किनारे की तरफ ले आए।
पारिवारिक तनाव और ससुराल के विवाद से परेशान थी महिला
घटना के समय मौके पर मौजूद प्रत्यक्षदर्शी गुलाब बाई ने बताया कि महिला अत्यधिक मानसिक तनाव में थी और लगातार रो रही थी। वहीं नर्मदा नदी में स्नान करने आए एक अन्य व्यक्ति ने महिला को पहचान लिया। वह डिंडौरी के कुकर्रामठ गांव की रहने वाली है। महिला के दो छोटे-छोटे बच्चे हैं। बताया गया है कि ससुराल में चल रहे विवाद और पारिवारिक अनबन के कारण वह एक दिन पहले ही अपना घर छोड़कर निकल गई थी। इसी मानसिक परेशानी के कारण उसने यह अतिवादी कदम उठाया।
पुलिस को दी गई सूचना, रिश्तेदारों को सौंपा गया
महिला को सुरक्षित नदी से बाहर निकालने के बाद घटना की जानकारी तुरंत डिंडौरी कोतवाली पुलिस को दी गई। सूचना मिलते ही महिला के रिश्तेदार भी मौके पर पहुंच गए। पुलिस की मौजूदगी और परिजनों की समझाइश के बाद रिश्तेदार महिला को अपने साथ घर ले गए। स्थानीय निवासियों ने समय पर महिला की जान बचाने वाले योगेश कुमार और उनके साथियों के साहस की जमकर सराहना की।
जिले में एक दिन पहले भी सामने आई थी ऐसी ही दुखद घटना
डिंडौरी जिले में मानसिक तनाव के कारण जान गंवाने का यह पहला मामला नहीं है। इससे ठीक एक दिन पहले, बुधवार की सुबह जिले के किसलपुरी गांव में एक दुखद घटना घटी थी। वहां शादी के बाद पत्नी के मायके से वापस न लौटने पर दुखी होकर 30 वर्षीय एक युवक ने जहरीला पदार्थ खाकर आत्महत्या कर ली थी। इस घटना से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा था।



















