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मध्य प्रदेश के मुरैना में घरेलू कलश से परेशान होकर महिला ने कुंवारी नदी में लगाई छलांग, पुलिस और गोताखोरों ने बचाई जानमध्य प्रदेश
10 सित॰ 2026, 1:45 pm (54 मिनट पहले)· 2

मध्य प्रदेश के मुरैना में घरेलू कलश से परेशान होकर महिला ने कुंवारी नदी में लगाई छलांग, पुलिस और गोताखोरों ने बचाई जान

मध्य प्रदेश के मुरैना जिले में पारिवारिक विवाद से तंग आकर एक महिला ने नैपरी पुल से कुंवारी नदी में छलांग लगा दी। पुलिसकर्मियों और स्थानीय गोताखोरों की सूझबूझ से महिला की जान बचा ली गई और उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

मध्य प्रदेश के मुरैना जिले के अंतर्गत आने वाले कैलारस थाना क्षेत्र में एक गंभीर घटना सामने आई है, जहां घरेलू कलह से मानसिक रूप से परेशान एक महिला ने कुंवारी नदी के तेज बहाव में छलांग लगा दी। हालांकि नदी के पानी का बहाव उसे किनारे की तरफ ले जा रहा था, और समय रहते मौके पर पहुंचे पुलिसकर्मियों तथा स्थानीय गोताखोरों के संयुक्त प्रयासों से उसकी जान बचा ली गई। महिला को तुरंत स्थानीय चिकित्सालय में इलाज के लिए दाखिल कराया गया, जहां डॉक्टरों की देखरेख में उसकी हालत स्थिर बनी हुई है। इस पूरी घटना के सामने आने के बाद से स्थानीय प्रशासन और पुलिस महकमा सतर्क है तथा इस बात की गहराई से छानबीन की जा रही है कि आखिर महिला को इस खतरनाक कदम को उठाने के लिए किन परिस्थितियों ने मजबूर किया।

घटना की विस्तृत जानकारी और पृष्ठभूमि

प्राप्त जानकारी के अनुसार यह पूरी घटना मुरैना जिले के कैलारस थाना क्षेत्र के अंतर्गत स्थित कुंवारी नदी के नैपरी पुल पर घटी। इलाके में पानी का बहाव बहुत तेज था और इसी दौरान पुल पर सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी के तहत पुलिस की डायल 112 टीम लगातार गश्त कर रही थी। गश्त के दौरान ही पुलिसकर्मियों को यह सूचना मिली कि किसी महिला ने तेज बहाव को देखते हुए पुल से पानी में छलांग लगा दी है। सूचना मिलते ही पुलिस बल तत्परता से हरकत में आया और स्थानीय नागरिकों की सहायता से तुरंत बचाव कार्य शुरू कर दिया गया।

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जब पुलिस ने मामले की गहराई से पड़ताल की तो महिला की पहचान बबली पत्नी मुकेश गौड़ उम्र 26 वर्ष के रूप में हुई, जो बख्शपुर सबलगढ़ की रहने वाली बताई जा रही है। बबली की शादी सबलगढ़ तहसील मुख्यालय पर रहने वाले मुकेश गौड़ के साथ हुई थी। शादी के कुछ समय बीतने के बाद पति और पत्नी के बीच पारिवारिक मामलों को लेकर आपसी विवाद शुरू हो गया था, जिसके चलते दोनों का कानूनी मामला वर्तमान में कोर्ट में विचाराधीन है। इसी घरेलू कलह और आपसी तनाव के कारण बबली लंबे समय से मानसिक रूप से बेहद परेशान चल रही थी, जिसने अंततः इस खौफनाक कदम को अंजाम दिया।

अस्पताल पहुंचे परिजन और मौके पर मची अफरा-तफरी

घटना के समय के चश्मदीदों और स्थानीय लोगों के बीच इस बात की चर्चा आम थी कि बबली के पिता कुछ ही समय पहले डॉक्टर से उसका इलाज कराकर उसे घर वापस लेकर पहुंचे थे। घर लौटने के तुरंत बाद बबली अचानक किसी को बिना बताए घर से बाहर निकल आई और सीधे नैपरी पुल पर जा पहुंची। वहां पहुंचते ही उसने बिना एक पल गंवाए उफनती हुई कुंवारी नदी में छलांग लगा दी। इस अचानक हुई घटना से आसपास के इलाके में भारी अफरा-तफरी का माहौल बन गया और देखते ही देखते नदी के तेज बहाव के साथ बह रही महिला को देखने के लिए पुल के पास सैकड़ों लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई।

मौके पर मौजूद लोगों का कहना था कि यदि समय रहते पुलिस की डायल 112 की टीम वहां नहीं पहुंचती, तो एक बड़ी अनहोनी हो सकती थी और महिला की जान बचाना असंभव हो जाता। पुलिसकर्मियों ने अपनी जान की परवाह किए बिना स्थानीय गोताखोरों को प्रेरित किया और उन्हें गहरे पानी के तेज बहाव में उतरने के लिए राजी किया। गोताखोरों ने काफी मशक्कत के बाद बेहोशी की हालत में महिला को पानी से सुरक्षित बाहर निकाला। घटना की सूचना मिलते ही बबली के पिता बांकेलाल और उनकी माता तुरंत दौड़ते हुए कैलारस के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंच गए, जहां उनकी बेटी का इलाज चल रहा है।

पुलिस अधिकारियों का बयान

इस पूरे मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कैलारस के उप निरीक्षक हिमांशु यादव ने मीडिया को जानकारी दी कि घटना की सूचना मिलते ही बिना किसी देरी के डायल 112 वाहन को तुरंत मौके पर रवाना कर दिया गया था, जहां तैनात कर्मियों ने महिला की अमूल्य जान बचाने के लिए हरसंभव प्रयास किए। वहीं दूसरी ओर डायल 112 पर तैनात कर्मचारी एवं प्रधान आरक्षक मुकेश शर्मा ने विस्तार से बताया कि जब वे मौके पर पहुंचे तो महिला पानी के तेज बहाव में बहती हुई आगे जा रही थी। उन्होंने तुरंत स्थिति की नजाकत को समझते हुए स्थानीय गोताखोरों का हौसला बढ़ाया और उनसे अनुरोध किया कि वे किसी तरह महिला को बाहर निकालें। गोताखोरों ने तुरंत कार्रवाई करते हुए महिला को सुरक्षित रूप से बाहर निकाला और उसके बाद बिना किसी विलंब के उसे इलाज के लिए स्थानीय अस्पताल में पहुँचाया गया, जहाँ उसका उपचार जारी है।

सवाल-जवाब

महिला ने किस नदी में छलांग लगाई थी?
महिला ने मुरैना जिले की कुंवारी नदी में छलांग लगाई थी।
यह घटना मध्य प्रदेश के किस जिले में हुई?
यह घटना मध्य प्रदेश के मुरैना जिले के कैलारस थाना क्षेत्र में हुई।
महिला की जान किसने बचाई?
पुलिसकर्मियों के सहयोग और उनके कहने पर स्थानीय गोताखोरों ने पानी में कूदकर महिला की जान बचाई।
महिला का नाम और उम्र क्या है?
महिला का नाम बबली है और उनकी उम्र 26 वर्ष है।
महिला ने यह कदम क्यों उठाया?
पति के साथ विवाद और कोर्ट में मामला चलने के कारण मानसिक तनाव के चलते महिला ने यह कदम उठाया।
फिलहाल महिला की स्थिति कैसी है?
महिला को कैलारस के अस्पताल में भर्ती कराया गया है जहाँ उसकी हालत स्थिर बनी हुई है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 2

Karan Malhotra@karan-malhotra·2 मिनट पहले

यह घटना घरेलू विवादों के मानसिक स्वास्थ्य पर पड़ने वाले गंभीर और घातक प्रभावों को उजागर करती है। अदालतों में लंबित मामलों और पारिवारिक तनाव के बीच मानसिक स्वास्थ्य की अनदेखी ऐसे चरम कदमों का कारण बनती है। पुलिस की त्वरित कार्रवाई से जान तो बच गई, लेकिन इस मामले में यह आवश्यक है कि कानूनी और पारिवारिक गतिरोध के बीच फसे व्यक्तियों की काउंसलिंग और मनोवैज्ञानिक सहायता के लिए जिला स्तर पर एक प्रभावी तंत्र विकसित किया जाए, ताकि अदालत में विचाराधीन मामलों के दौरान ऐसे दुखद प्रयासों को रोका जा सके।

Rohan Verma@rohan-verma·2 मिनट पहले

करन मल्होत्रा की बात को आगे बढ़ाते हुए यह रेखांकित करना आवश्यक है कि पारिवारिक विवादों और कानूनी लड़ाइयों में उलझे व्यक्तियों, विशेषकर महिलाओं के लिए जिला स्तर पर संवेदनशील मध्यस्थता और मनोवैज्ञानिक परामर्श केंद्रों की सख्त जरूरत है। सबलगढ़ और कैलारस जैसे ग्रामीण क्षेत्रों में जहाँ अदालती मामलों का लंबा तनाव मानसिक स्वास्थ्य को बुरी तरह प्रभावित करता है, स्थानीय प्रशासन को महिला सहायता समूहों और स्वास्थ्य विभाग के साथ मिलकर एक ऐसा सुरक्षा चक्र तैयार करना होगा जो ऐसे चरम कदमों को समय रहते रोक सके।

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