केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने सोमवार को देश को एक साथ तीन नई ट्रेनों की सौगात दी और हरी झंडी दिखाकर तीनों को रवाना किया। इनमें महाराष्ट्र के नांदेड़ और मुंबई के लोकमान्य तिलक टर्मिनस के बीच चलने वाली नांदेड़-एलटीटी एक्सप्रेस, नांदेड़ और उत्तराखंड के टनकपुर के बीच चलने वाली नांदेड़-टनकपुर एक्सप्रेस और ओडिशा के पुरी तथा कोरापुट के बीच चलने वाली पुरी-कोरापुट एक्सप्रेस शामिल हैं। इतना ही नहीं, रेल मंत्री कुछ ही घंटों बाद एक चौथी ट्रेन भी लॉन्च करने वाले हैं, ब्रह्मपुर और सूरत के उधना के बीच चलने वाली अमृत भारत एक्सप्रेस। यानी सोमवार का दिन भारतीय रेलवे के लिए एक साथ चार नई ट्रेन सेवाओं की शुरुआत का खास दिन बन गया, जिसका सीधा फायदा कई राज्यों के यात्रियों को मिलने वाला है।
नांदेड़-एलटीटी एक्सप्रेस
नांदेड़ से मुंबई के लोकमान्य तिलक टर्मिनस तक चलने वाली इस नांदेड़-एलटीटी-नांदेड़ एक्सप्रेस से महाराष्ट्र के कई इलाकों के यात्रियों को सीधा फायदा मिलेगा। नांदेड़, हिंगोली, वाशिम, अकोला, बुलढाणा, जलगांव, नाशिक, ठाणे और मुंबई उपनगर जैसे जिलों के लोगों के लिए यह ट्रेन आवागमन आसान बनाएगी। अपने पूरे सफर के दौरान यह ट्रेन दोनों दिशाओं में पूर्णा, बसमत, हिंगोली डेक्कन, वाशिम, अकोला, मलकापुर, भुसावल, चालीसगांव, मनमाड, नाशिक रोड, इगतपुरी और कल्याण स्टेशनों पर रुकेगी, जिससे बीच के छोटे शहरों को भी सीधी रेल कनेक्टिविटी मिल जाएगी और स्थानीय यात्रियों को बार-बार ट्रेन बदलने की मजबूरी से राहत मिलेगी।
नांदेड़-टनकपुर एक्सप्रेस
दूसरी नई ट्रेन नांदेड़ को उत्तराखंड के टनकपुर से जोड़ेगी। यह नांदेड़-टनकपुर-नांदेड़ एक्सप्रेस उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र, चार राज्यों के यात्रियों के लिए फायदेमंद साबित होगी। रास्ते में यह ट्रेन दोनों तरफ पीलीभीत, इज्जतनगर, बरेली, बदायूं, कासगंज, मथुरा, आगरा, धौलपुर, ग्वालियर, वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी, ललितपुर, बीना, रानी कमलापति भोपाल, इटारसी, खंडवा, मलकापुर, अकोला, वाशिम, हिंगोली, बसमत और पूर्णा स्टेशनों पर रुकेगी। इतने लंबे रूट और इतने सारे ठहराव की वजह से यह ट्रेन उत्तर भारत और महाराष्ट्र के बीच सीधी रेल सेवा का एक बड़ा जरिया बनेगी, जिससे तीर्थयात्रियों और कामकाजी यात्रियों दोनों को राहत मिलेगी।
पुरी-कोरापुट एक्सप्रेस
तीसरी नई ट्रेन पुरी-कोरापुट-पुरी एक्सप्रेस ओडिशा के भीतर ही चलेगी, लेकिन इसका असर राज्य की रेल कनेक्टिविटी पर बड़ा होगा। यह ट्रेन ओडिशा के तटीय क्षेत्र को दक्षिणी ओडिशा से जोड़ेगी, जिससे राज्य के भीतर आवाजाही और मजबूत होगी। यह ट्रेन दोनों दिशाओं में खुर्दा रोड, भुवनेश्वर, अंगुल, संबलपुर, बोलांगीर, दमनजोड़ी और लक्ष्मीपुर रोड समेत कई अहम स्टेशनों पर रुकेगी, यानी तटीय और आंतरिक ओडिशा के बीच यात्रा अब पहले से ज्यादा सुगम और तेज हो जाएगी।
ब्रह्मपुर-उधना अमृत भारत एक्सप्रेस
तीन ट्रेनों को रवाना करने के बाद रेल मंत्री शाम करीब 4 बजे एक चौथी ट्रेन को भी हरी झंडी दिखाएंगे, यह होगी ओडिशा के ब्रह्मपुर और गुजरात के सूरत में उधना के बीच चलने वाली नई अमृत भारत एक्सप्रेस। अधिकारियों का कहना है कि इस ट्रेन के शुरू होने से दक्षिणी ओडिशा और गुजरात के बीच लंबी दूरी की रेल कनेक्टिविटी बेहतर होगी। इससे पश्चिमी भारत की यात्रा करने वाले यात्रियों को एक सीधी और सुविधाजनक रेल सेवा मिल सकेगी, जिसके लिए अभी तक उन्हें अलग-अलग ट्रेनें बदलनी पड़ती थीं।











