कुंभ मेले के दौरान चर्चा में आई मोनालिसा भोसले को पुलिस सुरक्षा प्रदान करने के अपने अंतरिम आदेश को केरल हाईकोर्ट ने शुक्रवार को आधिकारिक तौर पर वापस ले लिया है। इस मामले में राज्य सरकार की ओर से अदालत को स्पष्ट रूप से बताया गया कि पुलिस प्रशासन मोनालिसा द्वारा याचिका में दर्ज किए गए पते और संपर्क विवरण के आधार पर उन्हें खोजने में पूरी तरह विफल रहा है। अब इस प्रकरण की अगली सुनवाई आगामी 21 जुलाई को निर्धारित की गई है।
पुलिस क्यों नहीं ढूंढ पाई मोनालिसा को?
जस्टिस बेचू कुरियन थॉमस की पीठ के समक्ष राज्य सरकार के वकील ने इस पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी। उन्होंने अदालत को बताया कि पुलिस की ओर से मोनालिसा से संपर्क करने के लिए लगातार प्रयास किए गए, लेकिन वे सभी कोशिशें सिरे नहीं चढ़ सकीं। राज्य सरकार के मुताबिक, अदालत के पिछले सुरक्षा संबंधी निर्देशों का पालन करने के लिए अधिकारी पूरी तरह तत्पर थे, लेकिन याचिकाकर्ता के गायब होने या सही पते पर न मिलने के कारण सुरक्षा उपलब्ध कराना असंभव रहा। सरकारी वकील ने कोर्ट में यह भी जोर देकर कहा कि पुलिस उन्हें संरक्षण देना चाहती थी, परंतु याचिकाकर्ता के साथ संवाद का कोई माध्यम नहीं मिल सका। स्थिति यह हो गई है कि जब भी मोनालिसा पुलिस सुरक्षा की मांग लेकर अदालत का दरवाजा खटखटाती हैं, तब पुलिस उन्हें तलाशने में खुद को असमर्थ पाती है।
हाईकोर्ट ने रद्द किया पिछला निर्देश
अदालत में मौजूद मोनालिसा के वकील ने स्वीकार किया कि राज्य सरकार द्वारा पेश किए गए तथ्यों पर उन्हें अपनी मुवक्किल से अब तक कोई स्पष्ट निर्देश या प्रतिक्रिया प्राप्त नहीं हुई है। इस स्थिति को देखते हुए कोर्ट ने 19 जून को पारित किए गए अपने अंतरिम आदेश को तत्काल प्रभाव से वापस ले लिया। हालांकि, अदालत ने यह स्पष्ट कर दिया है कि यदि भविष्य में मोनालिसा स्वयं लिखित रूप में पुलिस से सुरक्षा की मांग करती हैं, तो संबंधित अधिकारियों को नियमानुसार उन्हें आवश्यक सुरक्षा उपलब्ध करानी होगी।
विवाद की पृष्ठभूमि और सोशल मीडिया का प्रभाव
मोनालिसा ने मोहम्मद फरमान नामक व्यक्ति के साथ विवाह करने के उपरांत केरल हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। उनका आरोप था कि इस शादी के बाद से ही उन्हें मुख्यधारा की मीडिया और विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर नफरत फैलाने वाले अभियानों का निशाना बनाया जा रहा है। मोनालिसा तब पूरे देश की सुर्खियों में आई थीं, जब महाकुंभ के दौरान रुद्राक्ष की मालाएं बेचते हुए उनके वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गए थे। उस समय वह काफी प्रसिद्ध हो गई थीं। हालांकि, बाद में उन्होंने केरल जाकर फरमान से विवाह कर लिया, जिसका उनके परिवार वालों ने कड़ा विरोध किया था।
कानूनी जटिलताएं और अपहरण के आरोप
मामले के एक अन्य मोड़ पर, मोनालिसा के पिता ने मध्य प्रदेश में एक औपचारिक शिकायत दर्ज कराई थी, जिसमें आरोप लगाया गया कि फरमान ने उनकी बेटी का अपहरण किया है। इस शिकायत के बाद यह दंपति केरल हाईकोर्ट पहुंचा था। इससे पूर्व, अदालत ने फरमान को मध्य प्रदेश की संबंधित अदालतों से नियमित राहत हासिल करने के लिए एक महीने की ट्रांजिट अग्रिम जमानत प्रदान की थी। हालांकि, पिछले सप्ताह ही केरल हाईकोर्ट ने उस ट्रांजिट अग्रिम जमानत अवधि को और आगे बढ़ाने से साफ इनकार कर दिया था।











