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असम में बहुविवाह करने पर सरकारी नौकरी और योजनाओं का लाभ होगा खत्म, बजट में नया प्रस्तावराजनीति
10 जुल॰ 2026, 10:33 pm (45 दिन पहले)· 3

असम में बहुविवाह करने पर सरकारी नौकरी और योजनाओं का लाभ होगा खत्म, बजट में नया प्रस्ताव

असम सरकार ने विधानसभा में पेश बजट के दौरान बहुविवाह करने वाले पुरुषों के खिलाफ सख्त कदम उठाने का प्रस्ताव रखा है, जिसके तहत सरकारी नौकरी छिनने के साथ ही सरकारी लाभ भी बंद कर दिए जाएंगे।

असम की राज्य सरकार ने बहुविवाह की प्रथा को रोकने और समाज में नैतिक मूल्यों को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से एक कड़ा रुख अपनाते हुए नया प्रस्ताव पेश किया है। शुक्रवार को विधानसभा में वित्त मंत्री जयंता मल्ला बरुआ द्वारा रखे गए बजट के अनुसार, अब जो भी पुरुष एक से अधिक विवाह करेंगे, उन्हें सरकारी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पाने के अधिकार से पूरी तरह वंचित कर दिया जाएगा। सरकार का यह कदम राज्य में महिलाओं के सशक्तीकरण और लैंगिक न्याय सुनिश्चित करने की दिशा में एक बड़ा प्रयास माना जा रहा है।

वित्त मंत्री जयंता मल्ला बरुआ ने सदन को संबोधित करते हुए स्पष्ट किया कि कल्याणकारी योजनाओं का उद्देश्य केवल पात्र लोगों तक पहुंचना नहीं है, बल्कि यह समाज में ईमानदारी और जिम्मेदारी को भी बढ़ावा देना चाहिए। उन्होंने कहा कि महिलाओं के अधिकारों की रक्षा और उनके सशक्तीकरण के लिए सरकार ने यह निर्णय लिया है कि बहुविवाह करने वाला कोई भी पुरुष राज्य सरकार की किसी भी योजना का लाभ प्राप्त करने का पात्र नहीं होगा।

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सरकारी सेवा से बर्खास्तगी का प्रावधान

बजट में सरकारी कर्मचारियों के लिए और भी सख्त नियम लाए गए हैं। सरकार ने असम सेवा (अनुशासन एवं अपील) नियम, 1964 में संशोधन का प्रस्ताव पेश किया है। इस नए प्रावधान के तहत, यदि कोई सरकारी कर्मचारी बहुविवाह का दोषी पाया जाता है, तो उसे अपनी सरकारी नौकरी से हाथ धोना पड़ सकता है। सरकार ने इसे जिम्मेदार नागरिकता के सिद्धांत से जोड़ते हुए कहा कि किसी भी आपराधिक कानून के तहत दोषी ठहराए गए व्यक्तियों को सरकारी कल्याणकारी योजनाओं के लाभ से बाहर रखा जाएगा। जयंता मल्ला बरुआ ने स्पष्ट किया कि चुनाव प्रक्रिया के कारण पहले बजट के अभाव में योजनाओं का संचालन प्रभावित हुआ था, लेकिन अब सरकार इसे सुधार रही है।

6,000 करोड़ रुपये का आवंटन

वित्त मंत्री जयंता मल्ला बरुआ ने आगामी अगस्त महीने से सभी प्रमुख कल्याणकारी योजनाओं को फिर से शुरू करने का ऐलान किया है। उन्होंने सदन में विभिन्न श्रेणियों के लाभार्थियों के लिए 6,000 करोड़ रुपये से अधिक की राशि का आवंटन प्रस्तावित किया है। इन सभी योजनाओं का क्रियान्वयन एक नई और पारदर्शी व्यवस्था के तहत होगा।

सरकार ने लाभार्थियों तक सीधे लाभ पहुंचाने के लिए एकीकृत डिजिटल लाभार्थी प्रणाली (इंटीग्रेटेड डिजिटल बेनिफिशियरी सिस्टम) को अपनाया है। इस पूरी प्रक्रिया को डीआईडीएस के तहत विकसित किया गया है, जिसमें आधार आधारित प्रमाणीकरण अनिवार्य होगा। इससे यह सुनिश्चित किया जाएगा कि लाभ केवल वास्तविक और नियमों का पालन करने वाले पात्र व्यक्तियों को ही मिले। डिजिटल ढांचे का उपयोग करने से सरकारी सहायता में पारदर्शिता आएगी और भ्रष्टाचार की संभावना भी काफी हद तक कम हो जाएगी।

सवाल-जवाब

असम सरकार बहुविवाह करने वालों पर क्या कार्रवाई करेगी?
असम सरकार ने प्रस्ताव दिया है कि बहुविवाह करने वाले पुरुषों को सरकारी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिलेगा और यदि वे सरकारी कर्मचारी हैं, तो उन्हें सेवा से बर्खास्त कर दिया जाएगा।
इस प्रस्ताव के पीछे सरकार का मुख्य उद्देश्य क्या है?
सरकार का उद्देश्य महिलाओं के सशक्तीकरण को बढ़ावा देना, लैंगिक न्याय सुनिश्चित करना और समाज में ईमानदारी तथा नैतिक मूल्यों को स्थापित करना है।
कल्याणकारी योजनाओं के लिए कितना बजट आवंटित किया गया है?
वित्त मंत्री जयंता मल्ला बरुआ ने इन कल्याणकारी योजनाओं के लिए 6,000 करोड़ रुपये से अधिक के आवंटन का प्रस्ताव दिया है।
इन योजनाओं का क्रियान्वयन कैसे किया जाएगा?
योजनाओं का क्रियान्वयन एकीकृत डिजिटल लाभार्थी प्रणाली (DIDS) के माध्यम से किया जाएगा, जिसमें आधार आधारित प्रमाणीकरण अनिवार्य होगा।
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