मध्य प्रदेश के गुना जिले में राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित गादेर के पास एक 26 वर्षीय महिला इंजीनियर और उनके मंगेतर के साथ हुई सामूहिक बर्बरता और लूटपाट के मामले में प्रशासन ने आरोपियों के खिलाफ कड़ी कानूनी और प्रशासनिक कार्रवाई की है। घटना के 24 घंटे के भीतर सभी पांचों आरोपियों को गिरफ्तार करने के बाद राजस्व और वन विभाग की संयुक्त टीम ने बोरखेड़ा गांव पहुंचकर आरोपियों द्वारा सरकारी वन भूमि पर किए गए अवैध निर्माणों को बुलडोजर और जेसीबी की मदद से पूरी तरह जमींदोज कर दिया। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जघन्य अपराधों को अंजाम देने वाले अपराधियों के खिलाफ शून्य सहनशीलता की नीति के तहत आगे भी सख्त कदम उठाए जाएंगे।
वन भूमि पर अवैध कब्जे पर चला प्रशासन का बुलडोजर
सामूहिक दुष्कर्म की इस दर्दनाक वारदात में शामिल आरोपियों की पहचान होने के बाद जिला प्रशासन ने उनके आपराधिक रिकॉर्ड के साथ-साथ उनकी संपत्तियों की जांच शुरू कर दी थी। जांच के दौरान यह बात सामने आई कि आरोपी लंबे समय से वन विभाग की सरकारी भूमि पर अवैध रूप से कब्जा करके अपने मकान बनाकर रह रहे थे। गुना के कलेक्टर किशोर कुमार कन्याल के कड़े निर्देशों पर वन विभाग, राजस्व विभाग और भारी पुलिस बल की संयुक्त टीम ने बोरखेड़ा गांव में संयुक्त अभियान चलाया। इस दौरान जेसीबी मशीनों के जरिए आरोपियों के अवैध कब्जों को ढहा दिया गया। कलेक्टर किशोर कुमार कन्याल ने प्रशासनिक कार्रवाई के संबंध में दोहराया कि समाज में खौफ पैदा करने वाले और गंभीर अपराधों में संलिप्त अपराधियों के अवैध ठिकानों और संपत्तियों को बख्शा नहीं जाएगा।
राष्ट्रीय राजमार्ग पर पंचर का झांसा देकर की गई वारदात
यह खौफनाक घटना बीते गुरुवार की रात लगभग 8 बजे घटी। मूल रूप से पश्चिम बंगाल के कोलकाता की रहने वाली 26 वर्षीय पीड़िता, जो कि पेशे से इंजीनियर हैं, अपने मंगेतर के साथ मोटरसाइकिल पर सवार होकर प्रसिद्ध हनुमान टेकरी मंदिर में दर्शन करने के बाद वापस लौट रही थीं। जब उनकी बाइक एबी रोड पर एक पेट्रोल पंप के समीप पहुंची, तब पीछे से एक मोटरसाइकिल पर सवार होकर आए तीन अज्ञात बदमाशों ने उनकी गाड़ी में पंचर होने का झूठा झांसा दिया। बाइक सवार दंपत्ति जैसे ही रास्ते में रुके, बदमाशों ने तुरंत चाबी छीन ली और पीड़िता के बाल पकड़कर घसीटते हुए राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे घने अंधेरे जंगल के अंदर ले गए। जंगल के भीतर पहुंचने के बाद तीनों बदमाशों ने फोन करके अपने तीन और साथियों को मौके पर बुला लिया।
बर्बरता की हदें पार, जानलेवा हमला और पुलिस की सायरन से बचाव
जंगल के सन्नाटे में छह बदमाशों ने मिलकर पीड़िता और उनके साथी पर लाठियों, डंडों और थप्पड़ों से हमला कर दिया। बदमाशों ने दोनों को जान से मारने की धमकी देते हुए उनके मोबाइल फोन, नकदी से भरा पर्स और मोटरसाइकिल छीन ली। इसके बाद पीड़िता के साथी के हाथ-पैर बांधकर उन्हें जंगल के एक अलग हिस्से में ले जाया गया। इसके बाद तीन दरिंदों ने पीड़िता के कपड़े फाड़ दिए और बारी-बारी से उनके साथ दुष्कर्म किया। पीड़िता ने अपनी जान और अस्मत बचाने के लिए कड़ा संघर्ष किया, आरोपियों को अपने नाखूनों से नोंचा और काटा, लेकिन हैवानों ने पीड़िता के ही कपड़ों का इस्तेमाल कर उनके हाथ बांध दिए। जब पीड़िता दर्द से चीखने-चिल्लाने लगीं, तो एक आरोपी ने क्रूरता की सारी सीमाएं लांघते हुए उनके गुप्तांग में लकड़ी डालने का प्रयास किया, जिससे अत्यधिक रक्तस्राव होने लगा। इसी दौरान उस सुनसान रास्ते से गुजर रहे एक सतर्क नागरिक की नजर इस संदिग्ध गतिविधि पर पड़ी, जिन्होंने बिना देर किए गश्त पर तैनात डायल 112 पुलिस टीम को सूचना दी। सायरन बजाते हुए पुलिस की गाड़ियां जैसे ही जंगल के पास पहुंचीं, पकड़े जाने के डर से सभी आरोपी पीड़िता को छोड़कर मौके से भाग खड़े हुए।
गिरफ्तार पांचों आरोपियों की पहचान और आपराधिक रिकॉर्ड
पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 24 घंटे के भीतर घटना में शामिल सभी पांचों आरोपियों को सलाखों के पीछे पहुंचा दिया। पकड़े गए आरोपियों में धरनावदा थाना क्षेत्र के ग्राम बोरखेड़ा का रहने वाला 23 वर्षीय बबलू बंजारा पुत्र हीरालाल बंजारा, राघौगढ़ थाना क्षेत्र के ग्राम खजरा का निवासी 28 वर्षीय छोटू बंजारा पुत्र मांगीलाल बंजारा, राघौगढ़ थाना क्षेत्र के ग्राम विन्याकी का रहने वाला 30 वर्षीय सरदार बंजारा पुत्र कर्मा उर्फ करम सिंह बंजारा, धरनावदा थाना क्षेत्र के ग्राम बोरखेड़ा का 20 वर्षीय महेंद्र बंजारा पुत्र गब्बा बंजारा और इसी गांव का रहने वाला 28 वर्षीय दिनेश बंजारा पुत्र गब्बा बंजारा शामिल हैं। पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी दिनेश बंजारा के खिलाफ पूर्व में भी दुष्कर्म का मामला दर्ज हो चुका है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि वन भूमि पर किए गए अवैध निर्माण को ध्वस्त करने के साथ ही आरोपियों पर अदालत में मजबूत पैरवी कर कड़ी सजा दिलाई जाएगी।



















