मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले में स्थित सुठालिया कस्बे में शुक्रवार को 'मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान' के अंतर्गत एक विशाल जन विश्वास शिविर का आयोजन किया गया। इस विशेष शिविर की सबसे खास बात यह रही कि मध्य प्रदेश शासन के मछुआ कल्याण एवं मत्स्य विभाग राज्यमंत्री नारायण सिंह पंवार, क्षेत्रीय सांसद रोडमल नागर, कलेक्टर गिरिश कुमार मिश्रा तथा पुलिस अधीक्षक अमित कुमार तोलानी ने किसी मंच पर बैठने के बजाय आम नागरिकों के बीच जमीन पर बैठकर उनकी शिकायतें और समस्याएं सुनीं। प्रशासनिक तंत्र की इस संवेदनशीलता के कारण नागरिकों की कई समस्याओं का मौके पर ही त्वरित निराकरण कर दिया गया। शिविर के दौरान राज्यमंत्री ने सामाजिक कल्याण की दिशा में कदम बढ़ाते हुए दिव्यांगजनों को आवागमन को सुगम बनाने के लिए मोटरसाइकिलें सौंपीं और टीबी से पीड़ित मरीजों को पौष्टिक सहायता के रूप में फूड बास्केट का वितरण किया।
विभागीय स्टॉलों का निरीक्षण और स्वयं सहायता समूहों से सीधा संवाद
आयोजन के दौरान राज्यमंत्री नारायण सिंह पंवार ने शिविर परिसर में विभिन्न शासकीय विभागों द्वारा लगाए गए सूचनात्मक और सेवा स्टॉलों का विस्तृत निरीक्षण किया। उन्होंने वहां मौजूद अधिकारियों से आम जनता को दी जा रही सरकारी योजनाओं एवं नागरिक सुविधाओं की जानकारी ली। इसके साथ ही उन्होंने 'उद्यम संवाद' कार्यक्रम में बढ़-चढ़कर भाग लिया और स्थानीय उद्यमियों से चर्चा कर उनकी व्यावसायिक आवश्यकताओं तथा सुझावों को समझा। राज्यमंत्री ने राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM) के अंतर्गत गठित स्वयं सहायता समूहों की दीदियों से भी सीधा संवाद स्थापित किया। उन्होंने महिलाओं द्वारा चलाए जा रहे आजीविका कार्यों, उनकी वित्तीय उपलब्धियों तथा जमीनी अनुभवों के बारे में आत्मीयता से जानकारी प्राप्त की।
लोकतंत्र में जनसेवा का महत्व और महिला सशक्तिकरण की मिसाल
शिविर में एकत्र नागरिकों को संबोधित करते हुए राज्यमंत्री पंवार ने कहा कि प्राचीन काल में राजाओं की सरकारें हुआ करती थीं, परंतु आज के लोकतांत्रिक ढांचे में जनता जिसे चाहती है, उसे ही सत्ता सौंपती है। लोकतंत्र में जनता का सच्चा विश्वास केवल उनकी निस्वार्थ सेवा करके ही अर्जित किया जा सकता है। उन्होंने देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का उदाहरण देते हुए कहा कि वह स्वयं को 'प्रधान सेवक' मानते हैं और यही सेवा भाव शासन-प्रशासन से जुड़े हर व्यक्ति में होना अनिवार्य है। उन्होंने महिलाओं की प्रगति पर प्रकाश डालते हुए कहा कि आज भारत की बेटियां हर क्षेत्र में अग्रणी भूमिका निभा रही हैं। देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद पर एक महिला राष्ट्रपति आसीन हैं, महिलाएं फाइटर जेट उड़ा रही हैं और गांव-गांव में स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाएं आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन रही हैं। उन्होंने बताया कि स्थानीय स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं ने 1.5 करोड़ रुपये का शानदार टर्नओवर हासिल किया है, जो महिला सशक्तिकरण का एक जीवंत उदाहरण है।
ग्रामीण विवादों का आपसी सहमति से समाधान करने की अपील
सामाजिक समरसता और भ्रातृभाव पर बल देते हुए राज्यमंत्री ने ग्रामीणों से अपील की कि गांवों में अक्सर भाइयों या पड़ोसियों के बीच छोटे-मोटे विवाद हो जाते हैं। ऐसे सामान्य मामलों को सीधे अदालती मुकदमों में बदलने के बजाय गांव के स्तर पर ही आपसी बातचीत, समझाइश और संवाद से हल करने का प्रयास किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि विवाद की स्थिति में सबसे पहले गांव के मुखिया और स्थानीय गणमान्य लोगों की उपस्थिति में दोनों पक्षों की बात धैर्यपूर्वक सुनी जानी चाहिए। शासन का मूल उद्देश्य जनता की निस्वार्थ सेवा करना है, इसलिए समाज में भाईचारा बनाए रखने और अनावश्यक लड़ाई-झगड़ों को समाप्त करने के लिए सभी को मिलकर सकारात्मक प्रयास करने होंगे।
प्रशासनिक पहुंच और सतत जनसेवा की प्रतिबद्धता
राज्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि 'जन विश्वास शिविर' महज एक दिन की औपचारिक गतिविधि या औपचारिकता नहीं है। इस शिविर के समापन के बाद भी जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी जनता की समस्याओं को सुनने और दूर करने के लिए सदैव उपलब्ध रहेंगे। उन्होंने अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए कि जनता से प्राप्त होने वाले हर आवेदन को पूरी संवेदनशीलता से सुनें, सही दिशा-निर्देश दें और गुणवत्तापूर्ण समाधान सुनिश्चित करें। उन्होंने जानकारी दी कि इस शिविर का व्यापक प्रचार-प्रसार किया गया था, जिसके चलते लगभग 50 गांवों के निवासियों तक इसकी सूचना पहुंची। सुठालिया में ही सभी प्रमुख विभागों के अधिकारियों और कार्यालयों को एक स्थान पर उपलब्ध कराया गया ताकि दूर-दराज के ग्रामीणों को अपनी छोटी-छोटी समस्याओं के लिए जिला मुख्यालय के चक्कर न लगाने पड़ें। अंत में उन्होंने शिविर में बड़ी संख्या में पहुंचे नागरिकों के प्रति आभार व्यक्त किया।



















