ब्रोंक्स हिंसा में मारे गए 12 साल के मासूम के माता-पिता से मिलने मंच से नीचे उतरे डोनाल्ड ट्रंपबलिया में व्हाट्सएप हैक कर यूपीआई से 75 हजार मांगने का नया साइबर फ्रॉड, पुलिस ने जारी किया अलर्ट17 सितंबर को कन्या राशि में सूर्य का प्रवेश: 7 राशियों का चमकेगा भाग्य, मिलेगी नौकरी और कारोबार में तरक्कीअमरीकी ट्रेजरी के बायबैक प्लान से डॉलर पर बढ़ा दबाव, बॉन्ड यील्ड में दिखा दुर्लभ पैटर्नमेघालय में तनाव के बीच वेस्ट जयंतिया हिल्स में खुले पेट्रोल और डीजल की बिक्री पर तुरंत रोकमध्य प्रदेश में पुलिस अफसर पर कड़ी कार्रवाई के तहत हत्या के आरोपी से बेहद सस्ती जमीन लेने के आरोप में सीएसपी नेहा पच्चीसिया पर FIR और निलंबन का आदेश जारीबिहार स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय के परीक्षा परिणामों पर भड़का गुस्सा, 90 प्रतिशत छात्र फेल होने के बाद सड़कों पर उतरे2026 का अंत होने से पहले मिथुन, कर्क और वृश्चिक राशि वालों को मिलेगा बड़ा आर्थिक लाभ, बढ़ेगी आमदनीस्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज संकट से WTI क्रूड में उबाल, डोनाल्ड ट्रंप की कड़ी चेतावनी के बीच $92 तक जा सकती है कीमतस्वीडिश रिक्सबैंक ने ब्याज दर 1.75 प्रतिशत पर रखी बरकरार, मध्य पूर्व के तनाव के बीच दिए बढ़ोतरी के संकेत
मध्य प्रदेश के पन्ना में खेत का बोरवेल ठीक करने उतरे पिता-पुत्र की जान गई, नारायणपुरा गांव में छाया शोकमध्य प्रदेश
20 अग॰ 2026, 7:21 pm (1 दिन पहले)· 1

मध्य प्रदेश के पन्ना में खेत का बोरवेल ठीक करने उतरे पिता-पुत्र की जान गई, नारायणपुरा गांव में छाया शोक

पन्ना जिले के नारायणपुरा गांव में खेत की बंद पड़ी मोटर जांचने 10 से 12 फीट गहरे बोरवेल में उतरे पिता और पुत्र दोनों बेहोश हो गए, जिसके बाद अस्पताल में डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

मध्य प्रदेश के पन्ना जिले में स्थित नारायणपुरा गांव के खेत पर गुरुवार दोपहर एक बेहद दुखद दुर्घटना सामने आई, जहां बंद पड़ी पानी की सप्लाई को दोबारा शुरू करने का प्रयास दो जिंदगियों के लिए काल बन गया। अपने कृषि खेत पर बोरवेल की मोटर की जांच और मरम्मत करने के उद्देश्य से 10 से 12 फीट गहरे गड्ढे के अंदर उतरे पिता और उनके युवा बेटे दोनों की संदिग्ध परिस्थितियों में जान चली गई। यह हृदयविदारक घटना पवई थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले मुतलान हार नामक कृषि क्षेत्र में हुई। हादसे की खबर मिलते ही समूचे नारायणपुरा गांव में मातम का माहौल फैल गया है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

मुतलान हार खेत पर मोटर जांचने के दौरान हुआ हादसा

प्राप्त जानकारी के अनुसार, नारायणपुरा गांव निवासी 55 वर्षीय उजागर लाल वर्मन और उनके 30 वर्षीय बेटे अतुल वर्मन अपने खेत मुतलान हार पर काम करने गए थे। पिछले कुछ समय से खेत पर बने बोरवेल से पानी का प्रवाह अचानक पूरी तरह रुक गया था, जिससे फसलों की सिंचाई प्रभावित हो रही थी। पानी की आपूर्ति बहाल करने के लिए दोनों ने स्वयं ही बोरवेल के भीतर स्थापित मोटर पंप को जांचने का निर्णय लिया। योजना के मुताबिक, 30 वर्षीय अतुल वर्मन सबसे पहले मोटर का मुआयना करने के लिए लगभग 10 से 12 फीट गहरे बोरवेल के गड्ढे में नीचे उतरे।

ये भी पढ़ें

बेटे की चिंता में नीचे उतरे पिता भी हुए अचेत

बोरवेल के भीतर दाखिल होने के काफी समय बीत जाने के बाद भी जब अतुल वर्मन बाहर नहीं आए और न ही उनकी ओर से कोई आवाज आई, तो बाहर खड़े पिता उजागर लाल वर्मन को गहरी चिंता सताने लगी। किसी अनहोनी की आशंका के चलते 55 वर्षीय उजागर लाल वर्मन भी अपने बेटे की स्थिति का जायजा लेने के लिए उसी बोरवेल के गड्ढे में उतर गए। हालांकि, दुर्भाग्यवश वह भी वापस बाहर नहीं आ सके। काफी देर तक जब पिता और पुत्र दोनों ही खेत से वापस नहीं लौटे, तो परिवार के अन्य सदस्य और आसपास के ग्रामीण खोजबीन करते हुए मुतलान हार खेत पर पहुंचे।

ग्रामीणों का बचाव प्रयास और अस्पताल में डॉक्टरों की घोषणा

खेत पर पहुंचे ग्रामीणों और परिजनों ने जब बोरवेल के गड्ढे के भीतर झांका तो उजागर लाल वर्मन और अतुल वर्मन दोनों को अचेत अवस्था में पड़ा देखा। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए ग्रामीणों ने तुरंत अपने स्तर पर राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया और साथ ही पवई पुलिस स्टेशन को घटना की सूचना दी। स्थानीय लोगों के सहयोग से कड़ी मशक्कत के बाद दोनों पीड़ितों को बोरवेल से बाहर निकाला गया और अविलंब नजदीकी कम्युनिटी हेल्थ सेंटर (सीएचसी) पवई ले जाया गया। हालांकि, अस्पताल पहुंचने पर जांच के पश्चात वहां मौजूद डॉक्टरों ने उजागर लाल वर्मन और अतुल वर्मन दोनों को मृत घोषित कर दिया।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट से स्पष्ट होगी मौत की असली वजह

पिता और पुत्र की आकस्मिक मौत के सटीक कारणों का अभी तक पूरी तरह से खुलासा नहीं हो सका है। प्राथमिक अनुमानों के आधार पर माना जा रहा है कि बोरवेल की मोटर जांचते समय उन्हें विद्युत कनेक्शन से तेज बिजली का झटका लगा होगा, या फिर गहरे और संकीर्ण बोरवेल के भीतर जमा हुई जहरीली गैसों अथवा ऑक्सीजन की अत्यधिक कमी के कारण उनका दम घुट गया होगा। पवई के ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर (बीएमओ) डॉ. सुरेश सोनी ने जानकारी दी कि दोनों पीड़ितों को अस्पताल में मृत अवस्था में लाया गया था, और चिकित्सीय कारण स्पष्ट करने के लिए पोस्टमार्टम प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। पवई थाना पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही यह साफ हो पाएगा कि मौत की वजह इलेक्ट्रिक शॉक, जहरीली गैस या कोई अन्य भौतिक कारण है।

सवाल-जवाब

पन्ना के नारायणपुरा गांव में क्या हादसा हुआ?
खेत पर बंद पड़े बोरवेल की मोटर सुधारने के लिए 10 से 12 फीट गहरे गड्ढे में उतरे 55 वर्षीय उजागर लाल वर्मन और उनके 30 वर्षीय बेटे अतुल वर्मन की मौत हो गई।
यह घटना किस स्थान पर और किस थाना क्षेत्र के तहत हुई?
यह दुर्घटना मध्य प्रदेश के पन्ना जिले में स्थित नारायणपुरा गांव के मुतलान हार खेत पर हुई, जो पवई पुलिस स्टेशन क्षेत्र के अंतर्गत आता है।
बोरवेल के अंदर पिता और पुत्र कैसे फंसे?
पहले 30 वर्षीय अतुल वर्मन मोटर की जांच करने गड्ढे में उतरे थे। जब वह वापस नहीं आए, तो उनके पिता 55 वर्षीय उजागर लाल वर्मन उन्हें देखने नीचे उतरे और दोनों बेहोश हो गए।
डॉक्टरों और पुलिस के अनुसार मौत का संभावित कारण क्या है?
शुरुआती आशंका के अनुसार मौत मोटर कनेक्शन से बिजली का झटका लगने या गड्ढे में जहरीली गैस अथवा ऑक्सीजन की कमी से हुई हो सकती है। असली वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट से स्पष्ट होगी।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 5

Ananya Iyer@ananya-iyer·18 घंटे पहले

मध्य प्रदेश के पन्ना में हुई यह हृदयविदारक घटना ग्रामीण भारत में कृषि सुरक्षा और बुनियादी तकनीकी जागरूकता के गंभीर संकट को उजागर करती है। खेतों में खुले और अनधिकृत बोरवेल का इस प्रकार जानलेवा साबित होना एक गहरी सामाजिक और प्रशासनिक चिंता का विषय है, जिस पर भविष्य में ऐसे हादसों को रोकने के लिए कड़े सुरक्षा प्रोटोकॉल और जन-जागरूकता अभियानों की सख्त आवश्यकता है।

Arjun Mehta@arjun-mehta·19 घंटे पहले

यह दुखद घटना केवल एक दुर्घटना नहीं, बल्कि ग्रामीण इलाकों में कृषि से जुड़े सुरक्षा मानकों और तकनीकी जागरूकता की गंभीर कमी को उजागर करती है। उथले बोरवेल में भी गैस या जहरीले धुएं से होने वाली ऐसी मौतों को रोकने के लिए प्रशासन को अनिवार्य दिशा-निर्देश और किसानों के बीच सुरक्षा जागरूकता अभियान चलाने की आवश्यकता है, ताकि भविष्य में ऐसे अमूल्य जीवन न जाएं।

Ravikash Gupta@ravikash·19 घंटे पहले

यह हादसा ग्रामीण कृषि क्षेत्र में बुनियादी सुरक्षा उपायों और तकनीकी ज्ञान की भारी कमी को सीधे तौर पर रेखांकित करता है। जब तक किसानों के लिए बोरवेल रखरखाव और गैस रिसाव से जुड़ी आकस्मिक स्थितियों के प्रति अनिवार्य प्रोटोकॉल और प्रशिक्षण शिविर नहीं लाए जाते, तब तक ऐसे जानलेवा हादसों को रोकना मुश्किल होगा। प्रशासनिक स्तर पर सुरक्षा ऑडिट और त्वरित बचाव उपकरणों की स्थानीय उपलब्धता सुनिश्चित करना अब बेहद जरूरी हो गया है ताकि ऐसी त्रासदियों से बचा जा सके।

Karan Malhotra@karan-malhotra·20 घंटे पहले

यह घटना कृषि क्षेत्रों में सुरक्षा मानकों की अनदेखी और जहरीली गैसों या ऑक्सीजन की कमी के खतरे को उजागर करती है। हालांकि गहराई कम थी, लेकिन बंद स्थान में दम घुटना जानलेवा साबित हुआ। पुलिस और फोरेंसिक टीम को यह जांच करनी चाहिए कि क्या वहां कोई विषैली गैस थी, और प्रशासन को ऐसे खुले गड्ढों व बोरवेल सुरक्षा पर सख्त दिशा-निर्देश लागू करने चाहिए ताकि ऐसी अनहोनी दोबारा न हो।

Rohan Verma@rohan-verma·20 घंटे पहले

यह हादसा ग्रामीण इलाकों में बंद स्थानों में काम करते समय सुरक्षा प्रोटोकॉल की पूर्ण अनुपस्थिति को दर्शाता है। यद्यपि गहराई केवल 10 से 12 फीट थी, लेकिन ऑक्सीजन की अचानक कमी या संभावित जहरीली गैसों का संचय पलक झपकते ही जानलेवा बन सकता है। देश के कृषि क्षेत्रों में इस प्रकार के खुले और अर्ध-खुले गड्ढों की नियमित तकनीकी जांच और किसानों के बीच वायु गुणवत्ता को लेकर जागरूकता अभियानों की सख्त आवश्यकता है, ताकि भविष्य में इस तरह की बहुमूल्य जिंदगियों को बचाया जा सके।

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR