मध्य प्रदेश के इंदौर शहर स्थित कनाड़िया पुलिस स्टेशन क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले झलारिया गांव में एक भयानक दोहरे हत्याकांड ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। पारिवारिक कलह के चलते आरोपी पति सुनील चौहान ने क्रूरता की सारी हदें पार करते हुए अपनी पत्नी अनीता की हत्या कर दी और अपने दो छोटे बच्चों को जान से मारने की नीयत से गहरे तालाब में फेंक दिया। इस दर्दनाक घटना में सुनील की पत्नी अनीता और उसकी 11 साल की मासूम बेटी माही की पानी में डूबने तथा हमले के कारण मौके पर ही मौत हो गई। वहीं, दंपती का 8 साल का बेटा अजय अपनी सूझबूझ, अदम्य साहस और किस्मत की बदौलत इस जानलेवा हमले में ज़िंदा बचने में कामयाब रहा। इस पूरी खौफनाक वारदात के इकलौते चश्मदीद अजय ने पुलिस के सामने उस काली रात की पूरी दास्तान बयां की है।
8 साल के अजय ने मौत का नाटक कर बचाई अपनी जान
इस दिल दहला देने वाले मामले में 8 साल के मासूम अजय का बयान और उसका सामने आया वीडियो सबसे दर्दनाक पहलू बनकर उभरा है। पिता के जानलेवा चंगुल से बचकर निकले अजय ने पुलिस को पूरी सच्चाई बताई। मासूम ने रोते हुए बताया कि उसके पिता सुनील चौहान ने विवाद बढ़ने पर पहले उसकी मां अनीता पर हमला किया और फिर अपनी 11 वर्षीय बेटी माही तथा उसे तालाब में फेंक दिया। पानी में फेंके जाने के बाद अजय ने हिम्मत नहीं हारी। उसने अपनी सांस रोककर मरने का नाटक किया और पानी के अंदर ही किनारे लगी झाड़ियों को मजबूती से पकड़ लिया। पिता को जब लगा कि दोनों बच्चे डूब चुके हैं, तो वह वहां से चला गया। इसके बाद अजय चुपचाप तालाब से बाहर निकला और रात के अंधेरे में झाड़ियों में छिपकर बैठा रहा। जब उसे लगा कि खतरा टल गया है, तब उसने बाहर निकलकर पुलिस को घटना की जानकारी दी।
मोबाइल पर बातचीत को लेकर होता था पति-पत्नी के बीच विवाद
इस पूरे मामले की शुरुआती जांच के बारे में पुलिस अधिकारियों ने अहम जानकारियां साझा की हैं। इंदौर पुलिस के जोन-2 के एडिशनल डीसीपी अमरेंद्र सिंह के अनुसार, आरोपी सुनील चौहान और उसकी पत्नी अनीता के बीच लंबे समय से घरेलू विवाद चला आ रहा था। पुलिस की प्राथमिक पूछताछ और जांच में यह बात सामने आई है कि सुनील अपनी पत्नी अनीता के मोबाइल फोन पर अन्य लोगों से बातचीत करने की आदत को लेकर अक्सर नाराज रहता था। इसी बात पर दोनों के बीच आए दिन तीखी बहस और झगड़े होते थे। घटना वाली शाम को भी मोबाइल पर बातचीत को लेकर दोनों में कहासुनी हो गई थी। इसके बाद सुनील अपनी पत्नी और दोनों बच्चों को धोखे से झलारिया गांव के पास स्थित तालाब के किनारे ले गया। वहां उसने गुस्से में आकर अनीता की साड़ी के पल्लू से उसका गला घोंट दिया और उस पर चाकू से भी कई वार किए, जिससे अनीता की मौत हो गई। इसके तुरंत बाद उसने अपने दोनों बच्चों को तालाब में फेंक दिया।
रात भर चला SDRF का सर्च ऑपरेशन, तालाब से निकाले गए शव
घटना की सूचना मिलते ही कनाड़िया थाना पुलिस की टीम तुरंत मौके पर पहुंची। हालांकि, रात का समय होने और तालाब के आसपास घना अंधेरा होने के कारण पुलिस टीम को पानी में सर्च ऑपरेशन चलाने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने SDRF की विशेषज्ञ टीम को मौके पर बुलाया। SDRF के गोताखोरों और पुलिस बल ने टॉर्च व फ्लड लाइट्स की मदद से रात भर तालाब में गहन खोजबीन अभियान चलाया। कड़ी मशक्कत के बाद सुबह SDRF की टीम ने तालाब से अनीता और 11 साल की मासूम माही के शवों को बाहर निकाला। पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेज दिया है।
आरोपी सुनील चौहान पुलिस हिरासत में, मामले की गहन जांच जारी
कनाड़िया थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी सुनील चौहान को हिरासत में ले लिया है और उसके खिलाफ हत्या एवं हत्या के प्रयास की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस अधिकारी अब आरोपी से कड़ाई से पूछताछ कर रहे हैं ताकि हत्या के पीछे के वास्तविक कारणों और घटनाक्रम की हर कड़ी को जोड़ा जा सके। वहीं दूसरी ओर, एक ही झटके में अपनी मां और बहन को खो चुके 8 साल के अजय की हालत देखकर हर किसी की आंखें नम हैं। जिस तरह से इस छोटे से बच्चे ने अपने सामने मां और बहन की हत्या होते देखी और खुद अपनी जान बचाई, उससे उसके बाल मन पर गहरा सदमा और डर बैठ गया है। पुलिस अजय को काउंसलरों की मदद से मानसिक संबल देने का प्रयास कर रही है।



















