मध्य प्रदेश के मैहर जिले में मंगलवार तड़के हुए एक भीषण सड़क हादसे में एक ही परिवार के पांच लोगों की जान चली गई और एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया। पुलिस के मुताबिक तेज रफ्तार से आ रही एक SUV कार आगे चल रहे ट्रक से पीछे से जा भिड़ी, जिससे कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। यह हादसा देहात पुलिस स्टेशन क्षेत्र में नेशनल हाईवे नंबर 30 पर रिगरा गांव के पास रात करीब 1 बजे हुआ। हादसे के वक्त पीड़ित परिवार जन्मदिन की पार्टी से लौटकर मैहर की ओर जा रहा था।
टक्कर की रफ्तार इतनी तेज कि गाड़ी में फंसे छह लोग
पुलिस के मुताबिक टक्कर इतनी जोरदार थी कि SUV का अगला हिस्सा बुरी तरह पिचक गया और उसमें सवार छह लोग गाड़ी के अंदर ही फंस गए। स्थानीय लोगों और पुलिस टीम ने मिलकर मशक्कत के बाद सभी को बाहर निकाला, लेकिन तब तक पांच लोगों की सांसें थम चुकी थीं। देहात पुलिस स्टेशन के इंचार्ज पंचराज सिंह ने बताया कि घटनास्थल पर ही पांच लोगों की मौत हो गई, जबकि एक व्यक्ति की हालत गंभीर बनी हुई थी।
घायल को पहले अमरपाटन, फिर सतना रेफर किया गया
पुलिस अधिकारी के अनुसार गंभीर रूप से घायल व्यक्ति को सबसे पहले अमरपाटन सिविल अस्पताल पहुंचाया गया। वहां प्राथमिक उपचार के दौरान उसकी हालत और बिगड़ गई, जिसके बाद डॉक्टरों ने उसे बेहतर इलाज के लिए सतना जिला अस्पताल रेफर कर दिया। मृतकों की पहचान अंकुर पटेल (40), मृदुल पटेल (32), विजय पटेल (30), हरिशंकर पटेल (25) और शिवा पटेल (23) के रूप में हुई है। सूत्रों का कहना है कि ये सभी स्थानीय कांग्रेस नेता मनीष पटेल के रिश्तेदार थे।
NCRB के आंकड़ों में मध्य प्रदेश की तस्वीर
यह हादसा ऐसे वक्त हुआ है जब NCRB के ताजा आंकड़े मध्य प्रदेश में सड़क सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर रहे हैं। 2024 के आंकड़ों के मुताबिक देशभर में सबसे ज्यादा सड़क दुर्घटनाएं दर्ज करने वाले राज्यों में मध्य प्रदेश तमिलनाडु के ठीक बाद दूसरे नंबर पर रहा। सड़क हादसों में मौत के मामलों में भी राज्य सबसे ऊपर के राज्यों में गिना गया। आंकड़े बताते हैं कि बरसों से ट्रैफिक नियमों को सख्ती से लागू करने और लोगों को जागरूक करने के तमाम प्रयासों के बावजूद, राज्य के शहरों और हाईवे दोनों जगह हादसों, मौतों और घायल होने वालों की संख्या लगातार बड़ी बनी हुई है।
2024 में मध्य प्रदेश में सड़क दुर्घटनाओं में 15,152 से ज्यादा लोगों की जान गई और 56,000 से ज्यादा लोग घायल हुए। इन आंकड़ों के चलते मध्य प्रदेश मौतों के मामले में उत्तर प्रदेश, तमिलनाडु और महाराष्ट्र के बाद देश का चौथा सबसे प्रभावित राज्य बन गया। मैहर का यह हादसा एक बार फिर उन्हीं आंकड़ों की याद दिलाता है और हाईवे पर रात के वक्त वाहन चलाने के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों की अहमियत को रेखांकित करता है।











