जालोर जिले के आहोर थाना इलाके में हुई एक हत्या की अनसुलझी पहेली को पुलिस ने रिकॉर्ड 48 घंटे में सुलझा लिया है। इस घटना ने पूरे इलाके में हड़कंप मचा दिया था। पुलिस की गहन तफ्तीश में यह सामने आया कि अवैध संबंधों के बीच रोड़ा बन रहे पति को रास्ते से हटाने के लिए उसकी पत्नी ने ही अपने प्रेमी के साथ मिलकर खौफनाक योजना तैयार की थी। हत्यारों ने पहले पीड़ित को काम दिलाने का झांसा देकर अपने जाल में फंसाया, फिर उसे जमकर शराब पिलाई और बेरहमी से उसकी हत्या कर दी। सबूत मिटाने के लिए उन्होंने शव को सरहद मडला क्षेत्र में फेंक दिया था।
जांच का आधार और गिरफ्तारी
पुलिस ने इस मामले को सुलझाने के लिए आधुनिक तकनीक और पारंपरिक जांच के तरीकों का मेल किया। तकनीकी साक्ष्यों, सीसीटीवी कैमरों की फुटेज और मोबाइल फोन की कॉल डिटेल रिकॉर्ड की बारीकी से जांच की गई। इस हत्याकांड का खुलासा तब हुआ जब 24 जून को आहोर थाना क्षेत्र के सरहद मडला इलाके में एक अज्ञात व्यक्ति का शव मिला। शिनाख्त होने पर पता चला कि वह पाली जिले के रानीगांव का निवासी राजेंद्र कुमार मीणा था। मृतक की मां सारकी देवी की शिकायत पर 25 जून को पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज किया था।
तकनीकी सबूतों ने खोली पोल
मामले की नजाकत को देखते हुए पुलिस ने एफएसएल एमओबी टीम और साइबर सेल को जांच में शामिल किया। पुलिस को घटनास्थल से अहम सुराग मिले, जिसके आधार पर उन्होंने मुख्य संदिग्ध रमेश कुमार मीणा और उसके साथी अभिषेक मीणा को पकड़ा। जब पुलिस ने उनसे सख्ती से पूछताछ की, तो दोनों ने अपना अपराध कबूल कर लिया। आरोपियों ने माना कि उन्होंने पूरी योजना के साथ इस वारदात को अंजाम दिया था। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए दोनों को गिरफ्तार कर लिया है।
शादीशुदा जिंदगी में आई दरार और साजिश
जांच में यह स्पष्ट हुआ कि मृतक राजेंद्र कुमार की शादी करीब 15 साल पहले ममता नाम की महिला से हुई थी। पिछले 8 से 10 महीनों से दोनों के रिश्ते में कड़वाहट आ गई थी, जिसके चलते ममता अपने मायके में रह रही थी। इसी दौरान ममता की नजदीकी रमेश मीणा से बढ़ गई। दोनों साथ रहने के सपने बुन रहे थे, लेकिन राजेंद्र उनके इस रिश्ते के बीच में सबसे बड़ी रुकावट था। इसी के चलते ममता और रमेश ने उसे हमेशा के लिए खत्म करने का फैसला किया।
मजदूरी के बहाने बुलाया और मौत के घाट उतारा
साजिश के तहत रमेश मीणा ने अपने रिश्तेदार अभिषेक मीणा को भी इस खूनी खेल में शामिल कर लिया। वे बाइक पर सवार होकर पाली जिले के रानीगांव गए। वहां उन्होंने राजेंद्र को मजदूरी दिलाने का लालच दिया और उसे अपने साथ ले आए। रास्ते में उसे जबरन भारी मात्रा में शराब पिलाई गई। जब राजेंद्र पूरी तरह नशे में धुत्त हो गया, तब मौका पाकर उन्होंने उसकी हत्या कर दी। पहचान छिपाने के लिए वे शव को सरहद मडला इलाके में फेंककर भाग निकले। अब पुलिस इन आरोपियों को अदालत में पेश कर रिमांड पर लेने की प्रक्रिया शुरू कर रही है, ताकि हत्या में इस्तेमाल हुए वाहन और अन्य साक्ष्यों को बरामद किया जा सके।













