महाराष्ट्र के मुंबई स्थित बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) मुख्यालय में भोजन की गुणवत्ता और साफ-सफाई को लेकर एक बड़ी लापरवाही सामने आई है। यहां संचालित होने वाली कैंटीन में परोसे गए छाछ के एक गिलास में मृत मक्खी मिलने के बाद हड़कंप मच गया। इस गंभीर शिकायत पर तुरंत संज्ञान लेते हुए महाराष्ट्र खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) ने सख्त कार्रवाई की है और कैंटीन को तत्काल प्रभाव से बंद करवा कर उसे सील कर दिया है। सरकारी दफ्तरों में, वो भी देश के सबसे अमीर नगर निगम के मुख्यालय में ऐसी घटना ने खाद्य सुरक्षा को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
पांच घंटे तक चला एफडीए का सघन निरीक्षण
छाछ में मक्खी मिलने की शिकायत मिलते ही एफडीए के अधिकारियों की एक विशेष टीम बीएमसी मुख्यालय पहुंची। टीम ने कैंटीन की रसोई, खाद्य सामग्री के भंडारण और साफ-सफाई व्यवस्था का करीब पांच घंटे तक बेहद बारीकी से निरीक्षण किया। इस लंबी और गहन जांच के दौरान अधिकारियों को स्वच्छता में भारी खामियां मिलीं। जांच में यह स्पष्ट रूप से सामने आया कि कैंटीन में खाद्य सुरक्षा के बुनियादी नियमों का खुला उल्लंघन किया जा रहा था। इन गंभीर लापरवाही को देखते हुए एफडीए ने तुरंत एक्शन लिया और कैंटीन का संचालन करने वाले ठेकेदार 'कमल कैटरर्स' को 'स्टॉप बिजनेस नोटिस' यानी कारोबार बंद करने का आधिकारिक आदेश जारी कर दिया। जब तक सुधार नहीं होता, कैंटीन पूरी तरह बंद रहेगी।
स्वास्थ्य विभाग ने लगाया 50 हजार रुपये का जुर्माना
एफडीए की इस बड़ी कार्रवाई के साथ-साथ बीएमसी के अपने आंतरिक विभागों ने भी मामले की गंभीरता को समझा है। बीएमसी के स्वास्थ्य और श्रम विभाग ने भी कैंटीन का ठेका लेने वाली कंपनी के खिलाफ दंडात्मक कदम उठाया है। लापरवाही और नियमों की अनदेखी के चलते ठेकेदार पर 50,000 रुपये का भारी जुर्माना लगाया गया है। यह कार्रवाई इस बात का साफ संदेश है कि लोगों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वाले किसी भी ठेकेदार को बख्शा नहीं जाएगा, चाहे वह कितनी भी अहम जगह पर काम क्यों न कर रहा हो।
राज्य भर में चल रहा है एफडीए का महाभियान
यह कोई इकलौता मामला नहीं है, बल्कि महाराष्ट्र में इन दिनों खाद्य सुरक्षा को लेकर एक व्यापक अभियान चलाया जा रहा है। एफडीए आयुक्त तुकाराम मुंढे के सख्त नेतृत्व में राज्य भर में लगातार छापेमारी और जांच हो रही है। इस विशेष अभियान का मुख्य उद्देश्य होटलों, रेस्तरां और कैंटीनों में जनता को सुरक्षित और स्वच्छ भोजन उपलब्ध कराना है। इससे ठीक पहले इसी अभियान के तहत मुंबई के मशहूर केईएम अस्पताल की कैंटीन के साथ-साथ शहर के कई अन्य जाने-माने खाद्य प्रतिष्ठानों पर भी ऐसी ही कड़ी कार्रवाई की जा चुकी है, जहां मानकों की अनदेखी पाई गई थी।
पुणे में भी हुई थी सख्त कार्रवाई
खाद्य सुरक्षा नियमों के उल्लंघन के खिलाफ एफडीए का एक्शन राज्य के अन्य शहरों में भी जारी है। हाल ही में पुणे में भी प्रशासन ने एक कड़ा कदम उठाया था। पुणे में एफडीए ने एक मसाला और सूखे मेवों की दुकान को कथित तौर पर नियमों के उल्लंघन के चलते 'कारोबार बंद करने' का नोटिस थमाया था। ध्यान देने वाली बात यह है कि यह दुकान केतन अग्रवाल हत्याकांड में आरोपी सिया गोयल के परिवार की बताई जाती है। राज्य भर में इस तरह की लगातार कार्रवाइयां यह दर्शाती हैं कि प्रशासन अब खानपान से जुड़ी किसी भी तरह की लापरवाही को बर्दाश्त करने के मूड में नहीं है।




















