भारतीय प्राथमिक शेयर बाजार में निवेश करने की योजना बना रहे निवेशकों के लिए 9 सितंबर का दिन बेहद खास रहने वाला है। मुख्य बोर्ड श्रेणी के दो प्रमुख शुरुआती सार्वजनिक निर्गम (IPO) – मणिपाल पेमेंट एंड आइडेंटिटी सॉल्यूशंस और रेंटोमोजो – एक ही दिन सार्वजनिक सदस्यता के लिए खुल रहे हैं। दोनों आईपीओ निवेशकों के लिए 9 सितंबर से 11 सितंबर तक तीन कारोबारी दिनों के लिए खुले रहेंगे। इससे निवेशकों के पास दोनों कंपनियों के बिजनेस मॉडल, वित्तीय प्रदर्शन और मूल्यांकन मापदंडों की तुलना करके सही विकल्प चुनने का अवसर होगा।
प्राइस बैंड, लॉट साइज और न्यूनतम निवेश की तुलना
दोनों कंपनियों ने अपने सार्वजनिक निर्गम के लिए मूल्य दायरा (प्राइस बैंड) और लॉट आकार तय कर दिए हैं। मणिपाल पेमेंट एंड आइडेंटिटी सॉल्यूशंस ने अपने आईपीओ के लिए प्रति शेयर ₹322 से ₹339 का प्राइस बैंड निर्धारित किया है। इसमें खुदरा निवेशकों के लिए 1 लॉट का आकार 44 शेयरों का रखा गया है। ऊपरी मूल्य दायरे ₹339 पर गणना करने पर एक लॉट के लिए आवेदन करने वाले खुदरा निवेशकों को न्यूनतम ₹14,916 का निवेश करना होगा।
दूसरी ओर, रेंटोमोजो ने अपने सार्वजनिक निर्गम के लिए ₹384 से ₹404 प्रति शेयर का मूल्य दायरा तय किया है। रेंटोमोजो के आईपीओ में लॉट आकार 37 शेयरों का है। ऊपरी मूल्य दायरे ₹404 के हिसाब से 1 लॉट के लिए बोली लगाने वाले खुदरा निवेशकों को न्यूनतम ₹14,948 की राशि जमा करनी होगी। दोनों कंपनियों ने अपने खुदरा लॉट का मूल्य लगभग ₹15,000 की मानक सीमा के पास रखा है, जिससे खुदरा निवेशक अपनी पूंजी उपलब्धता के आधार पर निर्णय ले सकते हैं।
इश्यू का आकार और फ्रेश इश्यू बनाम OFS का गणित
इश्यू के कुल आकार और संरचना के मामले में दोनों कंपनियों के बीच महत्वपूर्ण अंतर देखा जा सकता है। मणिपाल पेमेंट एंड आइडेंटिटी सॉल्यूशंस का आईपीओ कुल ₹805 करोड़ जुटाने के उद्देश्य से लाया जा रहा है। इस कुल राशि में से ₹320 करोड़ के नए शेयर जारी किए जाएंगे (फ्रेश इश्यू), जबकि बाकी ₹485 करोड़ मूल्य के लगभग 1.43 करोड़ शेयर ऑफर फॉर सेल (OFS) के जरिए मौजूदा निवेशकों और प्रमोटरों द्वारा बेचे जाएंगे।
रेंटोमोजो का आईपीओ आकार के मामले में काफी बड़ा है और कंपनी कुल ₹1,255.57 करोड़ जुटाने की योजना बना रही है। हालांकि, रेंटोमोजो के कुल आईपीओ आकार में से केवल ₹150 करोड़ ही नए शेयरों का फ्रेश इश्यू है, जबकि बड़ा हिस्सा यानी ₹1,105.57 करोड़ ऑफर फॉर सेल (OFS) के रूप में रखा गया है। फ्रेश इश्यू से मिलने वाली पूंजी सीधे कंपनी के खाते में जाती है और व्यापार विस्तार में काम आती है, जबकि OFS से प्राप्त राशि बिक्री करने वाले प्रमोटरों या शुरुआती शेयरधारकों के पास जाती है।
व्यावसायिक मॉडल और वित्तीय स्थिति का विश्लेषण
मणिपाल पेमेंट एंड आइडेंटिटी सॉल्यूशंस मुख्य रूप से पेमेंट कार्ड, आइडेंटिफिकेशन सॉल्यूशंस, सिक्योर लॉजिस्टिक्स और IoT तथा स्मार्ट-टैगिंग समाधान क्षेत्र में काम करती है। कंपनी के वित्तीय आंकड़ों के अनुसार, FY26 में कंपनी का परिचालन राजस्व बढ़कर ₹1,356.59 करोड़ तक पहुंच गया, जो कि FY25 के ₹1,277.11 करोड़ की तुलना में लगभग 6% की वृद्धि दर्शाता है। हालांकि, इस अवधि के दौरान कंपनी के लाभप्रदता आंकड़ों में गिरावट देखी गई। FY26 में कंपनी का कर पश्चात लाभ (PAT) घटकर ₹253.46 करोड़ रह गया, जो FY25 के ₹282.21 करोड़ के मुकाबले लगभग 10% कम है।
इसके विपरीत, रेंटोमोजो एक कंज्यूमर-फोकस्ड प्लेटफॉर्म का संचालन करती है जो मुख्य रूप से शहरी ग्राहकों को फर्नीचर और होम एप्लायंसेज किराए पर देने का काम करता है। रेंटोमोजो ने FY26 के दौरान बहुत तेज विकास दर दर्ज की है। कंपनी के आंकड़ों के अनुसार, FY26 में उसके राजस्व में सालाना आधार पर 45% की जोरदार बढ़ोतरी हुई, जबकि कंपनी का कर पश्चात लाभ (PAT) सालाना आधार पर 142% बढ़कर मजबूत वित्तीय सुधार को प्रदर्शित करता है।
ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) और निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण बातें
अनौपचारिक शेयर बाजार में अनलिस्टेड शेयरों की मांग को दर्शाने वाला ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) भी दोनों आईपीओ को लेकर सकारात्मक संकेत दे रहा है। 8 सितंबर की स्थिति के अनुसार, रेंटोमोजो आईपीओ का GMP लगभग ₹115 दर्ज किया गया। ऊपरी मूल्य दायरे ₹404 के आधार पर यह लगभग 28% के प्रीमियम को दर्शाता है।
हालांकि, बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि ग्रे मार्केट प्रीमियम केवल अनौपचारिक गतिविधियों पर आधारित होता है और इसमें बहुत तेजी से बदलाव आ सकता है। इसे किसी निश्चित लिस्टिंग लाभ या कंपनी के बुनियादी सिद्धांतों के विकल्प के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। निवेशकों को किसी भी आईपीओ में अपनी पूंजी लगाने से पहले कंपनी के वित्तीय विवरणों, जोखिम कारकों और दीर्घकालिक व्यावसायिक संभावनाओं की गहन जांच करनी चाहिए।



















