महाराष्ट्र के नंदुरबार इलाके से एक बेहद गंभीर और सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां बच्चों और युवाओं के साथ यौन शोषण और उन्हें ब्लैकमेल किए जाने का पर्दाफाश हुआ है। इस घटना के सार्वजनिक होने के बाद से स्थानीय स्तर पर हड़कंप मच गया है और प्रशासनिक अमला भी हरकत में आ गया है। जांच के दौरान अधिकारियों ने मुख्य संदिग्ध के पास से कई आपत्तिजनक वीडियो और तस्वीरें बरामद की हैं, जिनका इस्तेमाल पीड़ितों को डराने और धमकाने के लिए किया जाता था।
पूरा मामला और गिरफ्तारी की प्रक्रिया
नंदुरबार शहर के भीतर सामने आए इस प्रकरण में पुलिस ने चेतन कोली नामक एक संदिग्ध व्यक्ति को अपनी हिरासत में ले लिया है और उसका मोबाइल फोन भी जब्त कर लिया है। पुलिस अधिकारियों से मिली जानकारी के मुताबिक, तलाशी के दौरान उस उपकरण से कई अश्लील वीडियो और तस्वीरें हाथ लगी हैं। प्रारंभिक पड़ताल में यह बात सामने आई है कि आरोपी इन आपत्तिजनक वीडियो को तैयार करने के बाद पीड़ितों को लगातार ब्लैकमेल करता था और उनका बार-बार यौन शोषण करता था।
जांच अधिकारियों का अनुमान है कि यह घिनौना सिलसिला साल 2022 से शुरू होकर 6 अगस्त 2026 की अवधि के दौरान चलता रहा। स्थानीय पुलिस को इस बात की गुप्त सूचना मिली थी कि कुछ बच्चों और युवाओं को एक शख्स द्वारा निशाना बनाया जा रहा है और उन्हें ब्लैकमेल किया जा रहा है। इस सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस ने एक विशेष दल का गठन किया और संदिग्ध की गतिविधियों पर पैनी नजर रखनी शुरू कर दी। इसी निगरानी के दौरान, शहर के भोणे फाटा क्षेत्र में संदिग्ध हालत में घूमते हुए पाए जाने पर पुलिस ने उसे तुरंत पकड़ लिया।
जिला पुलिस अधीक्षक अश्विनी सानप ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि इस आपराधिक कृत्य में और कितने बच्चे या युवा प्रभावित हुए हैं, इसका पता लगाने के लिए पुलिस गहराई से छानबीन कर रही है।
पूर्व की घटनाएं और सुरक्षा चुनौतियां
इस प्रकार के अपराधों का यह कोई पहला मामला नहीं है, बल्कि इससे पहले भी राज्य के अन्य हिस्सों से ऐसी घटनाएं सामने आ चुकी हैं। बीते दिनों महाराष्ट्र के नागपुर में एक फर्जी इंस्टाग्राम आईडी और ऑनलाइन गेम के जरिए नाबालिग युवती को जाल में फंसाकर यौन शोषण किए जाने का प्रकरण सामने आया था। उस घटना के दौरान मौके का मंजर देखकर वहां पहुंची पुलिस टीम भी दंग रह गई थी, जहां अधिकारियों ने एक बंद कमरे का ताला तोड़कर पीड़िता को सकुशल मुक्त कराया था और आरोपी को मौके पर ही दबोच लिया था।
देश के किसी न किसी कोने से बच्चों और युवाओं के यौन उत्पीड़न के ऐसे मामले लगातार सामने आते रहते हैं। तमाम प्रकार के कड़े कानूनी प्रावधानों और प्रशासनिक कार्रवाइयों के बावजूद इस तरह के अपराधों पर पूरी तरह विराम नहीं लग पा रहा है। इस दिशा में और अधिक सख्त कदम उठाए जाने की आवश्यकता महसूस की जा रही है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोका जा सके।



















