महाराष्ट्र की सियासत के वरिष्ठ नेता शरद पवार की तबीयत में अब लगातार सुधार देखा जा रहा है. पुणे स्थित रुबी हॉल क्लीनिक में उपचाराधीन राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व केंद्रीय मंत्री को बुधवार 4 नवंबर को अस्पताल से छुट्टी मिलने की उम्मीद जताई गई है. हालांकि डॉक्टरों ने स्पष्ट किया है कि अंतिम निर्णय स्वास्थ्य मानकों की विस्तृत समीक्षा के बाद ही लिया जाएगा. सीने में दर्द और लगातार खांसी की वजह से उन्हें सोमवार को अस्पताल लाया गया था, जहां विशेषज्ञ डॉक्टरों का दल उनकी सेहत पर पैनी नजर बनाए हुए है.
डॉक्टरों ने जारी किया ताजा मेडिकल बुलेटिन
रुबी हॉल क्लीनिक के मुख्य हृदय रोग विशेषज्ञ, अध्यक्ष एवं प्रबंध न्यासी डॉ. पुरवेज के. ग्रांट ने मंगलवार 3 नवंबर 2026 को जारी आधिकारिक बयान में मरीज की स्थिति पर संतोष व्यक्त किया. चिकित्सा दल के अनुसार आवश्यक जांचों के बाद मरीज के सीने का दर्द काफी कम हुआ है और उनके स्वास्थ्य में सकारात्मक प्रगति देखी जा रही है. डॉ. पुरवेज के. ग्रांट ने कहा, 'उनकी हालत स्थिर है और दर्द कम हो गया है.'
वरिष्ठ राजनेता को जब अस्पताल लाया गया था, तब उन्हें सांस लेने के दौरान सीने में तकलीफ महसूस हो रही थी. चिकित्सकों ने एहतियात के तौर पर उन्हें सघन चिकित्सकीय निगरानी में रखा और कई जरूरी नैदानिक परीक्षण किए. अस्पताल प्रशासन का कहना है कि वर्तमान में उन्हें भरपूर आराम और निरंतर देखभाल की दरकार है, जिससे वह पूरी तरह स्वस्थ होकर अपनी सामान्य दिनचर्या में लौट सकें.
सुप्रिया सुले ने समर्थकों को दी जानकारी
शरद पवार की बेटी और लोकसभा सांसद सुप्रिया सुले ने सोशल मीडिया के जरिए पिता के स्वास्थ्य से जुड़ा विवरण साझा किया. उन्होंने बताया कि खांसी की शिकायत के चलते उन्हें पुणे के रुबी हॉल क्लीनिक में दाखिल कराया गया था, जहां डॉक्टरों द्वारा विभिन्न मेडिकल टेस्ट किए जा रहे हैं. उन्होंने आश्वस्त किया कि सभी प्रमुख शारीरिक मानक पूरी तरह सामान्य और स्थिर बने हुए हैं.
शुभचिंतकों और कार्यकर्ताओं की चिंताओं का उल्लेख करते हुए सुप्रिया सुले ने सभी के प्रति हार्दिक आभार प्रकट किया. पार्टी के प्रतिनिधियों और अस्पताल के डॉक्टरों ने आम जनता तथा समर्थकों से शांति बनाए रखने और किसी भी प्रकार की अपुष्ट अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है. चिकित्सा विशेषज्ञों का मानना है कि समुचित विश्राम के बाद वह पूरी ताकत से सक्रिय हो जाएंगे.
अस्पताल जाने से पहले सूखाग्रस्त सोलापुर का किया था दौरा
स्वास्थ्य बिगड़ने से ठीक पहले एक नवंबर को शरद पवार महाराष्ट्र के सोलापुर जिले में सूखे के हालात का निरीक्षण करने पहुंचे थे. वहां उन्होंने माढा तालुका स्थित तुलशी गांव का दौरा करके संकटग्रस्त किसानों से सीधी बातचीत की थी. इस दौरान उन्होंने सूखे की मार झेल रहे किसानों की पेयजल किल्लत और फसल बर्बादी की स्थिति को करीब से देखा था. जमीनी हकीकत का जायजा लेने के बाद उन्होंने गांव के लिए 50 लाख रुपये की विशेष वित्तीय मदद देने की घोषणा की थी.
किसानों की दुर्दशा पर बोलते हुए उन्होंने पेयजल की आपूर्ति, मवेशियों के चारे का प्रबंध और स्थानीय रोजगार के अवसरों को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की मांग उठाई थी. उन्होंने जमीनी आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया था कि सोलापुर जिले के 139 प्रभावित गांवों में 135 से ज्यादा पानी के टैंकरों के जरिए जलापूर्ति की जा रही है. उन्होंने रेखांकित किया था कि अकेले माढा तालुका में ही 110 पानी के टैंकरों की सख्त जरूरत है.
किसानों के संकट के चलते रद्द किया था दिवाली समारोह
ग्रामीण क्षेत्रों में सूखे की भयावह स्थिति को देखते हुए शरद पवार ने इस साल अपने पारंपरिक दिवाली समारोह को नहीं मनाने का कड़ा फैसला किया था. उनका पूरा ध्यान प्रभावित किसानों के लिए राहत कार्यों को गति देने पर केंद्रित था. उन्होंने सभी राजनीतिक दलों से दलीय मतभेदों को दरकिनार कर सूखा पीड़ितों की मदद के लिए एक मंच पर आने का आग्रह किया था. इसके साथ ही उन्होंने राज्य सरकार और केंद्र सरकार दोनों से किसानों के हित में तत्काल वित्तीय राहत पैकेज मंजूर करने की जोरदार मांग रखी थी.



















