मणिपुर के मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह ने रविवार को समाज के सभी वर्गों से अपनी मांगों को उठाने के लिए बंद और नाकेबंदी जैसे तरीकों से बचने की अपील की। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस तरह के प्रदर्शनों से अक्सर हिंसा भड़कती है और आम नागरिकों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। नई दिल्ली के लिए रवाना होने से पहले मीडियाकर्मियों से बातचीत के दौरान उन्होंने यह बात कही।
लोकतांत्रिक तरीकों को अपनाने पर जोर
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि राज्य और केंद्र सरकारें मणिपुर के लोगों की आकांक्षाओं और चिंताओं का समाधान करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने आग्रह किया कि जिन लोगों को भी अपनी शिकायतें उठानी हैं, वे शटडाउन और यातायात ठप करने के बजाय अन्य लोकतांत्रिक माध्यमों का चुनाव करें। उनके अनुसार, बंद के जरिए समस्याओं का समाधान तो शायद ही होता है, लेकिन आम जनता की मुश्किलें जरूर कई गुना बढ़ जाती हैं।
श्रमिकों, छात्रों और महिलाओं पर असर
युमनाम खेमचंद सिंह ने खासतौर पर उन वर्गों का जिक्र किया जो इन बाधाओं से सबसे ज्यादा प्रभावित होते हैं। उन्होंने कहा कि दिहाड़ी मजदूर अपनी आजीविका के लिए रोजाना की कमाई पर निर्भर रहते हैं, और काम बंद होने से उनके परिवारों के सामने संकट खड़ा हो जाता है। इसके अलावा, सब्जियां और अन्य कृषि उपज बेचने वाली महिला विक्रेता भी बाजार बंद रहने के कारण भारी वित्तीय नुकसान झेलती हैं।
छात्रों की शिक्षा पर पड़ने वाले असर को लेकर भी उन्होंने गहरी चिंता जताई। उनका कहना था कि शैक्षणिक माहौल में रुकावट आने से विद्यार्थियों का भविष्य दांव पर लग जाता है। छात्रों को समाज का भविष्य बताते हुए उन्होंने सभी संबंधित पक्षों से अपील की कि वे राज्य में पढ़ाई के माहौल को बाधित न होने दें। साथ ही, उन्होंने चेतावनी दी कि यदि किसी ने भी कानून तोड़ा या विरोध प्रदर्शनों के दौरान अराजकता फैलाने की कोशिश की, तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
दिल्ली का दौरा और राष्ट्रीय राजधानी में बैठकें
अपनी यात्रा के संबंध में मुख्यमंत्री ने बताया कि वह केंद्र सरकार के शीर्ष नेताओं से मुलाकात करने और राज्य से जुड़े विभिन्न लंबित मुद्दों पर चर्चा करने के लिए नई दिल्ली जा रहे हैं। उन्होंने हाल ही में राष्ट्रीय राजधानी का दौरा करने वाले 14 नागरिक समाज संगठनों (CSO) के नेताओं और विधायकों के प्रतिनिधिमंडल की सराहना की। इस प्रतिनिधिमंडल ने वहां केंद्रीय नेताओं और अधिकारियों से मिलकर राज्य में एनआरसी (NRC) लागू करने की मांग उठाई थी, जिसके सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं।
बस सेवाओं की बहाली से राहत
एक बड़ी राहत भरी खबर साझा करते हुए मुख्यमंत्री ने इंफाल, दीमापुर और गुवाहाटी के बीच सड़क परिवहन सेवाओं के फिर से शुरू होने का स्वागत किया। तीन साल से अधिक के लंबे अंतराल के बाद इन रूटों पर बसों का संचालन शुरू हुआ है। उन्होंने कहा कि इस बस सेवा के बहाल होने से उन आम लोगों को बड़ी राहत मिलेगी जिन्हें इंफाल और गुवाहाटी के बीच यात्रा के लिए महंगे हवाई सफर का सहारा लेना पड़ता था।



















