मणिपुर के कांगपोकपी जिले में गुरुवार सुबह हुए एक हथियारबंद हमले में मारे गए लियांगमई नागा समुदाय के चार लोगों के शवों को सुरक्षा बलों ने बरामद कर लिया है। राज्य पुलिस के जवानों की एक टीम ने शुक्रवार सुबह घटना स्थल पर पहुंचकर शवों को निकाला, क्योंकि शुरुआती दिन सड़क अवरोध के कारण सुरक्षा बल मौके तक नहीं पहुंच सके थे। इन शवों को सेनापति जिला मुख्यालय ले जाया जा रहा है, जहां इस हत्याकांड के विरोध में स्थानीय निवासियों ने प्रदर्शन किया था और शवों को नागा बहुल जिले में लाने की मांग की थी।
ग्रामीण रास्ते पर घात लगाकर किया गया हमला
यह दर्दनाक घटना गुरुवार सुबह लगभग 8:30 बजे हुई, जब पांच लोग कांगपोकपी जिले में आईटी रोड पर मकुई अशांग और थानंबा नागा गांवों के बीच एक दूरदराज के रास्ते से वाहन में सवार होकर गुजर रहे थे। इसी दौरान अज्ञात हथियारबंद हमलावरों ने चलती गाड़ी पर अंधाधुंध गोलियां चला दीं। इस गोलीबारी में गाड़ी में सवार चार लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक अन्य व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया।
हमले का शिकार हुए सभी पांचों व्यक्ति लियांगमई नागा समुदाय से संबंधित हैं। आधिकारिक जानकारी के अनुसार मारे गए चार व्यक्तियों की पहचान एक निजी स्कूल के संस्थापक और प्रधानाचार्य तडसोंगबोउ रिंगकांगमई; एम विजुनमई; अनिल विजुनमई; और चवांगकिनिंग ग्राम प्राधिकरण के अध्यक्ष विसोबोउ चारेनामई के रूप में हुई है। वहीं हमले में घायल हुए एकमात्र व्यक्ति की पहचान गैकामंग रिंगकांगमई के रूप में की गई है, जिनका इलाज किया जा रहा है।
रास्ते में रुकावट के कारण देरी और स्थानीय विरोध
गुरुवार शाम को सुरक्षाकर्मियों ने शवों को बरामद करने के लिए घटना स्थल तक पहुंचने की कोशिश की थी, लेकिन रास्ते में स्थित एक गांव में कथित नाकाबंदी और व्यवधान के कारण वे वहां नहीं पहुंच सके। इसके बाद शुक्रवार सुबह राज्य पुलिस कर्मियों की एक विशेष टीम ने मौके पर पहुंचकर चारों शवों को अपने कब्जे में लिया और उन्हें सेनापति जिला मुख्यालय भेजने की प्रक्रिया शुरू की।
इस घटना की खबर फैलते ही पूरे क्षेत्र में भारी आक्रोश फैल गया। गुरुवार रात को बड़ी संख्या में स्थानीय लोग सेनापति जिला मुख्यालय में जमा हुए और शवों को नागा बहुल जिले में लाने की मांग करते हुए उग्र प्रदर्शन किया। शवों के प्रति सम्मान व्यक्त करने का सिलसिला रास्ते में भी देखा गया। जब शवों को ले जा रहा काफिला कांगपोकपी जिले के थोंगलांग अतोंगबा पहुंचा, तो स्थानीय गांव के स्वयंसेवकों ने सम्मान के प्रतीक के रूप में हवा में कई राउंड गोलियां चलाईं।
उच्च स्तरीय सुरक्षा समीक्षा और उग्रवादी संगठनों पर आरोप
इस गंभीर घटना के बाद मणिपुर के मुख्यमंत्री वाई खेमचंद सिंह ने एक उच्च स्तरीय सुरक्षा बैठक बुलाई। बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने सुरक्षा बलों को निर्देश दिया कि वे हमले के जिम्मेदार लोगों की पहचान कर उन्हें तुरंत गिरफ्तार करें और उनके खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाएं।
दूसरी ओर, मणिपुर में नागा समुदाय की शीर्ष प्रतिनिधि संस्था यूनाइटेड नागा काउंसिल (यूएनसी) ने इस हमले पर बयान जारी किया है। यूएनसी ने आरोप लगाया है कि इस घातक हमले में दो उग्रवादी संगठन, कुकी नेशनल फ्रंट (पी) और कुकी रिवोल्यूशनरी आर्मी शामिल थे।



















