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गर्दन और पीठ की गंदगी से हैं परेशान? बेसन और दही से घर पर तैयार करें नेचुरल क्लींजरट्रेंड्स
30 अग॰ 2026, 6:25 pm (53 मिनट पहले)· 2

गर्दन और पीठ की गंदगी से हैं परेशान? बेसन और दही से घर पर तैयार करें नेचुरल क्लींजर

चेहरे की तरह गर्दन और पीठ की सफाई भी बेहद जरूरी है। घर पर बेसन, दही और शहद से आसान नेचुरल क्लींजर बनाकर त्वचा की चमक और सेहत को बरकरार रखा जा सकता है।

त्वचा की देखभाल के दौरान अक्सर लोग अपने चेहरे पर पूरा ध्यान देते हैं, लेकिन गर्दन और पीठ जैसे हिस्सों की सफाई पर उतना गौर नहीं किया जाता है। चेहरे को चमकदर बनाए रखने के लिए तरह-तरह के फेस वॉश, स्क्रब और मॉइस्चराइजर का उपयोग किया जाता है, जबकि गर्दन और पीठ पर लगातार पसीना, धूल और तेल जमा होने लगता है। समय के साथ यह मैल त्वचा को सुस्त और बेजान दिखाने लगता है।

गर्दन और पीठ पर क्यों जम जाती है गंदगी

खास तौर पर गर्मी और उमस भरे मौसम में यह समस्या काफी बढ़ जाती है। कई बार अच्छी तरह नहाने के बाद भी गर्दन के आसपास हल्की सी परत या कालापन नजर आता रहता है और लोग समझ नहीं पाते कि इसे कैसे साफ किया जाए। ऐसे में बाजार में मिलने वाले बेहद महंगे प्रोडक्ट्स पर पैसे खर्च करने के बजाय घर पर ही रसोई की सामान्य चीजों से एक असरदार क्लींजर तैयार किया जा सकता है। बेसन और दही से बना यह घरेलू मिश्रण त्वचा की सतह पर जमी गंदगी और अतिरिक्त तेल को आसानी से बाहर निकालने में मदद करता है। इस पेस्ट में थोड़ा सा शहद मिलाने से त्वचा को जरूरी नमी भी मिलती है। हालांकि, इसे किसी तरह का जादुई नुस्खा मानने के बजाय सामान्य त्वचा की देखभाल का एक सरल विकल्प ही समझना चाहिए।

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घर पर ऐसे बनाएं बेसन और दही का नेचुरल क्लींजर

इस नेचुरल क्लींजर को तैयार करने के लिए बहुत ज्यादा सामग्री जुटाने की आवश्यकता नहीं होती है। एक साफ कटोरी में 1 से 2 चम्मच बेसन लें। इसमें लगभग 1 चम्मच सादा दही मिला लें। अब इसमें थोड़ा सा शहद डालकर सभी सामग्रियों को अच्छी तरह मिला लें ताकि एक एकसार मिश्रण बन जाए। यदि पेस्ट जरूरत से ज्यादा गाढ़ा लगे, तो इसमें गुलाब जल की कुछ बूंदें या सादा पानी मिलाया जा सकता है। यदि आपकी त्वचा को इन चीजों से पहले से किसी प्रकार की एलर्जी या परेशानी नहीं होती है, तो आप इसमें चुटकी भर हल्दी भी शामिल कर सकते हैं। इस बात का खास ख्याल रखें कि हल्दी की मात्रा बहुत ज्यादा न हो, वरना त्वचा पर पीलापन छूट सकता है।

बेसन और दही के फायदे

बेसन का उपयोग पारंपरिक तौर पर भारतीय घरों में उबटन के रूप में लंबे समय से होता आ रहा है। इसे पानी या दही के साथ मिलाकर त्वचा पर लगाने से स्किन की सतह पर मौजूद अतिरिक्त तेल और जमी हुई गंदगी को हटाने में बड़ी मदद मिलती है। यही वजह है कि गर्दन और पीठ की नियमित सफाई के लिए बेसन का यह पेस्ट एक बेहतरीन और आसान विकल्प साबित हो सकता है। इसके अलावा, दही में प्राकृतिक रूप से लैक्टिक एसिड पाया जाता है जो त्वचा की ऊपरी सतह को हल्के से एक्सफोलिएट करने का काम करता है, जबकि शहद स्किन के अंदर नमी को लॉक रखने में सहायक होता है। इन दोनों चीजों को जब बेसन के साथ मिलाया जाता है, तो ऐसा मिश्रण तैयार होता है जो गहराई से सफाई करने के बाद भी त्वचा को बहुत ज्यादा रूखा या बेजान नहीं होने देता है.

लगाने का सही तरीका और जरूरी सावधानियां

इस नेचुरल क्लींजर को नहाने से ठीक पहले साफ त्वचा पर एक पतली परत के रूप में लगाना चाहिए। इसे करीब 10 से 15 मिनट के लिए त्वचा पर लगा छोड़ दें ताकि यह हल्का सूख जाए। जब यह पूरी तरह सूख जाए, तो इसे जोर-जोर से रगड़ने की बिल्कुल जरूरत नहीं है, बल्कि गुनगुने या सामान्य पानी की मदद से धीरे-धीरे धोकर साफ करें। इसके बाद त्वचा को एक मुलायम तौलिये से हल्के हाथों से थपथपाकर सुखा लें। यदि आप इस क्लींजर का इस्तेमाल पहली बार कर रहे हैं, तो इसे त्वचा के किसी छोटे हिस्से पर पैच टेस्ट करके जरूर देख लें। अगर आपको किसी भी तरह की जलन, खुजली या लालिमा महसूस हो, तो इसे तुरंत पानी से धो लें। जिन लोगों की त्वचा अत्यधिक संवेदनशील होती है, उन्हें इस मामले में खास सतर्कता बरतने की जरूरत होती है।

हफ्ते में कितनी बार करना चाहिए इस्तेमाल

अपनी गर्दन और पीठ को रोज-रोज स्क्रब करना त्वचा के लिए नुकसानदायक साबित हो सकता है, क्योंकि त्वचा को ज्यादा जोर से रगड़ने से उस पर जलन और रूखापन बढ़ने की आशंका रहती है। सामान्य प्रकार की त्वचा पर इस तरह के घरेलू क्लींजर का प्रयोग हफ्ते में केवल 1 से 2 बार ही किया जाना चाहिए। एक ही बार में सारा मैल जोर लगाकर हटाने की जिद करने के बजाय नियमित और हल्के हाथों से सफाई करने की आदत डालना ज्यादा समझदारी है। इसके अलावा यह समझना भी बहुत जरूरी है कि गर्दन पर दिखने वाला कालापन हमेशा केवल गंदगी या मैल की वजह से ही नहीं होता है। कई लोगों में तेज धूप के संपर्क में आने, लगातार घर्षण होने, सूखी त्वचा रहने या फिर अन्य चिकित्सीय व त्वचा संबंधी कारणों से भी गर्दन की त्वचा का रंग गहरा नजर आ सकता है। यदि गर्दन का कालापन लगातार बना रहता है, तेजी से बढ़ता जाता है या फिर त्वचा छूने पर मोटी और मखमली जैसी महसूस होने लगती है, तो केवल घरेलू नुस्खों पर निर्भर रहने के बजाय किसी योग्य त्वचा विशेषज्ञ से सलाह लेना ही बेहतर कदम है।

रोजमर्रा की ये आदतें भी हैं जरूरी

केवल क्लींजर लगाने के अलावा गर्दन और पीठ को स्वस्थ रखने के लिए रोजमर्रा की कुछ बातों पर ध्यान देना बेहद आवश्यक है। रोज नहाते समय इन अंगों को भी साबुन या पानी से अच्छी तरह साफ करें। यदि आपको बहुत ज्यादा पसीना आता है, तो समय पर अपने कपड़े बदलते रहें और बहुत ज्यादा टाइट कॉलर वाले कपड़े पहनने से बचें जो बार-बार त्वचा से रगड़ खाते रहते हैं। धूप में बाहर निकलते समय अपने चेहरे के साथ-साथ गर्दन के खुले हिस्से पर भी अच्छी क्वालिटी का सनस्क्रीन लगाना बिल्कुल न भूलें। घर पर तैयार होने वाला यह बेसन और दही का क्लींजर आपकी त्वचा की सामान्य साफ-सफाई में भले ही मददगार साबित हो, लेकिन इससे यह उम्मीद करना गलत होगा कि यह रातों-रात आपकी त्वचा का रंग बदल देगा या कोई चमत्कार कर देगा। असल में त्वचा की सही देखभाल के लिए नियमित सफाई, धूप की हानिकारक किरणों से बचाव और सही मॉइस्चराइजिंग सबसे ज्यादा मायने रखती है। अपनी दिनचर्या में बस एक छोटी सी आदत को बदलकर आप अपनी गर्दन और पीठ को भी अपने चेहरे की तरह डेली स्किन केयर रूटीन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बना सकते हैं।

सवाल-जवाब

गर्दन और पीठ पर मैल क्यों जम जाता है?
गर्मी, उमस, पसीना और धूल-मिट्टी धीरे-धीरे त्वचा की सतह पर जमा होते रहते हैं जिससे मैल दिखाई देने लगता है।
बेसन-दही क्लींजर कैसे बनता है?
एक कटोरी में 1 से 2 चम्मच बेसन, 1 चम्मच दही और थोड़ा सा शहद मिलाकर यह पेस्ट तैयार किया जाता है।
इस क्लींजर को त्वचा पर कितनी देर रखना चाहिए?
इसे नहाने से पहले साफ त्वचा पर लगाकर 10 से 15 मिनट के लिए छोड़ देना चाहिए।
इस क्लींजर का इस्तेमाल हफ्ते में कितनी बार करना चाहिए?
सामान्य त्वचा पर इस प्राकृतिक क्लींजर का इस्तेमाल हफ्ते में 1 से 2 बार ही करना चाहिए।
क्या गर्दन का कालापन केवल गंदगी से होता है?
नहीं, गर्दन का कालापन तेज धूप, घर्षण, सूखी त्वचा या अन्य वजहों से भी हो सकता है।
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