दक्षिण कोरिया के केंद्रीय बैंक, बैंक ऑफ कोरिया की अगली मौद्रिक नीति बैठक पर बाज़ार की नज़रें टिक गई हैं। विश्लेषकों का मानना है कि केंद्रीय बैंक ने 27 अगस्त को होने वाली मौद्रिक नीति समिति (MPC) की बैठक में लगातार दूसरी बार ब्याज दर बढ़ाने का रास्ता खुला रखा है। यह पूरी तरह आने वाले आर्थिक आंकड़ों पर निर्भर करेगा, लेकिन इस संभावना को खारिज नहीं किया जा सकता।
यह आकलन सोसायटी जेनरल के अर्थशास्त्रियों की टिप्पणी पर आधारित है। उनका निष्कर्ष है कि बैंक ऑफ कोरिया ने अगस्त की बैठक में एक और दर वृद्धि की गुंजाइश छोड़ रखी है, भले ही अंतिम फैसला आंकड़ों से तय होगा।
गवर्नर के जवाब से मिला संकेत
गवर्नर शिन से जब लगातार दो बैठकों में ब्याज दर बढ़ाने की संभावना के बारे में पूछा गया, तो उनके जवाब के आधार पर विश्लेषकों ने माना कि 27 अगस्त की बैठक में एक और वृद्धि के जोखिम को नकारा नहीं जा सकता। संक्षेप में कहें तो यह एक अप्रत्यक्ष संकेत की तरह लगा कि केंद्रीय बैंक अगस्त में लगातार दूसरी बार दर बढ़ाने के लिए तैयार रह सकता है।
इसके साथ ही जुलाई की मौद्रिक नीति समिति के बयान को पहले से ज़्यादा सख्त यानी कड़ा माना गया। इस बयान से यही इशारा मिला कि आगे और दर वृद्धि हो सकती है। जब कोई केंद्रीय बैंक अपने बयान में कड़ा रुख अपनाता है, तो इसका आमतौर पर मतलब होता है कि वह महंगाई पर लगाम कसने के लिए ब्याज दरें ऊंची रखने या बढ़ाने के पक्ष में है।
महंगाई के आंकड़ों की तस्वीर
दूसरी ओर, कीमतों से जुड़े आंकड़े थोड़ी अलग कहानी कहते हैं। जून में उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) महीने-दर-महीने आधार पर 0.4% गिरा। यह अप्रैल 2020 के बाद किसी एक महीने में आई सबसे बड़ी गिरावट है। इस गिरावट ने सालाना महंगाई दर को मई के 4.2% से घटाकर 3.5% पर ला दिया और लगातार तीन महीने से चली आ रही तेज़ी की कड़ी को तोड़ दिया।
मूल यानी कोर महंगाई, जिसमें उतार-चढ़ाव वाली चीज़ों को हटा दिया जाता है, महीने के दौरान स्थिर रही। सालाना आधार पर यह घटकर 2.6% पर आ गई। दोनों ही आंकड़े बाज़ार के अनुमान से नीचे रहे।
आगे क्या
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि नरम पड़ती महंगाई और केंद्रीय बैंक के कड़े रुख के बीच 27 अगस्त की बैठक में क्या फैसला आता है। चूंकि गवर्नर शिन ने लगातार दूसरी वृद्धि का दरवाज़ा खुला रखा है, इसलिए बाज़ार की नज़र अब आने वाले हफ्तों के आर्थिक आंकड़ों पर रहेगी, क्योंकि वही तय करेंगे कि केंद्रीय बैंक अगला कदम उठाता है या नहीं।











