वैश्विक बाजारों से भले ही मिले-जुले संकेत आए हों, लेकिन गुरुवार 16 जुलाई को घरेलू शेयर बाजार ने इसकी परवाह किए बिना हरे निशान में कदम रखा। कारोबार की शुरुआत में ही सेंसेक्स 120 से ज्यादा अंक ऊपर चला गया और निफ्टी 24,100 के अहम स्तर के ऊपर टिकता दिखा। बाजार को यह मजबूती खास तौर पर आईटी और चुनिंदा दिग्गज ब्लूचिप शेयरों में लौटी खरीदारी से मिली। दूसरी तरफ, कमजोर तिमाही नतीजों की मार झेल रहे आईसीआईसीआई लोम्बार्ड के शेयर में जमकर बिकवाली हुई और यह करीब 10 फीसदी तक फिसल गया।
शुरुआती कारोबार में कहां पहुंचे सेंसेक्स और निफ्टी
शुरुआती घंटे में बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का सेंसेक्स 225.87 अंक की छलांग के साथ 77,411.30 के स्तर पर कारोबार कर रहा था। वहीं निफ्टी भी 67.30 अंक की बढ़त लेकर 24,145.80 पर पहुंच गया। बाजार में खरीदारी का माहौल कितना व्यापक था, इसका अंदाजा इसी बात से लगता है कि करीब 1543 शेयर तेजी के साथ हरे निशान में थे, जबकि 742 शेयरों में गिरावट रही और 144 शेयर बिना किसी बदलाव के टिके रहे। आज के सत्र में आईटी और ऑटोमोबाइल सेक्टर के शेयरों ने सबसे ज्यादा दम दिखाया। निफ्टी के टॉप गेनर्स की सूची में एचसीएल टेक, इंफोसिस, टेक महिंद्रा, हिंडाल्को और विप्रो जैसे नाम शामिल रहे। यह तेजी अचानक नहीं आई, बुधवार को भी सेंसेक्स और निफ्टी दोनों बढ़त के साथ बंद हुए थे, यानी बाजार का सकारात्मक रुख लगातार बना हुआ है।
पेटीएम और एचडीएफसी लाइफ में तगड़ी खरीदारी
बाजार के इस उत्साह भरे माहौल में पेटीएम और एचडीएफसी लाइफ जैसे बड़े शेयरों को निवेशकों का खूब साथ मिला और इन्होंने ऊपर की ओर अच्छी उड़ान भरी। हालांकि हर शेयर को इस तेजी का फायदा नहीं मिल पाया। निफ्टी पर गिरने वाले प्रमुख शेयरों में एसबीआई लाइफ इंश्योरेंस, ग्रासिम, ओएनजीसी, बजाज फिनसर्व और आयशर मोटर्स रहे, जो लाल निशान में सुस्त पड़े रहे। यानी बाजार भले ऊपर रहा हो, लेकिन कुछ हिस्सों में मुनाफावसूली और दबाव भी साफ दिखा।
आखिर क्यों धड़ाम हुआ आईसीआईसीआई लोम्बार्ड का शेयर
आज सबसे बड़ी चोट आईसीआईसीआई लोम्बार्ड जनरल इंश्योरेंस के निवेशकों को लगी, जिसका शेयर करीब 10 फीसदी तक क्रैश कर गया। इसकी वजह कंपनी की सेहत से जुड़ी रही। कंपनी ने बुधवार को चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही (Q1) के नतीजे जारी किए, जो उम्मीद से कमजोर निकले और इसी के बाद भारी बिकवाली शुरू हो गई। कंपनी का शुद्ध मुनाफा एक साल पहले के 747 करोड़ रुपये से घटकर 403 करोड़ रुपये पर आ गया, यानी करीब 46 फीसदी की सीधी गिरावट। कंपनी के मुताबिक, फायर इंश्योरेंस से जुड़े दो बड़े दावों और मोटर थर्ड पार्टी (TP) पोर्टफोलियो पर सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले का सीधा असर उसके मुनाफे पर पड़ा। राहत की बात सिर्फ इतनी रही कि कंपनी की कुल आय बढ़कर 6,813 करोड़ रुपये हो गई, जो पिछले साल इसी अवधि में 6,083 करोड़ रुपये थी। यानी कमाई तो बढ़ी, पर खर्चों और दावों ने मुनाफे को दबा दिया।











